अगर आप हर महीने अपनी कमाई का एक हिस्सा बचाकर भविष्य के लिए बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं, तो Recurring Deposit (RD) यानी आवर्ती जमा आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें आपको हर महीने एक निश्चित रकम जमा करनी होती है और तय ब्याज दर के अनुसार मैच्योरिटी पर एकमुश्त पैसा मिलता है। खास बात यह है कि इसमें शेयर बाजार की तरह उतार-चढ़ाव का जोखिम नहीं होता।
लेकिन जब बात RD में निवेश करने की आती है, तो निवेशकों के सामने अक्सर दो बड़े विकल्प होते हैं। पहला पोस्ट ऑफिस की Recurring Deposit स्कीम और दूसरा देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक State Bank of India (SBI) की RD स्कीम। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 जमा करे और 10 साल तक निवेश जारी रखे, तो उसे पोस्ट ऑफिस या SBI में से कहां ज्यादा रिटर्न मिलेगा?
इस सवाल का जवाब समझने के लिए दोनों योजनाओं की ब्याज दर, निवेश की अवधि, मैच्योरिटी और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर नजर डालना जरूरी है।
Recurring Deposit (RD) क्या है?
Recurring Deposit यानी RD एक ऐसी बचत योजना है, जिसमें निवेशक को हर महीने एक निश्चित रकम जमा करनी होती है। बैंक या पोस्ट ऑफिस इस जमा राशि पर निर्धारित ब्याज देता है। निवेश की अवधि पूरी होने के बाद मूलधन और ब्याज मिलाकर मैच्योरिटी अमाउंट दिया जाता है।
इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें एक साथ बड़ी रकम निवेश करने की जरूरत नहीं होती। आप अपनी मासिक आय के हिसाब से छोटी या बड़ी किस्त चुन सकते हैं।
नौकरीपेशा लोगों, छोटे कारोबारियों और नियमित बचत करने वाले निवेशकों के लिए RD एक उपयोगी विकल्प हो सकती है।
Post Office RD की ब्याज दर और नियम
पोस्ट ऑफिस की National Savings Recurring Deposit Account स्कीम छोटी बचत करने वालों के बीच काफी लोकप्रिय है। इसमें सरकार की ओर से निर्धारित ब्याज दर मिलती है।
अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही के लिए पोस्ट ऑफिस RD पर 6.7% सालाना ब्याज दिया जा रहा है। इस योजना में ब्याज की गणना तिमाही चक्रवृद्धि आधार पर होती है।
पोस्ट ऑफिस RD की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- ब्याज दर: 6.7% सालाना।
- न्यूनतम मासिक जमा: ₹100।
- निवेश की अवधि: 5 साल।
- ब्याज की गणना: तिमाही चक्रवृद्धि आधार पर।
- अधिकतम जमा सीमा: कोई निर्धारित अधिकतम सीमा नहीं।
- एक्सटेंशन: मैच्योरिटी के बाद खाते को आगे 5 साल तक बढ़ाने का विकल्प।
- सुरक्षा: भारत सरकार की छोटी बचत योजना।
यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। पोस्ट ऑफिस RD की मूल अवधि 10 साल नहीं, बल्कि 5 साल होती है। हालांकि, मैच्योरिटी के बाद खाते को अगले 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है। इस तरह निवेशक कुल 10 साल तक इस योजना से जुड़े रह सकते हैं।
SBI RD की ब्याज दर और नियम
State Bank of India यानी SBI भी अपने ग्राहकों को Recurring Deposit की सुविधा देता है। इसमें निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार अवधि चुन सकते हैं। SBI RD की अवधि 1 साल से लेकर 10 साल तक हो सकती है।
