प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से लोगों से एक साल तक गैर-जरूरी सोना न खरीदने की अपील के बाद अब देश का ज्वेलरी उद्योग खुलकर चिंता जताने लगा है। अखिल भारतीय जौहरी एवं स्वर्णकार महासंघ (AIJGF) ने इस मुद्दे पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर कहा है कि अगर सोने की खरीद में बड़ी गिरावट आती है तो देशभर में लगभग 3.5 करोड़ लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
महासंघ ने कहा कि सरकार का मकसद विदेशी मुद्रा बचाना हो सकता है, लेकिन इसका असर छोटे जौहरियों, कारीगरों, सुनारों और दिहाड़ी पर काम करने वाले लाखों परिवारों पर पड़ सकता है।
इसी बीच MCX पर मंगलवार सुबह सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। सुबह 9:45 बजे सोना 337 रुपये प्रति 10 ग्राम चढ़ा जबकि चांदी 3,587 रुपये प्रति किलो उछल गई।
AIJGF ने क्या कहा?
AIJGF ने माननीय वाणिज्य मंत्री जी को पत्र लिखकर निवेदन किया है कि सोना खरीद टालने की अपील से ज्वेलरी इकोसिस्टम से जुड़े 3.5 करोड़ भारतीयों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ सकता है।
पत्र में AIJGF ने कहा है कि demand suppression के बजाय देश में पड़े idle gold को mobilise करने के लिए… pic.twitter.com/jdvoAWwi2K
— AIJGF INDIA (@aijgf4india) May 12, 2026 ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को लिखे पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री की अपील ने पूरे ज्वेलरी और बुलियन सेक्टर में चिंता पैदा कर दी है।
महासंघ ने कहा कि वह विदेशी मुद्रा संरक्षण, महंगे कच्चे तेल और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता को लेकर सरकार की चिंताओं को समझता है। लेकिन सोने की खरीद टालने जैसी सार्वजनिक अपील का असर ज्वेलरी सेक्टर से जुड़े करोड़ों लोगों पर पड़ सकता है। AIJGF के मुताबिक भारत में लगभग 3.5 करोड़ लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ज्वेलरी और बुलियन उद्योग पर निर्भर हैं।
किन लोगों पर पड़ सकता है असर?
महासंघ ने कहा कि यह केवल सोना बेचने वाले व्यापारियों का मुद्दा नहीं है। इस उद्योग से जुड़े छोटे जौहरी, पारिवारिक ज्वेलरी दुकानें, बुलियन डीलर, सुनार, कारीगर, पॉलिश करने वाले, रत्न जड़ने वाले, हॉलमार्किंग सेंटर, रिफाइनर, ट्रांसपोर्टर, डिजाइनर और दिहाड़ी श्रमिक भी इस सेक्टर पर निर्भर हैं। AIJGF ने कहा कि मांग में गिरावट का पहला असर बड़े ब्रांड्स पर नहीं बल्कि छोटे व्यापारियों और कारीगरों पर पड़ेगा।
AIJGF ने सरकार को क्या सुझाव दिया?
महासंघ ने कहा कि सोने की खरीद कम कराने के बजाय सरकार को Gold Monetization और Bullion Banking Framework को मजबूत करना चाहिए। AIJGF के मुताबिक भारत में घरों और मंदिरों में बड़ी मात्रा में निष्क्रिय सोना पड़ा हुआ है। अगर उस सोने को formal financial system में लाया जाए तो विदेशी मुद्रा बचाने और आयात कम करने में मदद मिल सकती है।
PM मोदी ने क्या अपील की थी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से एक साल तक गैर-जरूरी सोना न खरीदने, पेट्रोल-डीजल बचाने, सार्वजनिक परिवहन इस्तेमाल करने और विदेशी यात्राएं टालने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि विदेशी मुद्रा संरक्षण और आर्थिक स्थिरता के लिए यह जरूरी है। पश्चिम एशिया संकट और महंगे कच्चे तेल के बीच सरकार import bill और forex pressure कम करने की कोशिश कर रही है।
MCX पर सोना-चांदी क्यों उछले?
मंगलवार सुबह MCX पर सोना 337 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 3,587 रुपये प्रति किलो तक उछल गई। विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिम एशिया तनाव, global uncertainty और safe haven demand की वजह से bullion prices में तेजी बनी हुई है।
भारत के लिए सोना इतना अहम क्यों?
भारत दुनिया के सबसे बड़े Gold consuming countries में शामिल है। देश में शादी-विवाह, निवेश, धार्मिक परंपरा और ग्रामीण बचत में सोने की बड़ी भूमिका है। यही वजह है कि गोल्ड सेक्टर भारत की employment economy का भी बड़ा हिस्सा माना जाता है।
क्या गोल्ड डिमांड में गिरावट आ सकती है?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार लगातार restraint messaging देती रही और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ी तो short-term demand slowdown देखने को मिल सकता है। हालांकि भारतीय बाजार में शादी और त्योहार आधारित मांग अब भी मजबूत मानी जाती है।
Why It Matters
भारत में ज्वेलरी उद्योग केवल luxury market नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी से जुड़ा सेक्टर है। ऐसे में अगर सोने की मांग अचानक घटती है तो इसका असर छोटे कारोबारियों, कारीगरों और ग्रामीण रोजगार पर पड़ सकता है। यही वजह है कि AIJGF सरकार से blanket appeal के बजाय structural reforms की मांग कर रहा है।
Gold Sector Snapshot
| फैक्टर | जानकारी |
|---|---|
| प्रभावित सेक्टर | ज्वेलरी और बुलियन |
| संभावित असर | 3.5 करोड़ लोगों की आजीविका |
| AIJGF की मांग | Bullion Bank Framework |
| PM मोदी की अपील | 1 साल तक गैर-जरूरी सोना न खरीदें |
| MCX Gold Move | +₹337 प्रति 10 ग्राम |
| MCX Silver Move | +₹3,587 प्रति किलो |
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