मिडिल ईस्ट में US, इज़राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध ने एक नया खतरनाक मोड़ ले लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने NATO की प्रतिक्रिया पर अपनी नाराजगी जताई और कहा कि गठबंधन उनकी अपेक्षाओं के अनुसार मदद नहीं कर रहा।
🔹 ट्रम्प ने NATO पर निशाना साधा
ट्रम्प ने एक व्यवसाय सम्मेलन में कहा:
“मैं हमेशा कहता रहा हूँ कि NATO सिर्फ एक कागज़ का बाघ है। हमने हमेशा NATO की मदद की, लेकिन वे कभी हमारी मदद नहीं करेंगे।”
उनका यह बयान मिडिल ईस्ट में युद्ध की अंतरराष्ट्रीय राजनीति और गठबंधन की भूमिका पर सवाल खड़ा करता है।
🔹 ईरान की चेतावनी
- ईरानी विदेश मंत्री अब्दुल्ला अराघची ने चेतावनी दी कि इज़राइल द्वारा दो नागरिक परमाणु साइट्स और स्टील फैक्ट्रियों पर हमले के बाद ईरान भारी कीमत वसूल सकता है।
- ईरान की सेना ने कहा कि अमेरिका और इज़राइल आग के साथ खेल रहे हैं, विशेषकर ईरान की ऊर्जा अवसंरचना पर हमला करके।
- ईरान की परमाणु एजेंसी ने पुष्टि की कि Ardakan Yellowcake Plant और Khondab Heavy Water Facility पर हुए हमलों में कोई रेडिएशन लीक नहीं हुआ।
🔹 अमेरिकी प्रतिक्रिया और युद्ध की रणनीति
- अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिका बिना जमीनी सैनिकों के अपने युद्ध लक्ष्य हासिल कर सकता है।
- उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध का अंत हफ्तों में हो सकता है, महीनों में नहीं।
- संयुक्त स्ट्राइक से ईरान की सैन्य और ऊर्जा क्षमता पर प्रभाव पड़ा है, लेकिन संघर्ष अभी जारी है।
🔹 क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति
- तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने कहा कि वे पाकिस्तान में मिस्र, सऊदी अरब और पाकिस्तान के समकक्षों से मुलाकात करेंगे, ताकि US‑Israel और Iran युद्ध पर चर्चा हो सके।
- इस कदम का उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव को कम करना और बातचीत के रास्ते तलाशना है।
🔹 लेबनान में स्थिति
- लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2 मार्च से अब तक 1,142 लोग मारे गए और 3,315 लोग घायल हुए हैं।
- इज़राइल के हवाई हमलों ने बीरुत के दक्षिणी उपनगरों और लेबनान के गांवों में भारी तबाही मचाई है।
- रेस्क्यू टीम लगातार प्रभावित क्षेत्रों में मदद कर रही है।
📌 निष्कर्ष
मिडिल ईस्ट में US-Israel-Iran युद्ध लगातार गंभीर होता जा रहा है। NATO की अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और ट्रम्प की नाराजगी, ईरान की चेतावनी और लेबनान में नागरिक हताहतों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय कूटनीति और क्षेत्रीय प्रयास बहुत महत्वपूर्ण हैं। आने वाले हफ्तों में स्थिति वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से गंभीर परिणाम ला सकती है।
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Author: Namam Sharma
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Namam Sharma NewsJagran में बिज़नेस और फाइनेंस खबरों को कवर करते हैं।
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