HGS IPO Listing: एचजीएस (इंडिया) के आईपीओ ने शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की है। ₹120 के इश्यू प्राइस वाला शेयर NSE SME पर ₹160 पर लिस्ट हुआ और लिस्टिंग के बाद 40% तक उछलकर ₹168 के अपर सर्किट पर पहुंच गया। इससे आईपीओ में निवेश करने वाले निवेशकों को हर लॉट पर ₹57,600 का मुनाफा हुआ है। कंपनी के आईपीओ को 248 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला था।
HGS IPO Listing: निवेशकों को मिला 40% का शानदार रिटर्न
एचजीएस (इंडिया) के शेयरों की NSE SME प्लेटफॉर्म पर शानदार लिस्टिंग हुई। कंपनी ने अपने आईपीओ के तहत शेयरों का इश्यू प्राइस ₹120 तय किया था। इसके मुकाबले शेयर ₹160 पर लिस्ट हुए। इस तरह निवेशकों को पहले ही दिन 33.33 फीसदी का लिस्टिंग गेन मिला।
हालांकि, शेयर बाजार में कारोबार शुरू होने के बाद इसमें खरीदारी का रुझान और मजबूत हुआ। शेयर की कीमत बढ़कर ₹168 पर पहुंच गई, जो इसका अपर सर्किट स्तर था। इस भाव पर आईपीओ में पैसा लगाने वाले निवेशक 40 फीसदी के मुनाफे में आ गए।
इस आईपीओ का लॉट साइज 1,200 शेयर था। यानी एक लॉट के लिए निवेशकों को ₹1,44,000 लगाने पड़े थे। ₹168 के भाव पर एक लॉट की वैल्यू बढ़कर ₹2,01,600 हो गई। इस हिसाब से प्रति लॉट ₹57,600 का मुनाफा हुआ।
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| इश्यू प्राइस | ₹120 प्रति शेयर |
| लॉट साइज | 1,200 शेयर |
| एक लॉट का निवेश | ₹1,44,000 |
| NSE SME पर लिस्टिंग प्राइस | ₹160 |
| लिस्टिंग गेन | 33.33% |
| अपर सर्किट प्राइस | ₹168 |
| मौजूदा मुनाफा प्रति शेयर | ₹48 |
| एक लॉट पर मुनाफा | ₹57,600 |
| कुल रिटर्न | 40% |
HGS IPO को मिला था 248 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन
एचजीएस का ₹34.56 करोड़ का आईपीओ 30 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। निवेशकों ने इस इश्यू में जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई थी। आईपीओ कुल मिलाकर 248.58 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
निवेशकों की अलग-अलग कैटेगरी में भी मजबूत मांग देखने को मिली।
| निवेशक श्रेणी | सब्सक्रिप्शन |
|---|---|
| QIB (एक्स-एंकर) | 137.92 गुना |
| NII | 424.67 गुना |
| रिटेल निवेशक | 235.72 गुना |
| कुल सब्सक्रिप्शन | 248.58 गुना |
गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की तरफ से सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई गई। इस कैटेगरी का हिस्सा 424.67 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं, रिटेल निवेशकों का हिस्सा भी 235.72 गुना भरा था। इस तरह आईपीओ को सभी प्रमुख निवेशक श्रेणियों से शानदार प्रतिक्रिया मिली।
HGS IPO से जुटाए गए पैसों का क्या करेगी कंपनी?
एचजीएस ने इस आईपीओ के जरिए कुल ₹34.56 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा था। इसमें फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) दोनों शामिल थे।
आईपीओ के तहत करीब ₹28.17 करोड़ के नए शेयर जारी किए गए, जबकि ₹10 की फेस वैल्यू वाले 5.54 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल के तहत बेचे गए।
यहां निवेशकों के लिए समझना जरूरी है कि फ्रेश इश्यू से मिलने वाला पैसा कंपनी के पास जाता है, जबकि OFS के तहत शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को रकम मिलती है।
कंपनी फ्रेश इश्यू से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कारोबारी विस्तार और मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए करेगी।
| पैसे का इस्तेमाल | प्रस्तावित रकम |
|---|---|
| मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में प्लांट और मशीनरी बदलना | ₹15.05 करोड़ |
| इन-हाउस गोल्ड प्लेटिंग फैसिलिटी स्थापित करना | ₹1.05 करोड़ |
| इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट | ₹3.26 करोड़ |
| अधिग्रहण और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्य | ₹5.88 करोड़ |
| आईपीओ से जुड़े खर्च | ₹3.31 करोड़ |
इन योजनाओं में सबसे बड़ा हिस्सा मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में प्लांट और मशीनरी को बदलने पर खर्च किया जाएगा। इसके अलावा, इन-हाउस गोल्ड प्लेटिंग फैसिलिटी स्थापित करने से कंपनी को अपनी उत्पादन प्रक्रिया पर बेहतर नियंत्रण मिल सकता है।
क्या काम करती है HGS (India)?
