भारत में चांदी की कीमतों ने एक बार फिर बाजार में हलचल मचा दी है। 13 मई 2026 को जारी ताजा रेट के मुताबिक देश में चांदी का भाव ₹310 प्रति ग्राम और ₹3,10,000 प्रति किलो पहुंच गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि चांदी की कीमतों में एक ही दिन में ₹20,000 प्रति किलो की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वैश्विक बाजार में बढ़ती अनिश्चितता, डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और औद्योगिक मांग में तेजी के कारण सिल्वर मार्केट में जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में चांदी की कीमतों में और अस्थिरता देखने को मिल सकती है।
आज भारत में कितना है चांदी का भाव?
Silver Price in India Today (13 May 2026)
| धातु | आज का भाव | बदलाव |
|---|---|---|
| चांदी (प्रति ग्राम) | ₹310 | +₹20 |
| चांदी (प्रति किलो) | ₹3,10,000 | +₹20,000 |
प्रमुख हिंदी रीडिंग शहरों में आज का चांदी का भाव
| शहर | 10 ग्राम | 100 ग्राम | 1 किलो |
|---|---|---|---|
| मुंबई | ₹3,100 | ₹31,000 | ₹3,10,000 |
| दिल्ली | ₹3,100 | ₹31,000 | ₹3,10,000 |
| कोलकाता | ₹3,300 | ₹33,000 | ₹3,30,000 |
| पुणे | ₹3,100 | ₹31,000 | ₹3,10,000 |
| वडोदरा | ₹3,100 | ₹31,000 | ₹3,10,000 |
| अहमदाबाद | ₹3,100 | ₹31,000 | ₹3,10,000 |
| जयपुर | ₹3,100 | ₹31,000 | ₹3,10,000 |
| लखनऊ | ₹3,100 | ₹31,000 | ₹3,10,000 |
| पटना | ₹3,100 | ₹31,000 | ₹3,10,000 |
| नागपुर | ₹3,100 | ₹31,000 | ₹3,10,000 |
| चंडीगढ़ | ₹3,100 | ₹31,000 | ₹3,10,000 |
| सूरत | ₹3,100 | ₹31,000 | ₹3,10,000 |
| भुवनेश्वर | ₹3,300 | ₹33,000 | ₹3,30,000 |
| नासिक | ₹3,100 | ₹31,000 | ₹3,10,000 |
| राजकोट | ₹3,100 | ₹31,000 | ₹3,10,000 |
| अयोध्या | ₹3,100 | ₹31,000 | ₹3,10,000 |
| कटक | ₹3,300 | ₹33,000 | ₹3,30,000 |
| गुरुग्राम | ₹3,100 | ₹31,000 | ₹3,10,000 |
| गाजियाबाद | ₹3,100 | ₹31,000 | ₹3,10,000 |
| नोएडा | ₹3,100 | ₹31,000 | ₹3,10,000 |
Source: Good Returns
क्यों अचानक उछल गई चांदी?
चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई बड़े कारण माने जा रहे हैं।
इनमें शामिल हैं:
- वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
- अमेरिका-ईरान तनाव
- औद्योगिक मांग में तेजी
- डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी
- और निवेशकों का सुरक्षित निवेश की तरफ झुकाव।
विशेषज्ञों के मुताबिक अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तनाव बना रहता है तो चांदी की कीमतों में और तेजी आ सकती है।
रुपये की कमजोरी का सीधा असर
भारत चांदी का बड़ा आयातक देश है। ऐसे में जब रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर पड़ता है, तो आयात महंगा हो जाता है। यानी भले ही अंतरराष्ट्रीय कीमत स्थिर रहे, लेकिन भारत में चांदी महंगी हो सकती है। हाल के दिनों में रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ है, जिसका असर कीमती धातुओं पर साफ दिखाई दे रहा है।
इंडस्ट्री में क्यों बढ़ रही मांग?
चांदी सिर्फ निवेश या ज्वेलरी तक सीमित नहीं है।
इसका इस्तेमाल:
- सोलर पैनल
- इलेक्ट्रॉनिक्स
- इलेक्ट्रिक व्हीकल
- मेडिकल डिवाइस
- और हाई-टेक इंडस्ट्री
में बड़े पैमाने पर होता है। ग्रीन एनर्जी सेक्टर में तेजी के कारण इंडस्ट्रियल डिमांड लगातार बढ़ रही है।
क्या निवेश के लिए सही समय है?
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि चांदी में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहता है, लेकिन लंबी अवधि में यह मजबूत रिटर्न दे सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेशक एकमुश्त निवेश की बजाय, SIP या चरणबद्ध तरीके से निवेश करें।
शादी और त्योहारों पर असर
भारत में शादी-ब्याह, धार्मिक आयोजन और त्योहारों में चांदी की मांग काफी ज्यादा रहती है। ऐसे में कीमतों में तेज बढ़ोतरी आम ग्राहकों की जेब पर असर डाल सकती है।
आगे क्या हो सकता है?
बुलियन मार्केट के जानकारों के मुताबिक अगर वैश्विक संकट बढ़ता है और डॉलर मजबूत बना रहता है तो चांदी की कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकती हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अचानक सुधार आने पर कीमतों में गिरावट भी संभव है।
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