Silver Gold Price Today: घरेलू कमोडिटी मार्केट में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। एमसीएक्स पर दोनों प्रमुख कीमती धातुओं में शुरुआती उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की नजर ग्लोबल संकेतों, डॉलर की चाल और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम पर बनी हुई है। ऐसे माहौल में कमोडिटी एक्सपर्ट्स ने सोने और चांदी में संभावित ट्रेडिंग लेवल भी बताए हैं।
एमसीएक्स पर सोना और चांदी कमजोर
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे एमसीएक्स पर सोने का अक्टूबर वायदा 367 रुपये यानी 0.24 फीसदी की गिरावट के साथ 1,52,349 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था। इसी तरह चांदी का दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट 254 रुपये यानी 0.11 फीसदी कमजोर होकर करीब 2,40,142 रुपये पर नजर आया।
बाजार में सोने की कीमतों पर कई अंतरराष्ट्रीय कारकों का असर दिखाई दे रहा है। एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी के वीपी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, जियोपॉलिटिकल परिस्थितियों के कारण सोने में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। उनके अनुसार, सोने की कीमत 1,51,000 रुपये से 1,54,500 रुपये के दायरे में रह सकती है।
हाल के कारोबार में सोने ने 1,51,850 रुपये से 1,53,350 रुपये के बीच उतार-चढ़ाव दिखाया है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सोने को कुछ समर्थन मिला, लेकिन डॉलर इंडेक्स के 100 के ऊपर जाने से कीमती धातु पर दबाव भी बना।
इन ग्लोबल घटनाओं पर रहेगी बाजार की नजर
आने वाले कारोबार में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली घटनाएं सोने और चांदी की दिशा के लिए महत्वपूर्ण रह सकती हैं। बाजार की नजर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संयुक्त राष्ट्र (UN) भाषण, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा से जुड़े घटनाक्रम और होर्मुज़ जलडमरूमध्य की स्थिति पर रहेगी।
इन घटनाओं से जुड़ी कोई बड़ी खबर सामने आने पर निवेशकों की सुरक्षित निवेश वाली मांग प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी ब्याज दरों की दिशा भी कीमती धातुओं के लिए महत्वपूर्ण संकेत बनी हुई है।
चांदी का आउटलुक क्या है?
चांदी में भी फिलहाल काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। वेंचुरा के कमोडिटी और सीआरएम हेड एनएस रामास्वामी के मुताबिक, चांदी में भारी उतार-चढ़ाव के साथ 63 से 75 डॉलर प्रति औंस के दायरे में स्थिरता देखने को मिल सकती है।
उनके अनुसार ब्याज दरों और डॉलर में होने वाले उतार-चढ़ाव के कारण चांदी की कीमतों में संतुलन बना हुआ है। चांदी पर औद्योगिक मांग के साथ-साथ कीमती धातु के रूप में निवेश मांग का भी असर पड़ता है, इसलिए इसमें सोने की तुलना में अलग तरह की अस्थिरता देखने को मिल सकती है।
दूसरी कमोडिटीज में क्या चल रहा है?
सोने-चांदी के अलावा एमसीएक्स पर दूसरी प्रमुख कमोडिटीज में भी अलग-अलग रुझान देखने को मिले। दोपहर के आसपास:
| कमोडिटी | कॉन्ट्रैक्ट | बदलाव | कीमत |
|---|---|---|---|
| कॉपर | सितंबर | -0.46% | 1,409 रुपये |
| क्रूड ऑयल | अक्टूबर | -0.90% | 8,566 रुपये |
| नैचुरल गैस | सितंबर | +2.30% | 289 रुपये |
कॉपर और क्रूड ऑयल में दबाव देखने को मिला, जबकि नैचुरल गैस बढ़त के साथ कारोबार करती नजर आई। खासकर कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव का असर आने वाले समय में महंगाई, मुद्रा और कमोडिटी बाजार के व्यापक रुझान पर भी पड़ सकता है।
गोल्ड में क्या है एक्सपर्ट का ट्रेडिंग कॉल?
केडिया एडवाइजरी के अजय केडिया ने एमसीएक्स गोल्ड अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट में करीब 1,52,000 रुपये के स्तर पर खरीदारी की रणनीति बताई है। उनके मुताबिक इसमें 1,51,000 रुपये का स्टॉप लॉस रखते हुए 1,54,000 रुपये का लक्ष्य देखा जा सकता है।
इस तरह एक्सपर्ट की रणनीति में एंट्री, स्टॉप लॉस और लक्ष्य तीनों स्तर स्पष्ट हैं। हालांकि वास्तविक ट्रेड में कीमत तेजी से बदल सकती है, इसलिए किसी भी पोजीशन से पहले बाजार की मौजूदा स्थिति और जोखिम को ध्यान में रखना जरूरी है।
सिल्वर में भी खरीदारी की रणनीति
अजय केडिया के मुताबिक एमसीएक्स सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट में करीब 2,39,000 रुपये के स्तर पर खरीदारी की जा सकती है। इसके लिए उन्होंने 2,37,000 रुपये का स्टॉप लॉस और 2,44,000 रुपये का लक्ष्य बताया है।
सोने की तरह चांदी में भी जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम, डॉलर, ब्याज दरों और ग्लोबल कमोडिटी मार्केट की चाल का असर पड़ सकता है। इसलिए दिए गए ट्रेडिंग लेवल को निश्चित रिटर्न की गारंटी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
फिलहाल एमसीएक्स पर सोने और चांदी में मिला-जुला कारोबार है और अंतरराष्ट्रीय संकेतों के कारण दोनों धातुओं में अस्थिरता बनी रह सकती है। सोने के लिए 1,51,000 रुपये के आसपास का स्तर और ऊपरी तरफ 1,54,000-1,54,500 रुपये का जोन बाजार की नजर में महत्वपूर्ण रह सकता है। वहीं चांदी में 2,37,000 रुपये के आसपास का स्तर एक्सपर्ट की बताई ट्रेडिंग रणनीति में स्टॉप लॉस के रूप में सामने आया है।
कमोडिटी फ्यूचर्स में कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव हो सकता है। इसलिए केवल किसी एक्सपर्ट के ट्रेडिंग कॉल के आधार पर पोजीशन लेने के बजाय अपनी जोखिम क्षमता और निवेश उद्देश्य को ध्यान में रखना जरूरी है।
Source: Moneycontrol की रिपोर्ट और बाजार विशेषज्ञों के बयानों पर आधारित।
डिस्क्लेमर: NewsJagran.in पर प्रकाशित यह जानकारी बाजार में उपलब्ध आंकड़ों और विशेषज्ञों के विचारों पर आधारित है। इसे निवेश की सलाह या किसी कमोडिटी को खरीदने अथवा बेचने की सिफारिश न माना जाए। कमोडिटी फ्यूचर्स में जोखिम होता है। निवेश या ट्रेडिंग का निर्णय लेने से पहले अपने सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।