एचजीएस (इंडिया) एक ऐसी कंपनी है जो विशेष प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक और जियोफिजिकल इक्विपमेंट्स का निर्माण करती है। इसके उत्पादों का इस्तेमाल जमीन के नीचे मौजूद खनिजों, तेल और प्राकृतिक गैस के भंडार का पता लगाने के लिए किया जाता है।
कंपनी ऐसे उपकरणों के लिए सेंसर, तार, केबल और कनेक्टर तैयार करती है, जो भूगर्भीय सर्वेक्षण और खोज से जुड़े कामों में इस्तेमाल होते हैं।
कंपनी की शुरुआत अमेरिका की जियोसोर्स इंक के साथ तकनीकी और वित्तीय सहयोग से हुई थी। इसके उत्पाद HD ब्रांड के नाम से बेचे जाते हैं।
एचजीएस के प्रमुख उत्पादों में शामिल हैं:
- जियोफोन और जियोफोन स्ट्रिंग।
- सेस्मिक केबल्स।
- विभिन्न प्रकार के कनेक्टर्स।
- जियोफिजिकल इक्विपमेंट्स और एक्सेसरीज।
कंपनी के उत्पादों का इस्तेमाल सिर्फ ऑयल और गैस सेक्टर तक सीमित नहीं है। इनकी मांग मिनरल एक्सप्लोरेशन, डिफेंस, भूकंप निगरानी, वाइब्रेशन एनालिसिस और जियोसाइंस जैसे क्षेत्रों में भी रहती है। कंपनी अपने उत्पादों का निर्यात भी करती है।
HGS की वित्तीय सेहत कैसी है?
किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले कंपनी के कारोबार और वित्तीय प्रदर्शन को समझना जरूरी है। एचजीएस के वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले कुछ वर्षों में कंपनी के मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है।
वित्त वर्ष 2024 से वित्त वर्ष 2026 के बीच कंपनी का शुद्ध मुनाफा करीब 71 फीसदी की सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹11.64 करोड़ पर पहुंच गया। इसी अवधि में कंपनी की कुल आय 13 फीसदी से अधिक की CAGR से बढ़कर ₹48.91 करोड़ हो गई।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 के शुरुआती महीने अप्रैल 2026 में ₹1.11 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹3.79 करोड़ की कुल आय दर्ज की थी।
इसके अलावा, अप्रैल 2026 के अंत तक कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में ₹91.80 करोड़ की रकम मौजूद थी। ये आंकड़े कंपनी की वित्तीय स्थिति और कारोबार में आई वृद्धि को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
HGS IPO Listing के बाद निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
एचजीएस के आईपीओ की शानदार लिस्टिंग और अपर सर्किट तक पहुंचना निवेशकों के लिए उत्साहजनक रहा है। हालांकि, केवल लिस्टिंग गेन के आधार पर किसी कंपनी में लंबी अवधि के निवेश का फैसला करना सही नहीं है।
कंपनी का कारोबार एक विशेष क्षेत्र से जुड़ा है। इसलिए भविष्य में इसकी ग्रोथ काफी हद तक ऑयल एंड गैस, मिनरल एक्सप्लोरेशन, डिफेंस और अन्य संबंधित क्षेत्रों की मांग पर निर्भर कर सकती है।
निवेशकों को कंपनी की ऑर्डर बुक, ग्राहकों पर निर्भरता, मुनाफे में बढ़ोतरी, कैश फ्लो और भविष्य की विस्तार योजनाओं पर भी नजर रखनी चाहिए।
इसके अलावा, SME शेयरों में लिक्विडिटी और कीमतों में उतार-चढ़ाव का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है। अपर सर्किट लगने का मतलब यह नहीं है कि शेयर की कीमत आगे भी इसी रफ्तार से बढ़ती रहेगी।
इसलिए निवेश का फैसला कंपनी के फंडामेंटल्स और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। SME शेयरों में कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव और लिक्विडिटी से जुड़े जोखिम हो सकते हैं। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें। NewsJagran किसी भी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं देता।


