महाराष्ट्र सरकार की चर्चित Ladki Bahin Yojana योजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य सरकार ने लाभार्थियों के बड़े स्तर पर सत्यापन के बाद लाखों महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ई-केवाईसी, दस्तावेज जांच और पात्रता सत्यापन के बाद करीब 65 से 68 लाख महिलाओं को अपात्र घोषित किया गया है।
इस कार्रवाई के बाद योजना की अगली किस्त पर भी असर पड़ा है और मार्च-अप्रैल की कई किस्तें अब तक लंबित हैं। लाखों महिलाएं अब लाभार्थी सूची में अपना नाम चेक कर रही हैं क्योंकि जिन महिलाओं का नाम सूची से हट गया है, उन्हें अगली किस्त का लाभ नहीं मिलेगा।
2.46 करोड़ से घटकर 1.81 करोड़ रह गए लाभार्थी
जब यह योजना शुरू की गई थी तब करीब 2.46 करोड़ महिलाओं ने पंजीकरण कराया था। लेकिन हालिया सत्यापन अभियान के बाद पात्र लाभार्थियों की संख्या घटकर करीब 1.81 करोड़ रह गई है। यानी लगभग 65 से 68 लाख महिलाओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
सरकार का कहना है कि योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो पात्रता शर्तें पूरी करती हैं, समय पर ई-केवाईसी कराती हैं, सही दस्तावेज जमा करती हैं और सरकारी रिकॉर्ड में सत्यापित पाई जाती हैं। इसी वजह से लाभार्थी सूची में बड़े बदलाव किए गए हैं।
चुनाव से पहले शुरू हुई थी योजना
‘लाडकी बहिन’ योजना, जिसे कई लोग लाड़ली बहना योजना महाराष्ट्र के नाम से भी जानते हैं, वर्ष 2024 में विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की गई थी। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1500 की सहायता राशि देने का प्रावधान किया गया था।
कम समय में यह महाराष्ट्र की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में शामिल हो गई और करोड़ों महिलाओं ने इसका लाभ लेना शुरू कर दिया। राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इस योजना की काफी चर्चा हुई थी क्योंकि इसका सीधा फायदा महिलाओं को मिल रहा था।
क्यों कटे लाखों महिलाओं के नाम?
सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बड़ी संख्या में अपात्र लोग भी योजना का लाभ उठा रहे हैं। इसके बाद वर्ष 2025 में बड़े स्तर पर verification drive शुरू किया गया।
इस दौरान लाभार्थियों से ई-केवाईसी, दस्तावेज अपडेट, बैंक जानकारी और पात्रता प्रमाण मांगे गए।
सरकार ने नवंबर 2025 से कई बार अंतिम तारीख बढ़ाई, लेकिन साफ कर दिया गया था कि 30 अप्रैल अंतिम मौका होगा। इसके बाद जिन महिलाओं ने ई-केवाईसी नहीं कराया, दस्तावेज अपडेट नहीं किए या पात्रता नियम पूरे नहीं किए, उनके नाम सूची से हटा दिए गए।
अगली किस्त क्यों रुकी हुई है?
सत्यापन अभियान के चलते योजना की मार्च और अप्रैल की किस्त अब तक जारी नहीं हो सकी है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक verification process पूरा होने के बाद ही अगला भुगतान जारी किया जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि सरकार मई के अंत या जून में दो या तीन किस्तें एक साथ जारी कर सकती है। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
बजट में भी हुई कटौती
जब योजना लॉन्च की गई थी तब इसके लिए सालाना करीब ₹45 हजार करोड़ खर्च होने का अनुमान लगाया गया था। लेकिन बाद में 2025 बजट में इसे घटाकर ₹36 हजार करोड़ किया गया और 2026 में भी allocation कम होने की चर्चा रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि लाभार्थियों की संख्या कम होने और बढ़ते वित्तीय दबाव की वजह से सरकार खर्च नियंत्रित करना चाहती है।
अपात्र महिलाओं से पैसे की वसूली भी हो सकती है
सरकारी सूत्रों के मुताबिक जिन महिलाओं को अपात्र पाए जाने के बावजूद पहले योजना का लाभ मिल चुका है, उनसे राशि वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
हालांकि यह प्रक्रिया हर मामले में लागू होगी या नहीं, इस पर अंतिम फैसला प्रशासनिक स्तर पर लिया जाएगा। लेकिन इस खबर के बाद कई महिलाओं की चिंता बढ़ गई है।
कैसे चेक करें लाभार्थी सूची में अपना नाम?
अगर आप इस योजना की लाभार्थी हैं तो जल्द से जल्द आधिकारिक पोर्टल, संबंधित विभाग या स्थानीय कार्यालय से संपर्क कर अपना स्टेटस जरूर चेक करें।
साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि:
- ई-केवाईसी पूरी हो
- बैंक अकाउंट अपडेट हो
- दस्तावेज सही तरीके से जमा हों
अगर आपका नाम पात्र सूची में रहेगा तभी अगली किस्त का लाभ मिल पाएगा।
महिलाओं में क्यों बढ़ी चिंता?
योजना की किस्त रुकने और लाखों नाम हटने के बाद कई महिलाओं में असमंजस की स्थिति है। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की कई महिलाएं हर महीने मिलने वाली ₹1500 सहायता राशि पर निर्भर थीं। ऐसे में नाम कटने की खबर ने चिंता बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि verification जरूरी है, लेकिन सरकार को genuine beneficiaries को परेशान होने से बचाने के लिए grievance redressal system भी मजबूत करना होगा।
क्यों अहम है यह मामला?
महाराष्ट्र की यह योजना देश की सबसे बड़ी women welfare schemes में गिनी जाती है।
अगर लाखों महिलाओं के नाम हटते हैं तो इसका असर सरकारी खर्च, महिला कल्याण, ग्रामीण परिवारों की आय और राजनीतिक माहौल पर भी दिखाई दे सकता है।
यह मामला दिखाता है कि बड़े welfare schemes में verification और transparency कितना महत्वपूर्ण होता जा रहा है।
FAQ
लाड़ली बहना योजना महाराष्ट्र में लाखों महिलाएं अपात्र क्यों हुईं?
ई-केवाईसी न कराने, दस्तावेज अधूरे होने और पात्रता शर्तें पूरी न करने के कारण कई महिलाओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।
क्या अगली किस्त रुक गई है?
हाँ, सत्यापन प्रक्रिया के चलते कई लाभार्थियों की अगली किस्त फिलहाल लंबित है।
अगली किस्त कब जारी हो सकती है?
संभावना है कि मई के अंत या जून में भुगतान जारी किया जा सकता है, लेकिन आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
लाभार्थी सूची में नाम कैसे चेक करें?
आधिकारिक पोर्टल या संबंधित विभाग के कार्यालय में जाकर स्टेटस चेक किया जा सकता है।
अगर नाम कट गया है तो क्या करें?
ई-केवाईसी और दस्तावेज अपडेट कर संबंधित विभाग से संपर्क करना चाहिए।
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