SBI में RD पर मिलने वाला ब्याज संबंधित अवधि के टर्म डिपॉजिट की ब्याज दरों के आधार पर निर्धारित होता है। 15 दिसंबर 2025 से लागू बैंक की सार्वजनिक ब्याज दरों के अनुसार 5 साल से लेकर 10 साल तक की अवधि पर सामान्य ग्राहकों के लिए 6.05% सालाना ब्याज दर उपलब्ध है।
SBI RD की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- ब्याज दर: चुनी गई अवधि के टर्म डिपॉजिट की लागू दर के अनुसार।
- 10 साल की अवधि: उपलब्ध।
- मासिक निवेश: अपनी बचत के अनुसार निर्धारित किस्त।
- वरिष्ठ नागरिक: पात्रता के अनुसार अतिरिक्त ब्याज का लाभ।
- लोन की सुविधा: जमा राशि के बदले लोन या ओवरड्राफ्ट की सुविधा उपलब्ध हो सकती है।
- खाता प्रबंधन: बैंक शाखा और उपलब्ध डिजिटल बैंकिंग माध्यमों से सुविधा।
SBI RD का एक फायदा यह है कि निवेशक को सीधे 10 साल की अवधि चुनने का विकल्प मिलता है। हालांकि, निवेश शुरू करने से पहले खाते की अवधि के अनुसार लागू ब्याज दर जरूर जांचनी चाहिए।
हर महीने ₹10,000 निवेश करने पर कितना बनेगा फंड?
अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल पर आते हैं। अगर कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 जमा करता है, तो 10 साल में उसका कुल निवेश कितना होगा और मैच्योरिटी पर कितनी रकम मिल सकती है?
सबसे पहले निवेश की गणना समझते हैं।
- मासिक निवेश: ₹10,000
- कुल अवधि: 10 साल यानी 120 महीने
- कुल जमा किस्तें: 120
- कुल निवेश: ₹12,00,000
यानी निवेशक 10 साल में अपनी जेब से कुल 12 लाख रुपये जमा करेगा। इसके बाद मिलने वाला ब्याज उसकी कुल कमाई होगी।
Post Office RD में 10 साल का कैलकुलेशन
पोस्ट ऑफिस RD की मूल अवधि 5 साल है। इसलिए 10 साल के निवेश की गणना करते समय पहले 5 साल की मैच्योरिटी और उसके बाद खाते के एक्सटेंशन के नियमों को समझना जरूरी है।
पोस्ट ऑफिस की उपलब्ध मैच्योरिटी तालिका के अनुसार, 6.7% ब्याज दर पर 10 साल तक हर महीने ₹100 जमा करने पर लगभग ₹17,085.46 मिलते हैं।
इसी आधार पर ₹10,000 की मासिक किस्त के लिए उदाहरणात्मक गणना इस प्रकार होगी:
- मासिक निवेश: ₹10,000
- निवेश की अवधि: 10 साल
- कुल जमा राशि: ₹12,00,000
- अनुमानित मैच्योरिटी राशि: ₹17,08,546
- अनुमानित ब्याज: ₹5,08,546
यह गणना 10 साल के एक्सटेंशन मॉडल पर आधारित है। वास्तविक मैच्योरिटी खाते के एक्सटेंशन, लागू ब्याज दर और संबंधित नियमों के अनुसार अलग हो सकती है।
SBI RD में 10 साल का कैलकुलेशन
SBI में निवेशक सीधे 10 साल की RD अवधि चुन सकता है। 5 साल से 10 साल तक की अवधि के लिए सामान्य ग्राहकों की लागू ब्याज दर 6.05% सालाना है।
इस ब्याज दर को आधार मानकर तिमाही चक्रवृद्धि की गणना से अनुमानित मैच्योरिटी राशि इस प्रकार हो सकती है:
- मासिक निवेश: ₹10,000
- निवेश की अवधि: 10 साल
- कुल जमा राशि: ₹12,00,000
- अनुमानित मैच्योरिटी राशि: लगभग ₹16,40,551
- अनुमानित ब्याज: लगभग ₹4,40,551
यह एक अनुमानित कैलकुलेशन है। वास्तविक राशि बैंक की किस्त जमा करने की तारीख, ब्याज गणना और खाते की शर्तों के अनुसार अलग हो सकती है।
Post Office RD Vs SBI RD: किसमें मिलेगा ज्यादा रिटर्न?
