Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट में Pawan Hans Limited के हेलिकॉप्टर हादसे में गंभीर सुरक्षा चूक सामने आई है। यह दुर्घटना 24 फरवरी को Andaman and Nicobar Islands के मायाबंदर के पास हुई थी, जिसमें एक यात्री की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए।
क्या हुआ था हादसे के दिन?
AAIB के अनुसार:
- हेलिकॉप्टर ने रंगत हेलीपैड से उड़ान भरी थी
- गंतव्य मायाबंदर हेलीपैड था
- कुल 7 लोग सवार थे
हेलिकॉप्टर (Airbus AS365N3, रजिस्ट्रेशन VT-PHY) लैंडिंग के दौरान:
- बहुत तेज़ी से नीचे उतरा (high rate of descent)
- समुद्र में क्रैश लैंडिंग हुई
सबसे बड़ी चूक: Emergency Floats activate नहीं हुए
रिपोर्ट की सबसे अहम बात:
हेलिकॉप्टर के emergency flotation system (floats) सक्रिय नहीं हुए
AAIB ने स्पष्ट किया:
- Cockpit में floats “armed” नहीं थे
- जबकि SOP (Standard Operating Procedure) के अनुसार यह अनिवार्य था
नतीजा:
- हेलिकॉप्टर पानी में गिरते ही एक तरफ पलट गया
- समुद्र की गहराई कम (4–5 फीट) होने से आंशिक हिस्सा पानी से बाहर रहा
Float System क्या होता है?
हेलिकॉप्टर में लगाए गए floats:
- पानी में लैंडिंग के समय inflate होकर हेलिकॉप्टर को डूबने से बचाते हैं
- यह life-saving system होता है
इस केस में:
- सिस्टम मौजूद था
- लेकिन activate नहीं किया गया
DGCA को AAIB की सिफारिशें
Directorate General of Civil Aviation (DGCA) को रिपोर्ट में कई अहम सुझाव दिए गए:
- सभी commercial helicopter operators की spot checks की जाएं
- pilots को floats arm करने के नियमों पर sensitise किया जाए
- passenger safety gear (seat belts, life jackets) का सख्ती से पालन हो
हादसे में कितना नुकसान हुआ?
AAIB रिपोर्ट के अनुसार:
- 1 यात्री की मौत (तीन दिन बाद)
- 2 यात्री गंभीर रूप से घायल (एक शिशु सहित)
- 2 को मामूली चोटें
- दोनों पायलट सुरक्षित
Crew ने सभी यात्रियों को बाहर निकालकर rescue में मदद की।
Rescue और Medical Response
- यात्रियों को नाव के जरिए मायाबंदर अस्पताल ले जाया गया
- बाद में कुछ को Sri Vijaya Puram शिफ्ट किया गया
- घायल यात्रियों को 12 मार्च तक डिस्चार्ज कर दिया गया
क्यों अहम है यह रिपोर्ट?
यह घटना भारत में helicopter safety standards पर गंभीर सवाल उठाती है।
मुख्य चिंताएं:
- SOP का पालन नहीं होना
- critical safety systems का उपयोग न करना
- regulatory monitoring की जरूरत
आगे क्या?
AAIB की रिपोर्ट के बाद:
- DGCA सख्त guidelines जारी कर सकता है
- helicopter operators की जांच बढ़ सकती है
- aviation safety norms को और मजबूत किया जा सकता है
निष्कर्ष
Aircraft Accident Investigation Bureau की रिपोर्ट से साफ है कि यह हादसा केवल तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि मानव त्रुटि (human error) और SOP के उल्लंघन का परिणाम था।
यदि safety protocols का पालन किया जाता, तो नुकसान कम हो सकता था।
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