अबू धाबी [यूएई], 12 अप्रैल: भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अपने आधिकारिक दौरे की शुरुआत भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात के साथ की। दौरे के पहले ही दिन उन्होंने प्रवासी भारतीयों के साथ बातचीत कर उनकी सुरक्षा और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय समुदाय से मुलाकात कर पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी साझा की।
उन्होंने कहा कि सरकार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, खासकर ऐसे समय में जब क्षेत्र में भू-राजनीतिक स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। जयशंकर ने यह भी बताया कि भारत सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।
भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना
जयशंकर ने यूएई में रह रहे भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने स्थानीय समाज में सकारात्मक भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि यूएई सरकार ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है।
भारत-UAE संबंधों को और मजबूत करने पर फोकस
यह दौरा 11-12 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें जयशंकर यूएई के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच Comprehensive Strategic Partnership को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। भारत और यूएई के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
ऊर्जा सुरक्षा पर विशेष ध्यान
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने बताया कि यह दौरा प्रधानमंत्री Narendra Modi के निर्देश पर किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि भारत न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने पर काम कर रहा है, बल्कि पड़ोसी देशों की भी मदद कर रहा है। हाल ही में श्रीलंका को 38 मीट्रिक टन पेट्रोलियम उत्पाद की आपूर्ति की गई है।
अन्य देशों के साथ भी ऊर्जा सहयोग
भारत, मॉरीशस के साथ तेल और गैस आपूर्ति को लेकर एक सरकारी समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। यह समझौता हिंद महासागर क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
निष्कर्ष
जयशंकर का यह यूएई दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में हालात लगातार बदल रहे हैं। इस दौरे से न सिर्फ भारत और यूएई के संबंध और मजबूत होंगे, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर भी ठोस प्रगति होने की उम्मीद है।
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