दोनों योजनाओं की तुलना करने पर पोस्ट ऑफिस RD की मौजूदा 6.7% ब्याज दर SBI की 5 से 10 साल वाली 6.05% दर से अधिक है।
हालांकि, दोनों योजनाओं की अवधि और एक्सटेंशन के नियम अलग हैं। पोस्ट ऑफिस RD में 5 साल बाद एक्सटेंशन करना पड़ता है, जबकि SBI में सीधे 10 साल की अवधि चुनी जा सकती है।
अगर ऊपर दिए गए उदाहरणात्मक कैलकुलेशन को देखें, तो पोस्ट ऑफिस RD में मैच्योरिटी राशि लगभग ₹17.08 लाख और SBI RD में लगभग ₹16.40 लाख बनती है। इस आधार पर पोस्ट ऑफिस RD में करीब ₹68,000 अधिक राशि मिल सकती है।
लेकिन यह अंतर भविष्य की ब्याज दरों और एक्सटेंशन के नियमों पर निर्भर करेगा। इसलिए इसे निश्चित या गारंटीड 10 साल का रिटर्न नहीं समझना चाहिए।
निवेश करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
RD में निवेश करने से पहले केवल ब्याज दर देखकर फैसला करना सही नहीं है। निवेशक को कुछ अन्य पहलुओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
1. ब्याज दर में बदलाव: पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा तिमाही आधार पर होती है। वहीं SBI की ब्याज दरें बैंक की लागू दरों के अनुसार बदल सकती हैं।
2. निवेश की अवधि: पोस्ट ऑफिस RD की मूल अवधि 5 साल है। इसे आगे बढ़ाने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। SBI में 10 साल तक की अवधि का विकल्प उपलब्ध है।
3. समय से पहले पैसा निकालना: दोनों योजनाओं में समय से पहले खाता बंद करने पर निर्धारित शर्तें लागू होती हैं। इसलिए निवेश से पहले इनके नियम जरूर पढ़ें।
4. टैक्स का ध्यान रखें: RD से मिलने वाला ब्याज आपकी आय में शामिल होता है और लागू आयकर स्लैब के अनुसार टैक्स देय हो सकता है। केवल ब्याज दर देखकर वास्तविक मुनाफे का अनुमान नहीं लगाना चाहिए।
निष्कर्ष: Post Office RD या SBI RD, कौन है बेहतर?
अगर आपका उद्देश्य हर महीने नियमित बचत करना और सरकारी छोटी बचत योजना में निवेश करना है, तो पोस्ट ऑफिस RD एक अच्छा विकल्प हो सकती है। फिलहाल इसकी ब्याज दर 6.7% है, जो SBI की 5 से 10 साल वाली सामान्य ग्राहक दर 6.05% से अधिक है।
दूसरी ओर, SBI RD उन निवेशकों के लिए सुविधाजनक हो सकती है जो सीधे 10 साल की अवधि चुनना चाहते हैं और बैंकिंग सुविधाओं के साथ अपनी बचत को मैनेज करना पसंद करते हैं।
हालांकि, निवेश का अंतिम फैसला करने से पहले दोनों संस्थानों की नवीनतम ब्याज दरों, मैच्योरिटी कैलकुलेशन और समय से पहले निकासी की शर्तों की तुलना जरूर करें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य वित्तीय जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई मैच्योरिटी राशि उदाहरणात्मक गणना पर आधारित है। वास्तविक रिटर्न ब्याज दर, निवेश की तारीख, अवधि और योजना के नियमों के अनुसार अलग हो सकता है। निवेश से पहले संबंधित बैंक या पोस्ट ऑफिस से जानकारी जरूर प्राप्त करें।


