Phychem IPO Listing: रोटो मोल्डिंग कंपाउंड्स बनाने वाली फिकेम टेक्नोलॉजीज के शेयरों ने BSE SME प्लेटफॉर्म पर प्रीमियम के साथ एंट्री की है। कंपनी के आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी और इश्यू कुल मिलाकर 20 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था। ₹54 के इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर ₹56 पर लिस्ट हुए, जिससे आईपीओ निवेशकों को शुरुआती तौर पर 3.70% का लिस्टिंग गेन मिला।
लिस्टिंग के बाद शेयर में खरीदारी और बढ़ी। कारोबार के दौरान फिकेम टेक्नोलॉजीज का शेयर बढ़कर ₹58.50 तक पहुंच गया। इस स्तर पर आईपीओ निवेशकों का मुनाफा करीब 8.33% हो गया।
₹15 करोड़ का था Phychem IPO
फिकेम टेक्नोलॉजीज का करीब ₹15 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 31 अगस्त से 2 सितंबर 2026 तक खुला था। इश्यू को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला और यह कुल 20.79 गुना सब्सक्राइब हुआ।
निवेशकों की अलग-अलग कैटेगरी में भी मजबूत मांग देखने को मिली। QIB कैटेगरी का हिस्सा 4.31 गुना, NII कैटेगरी 42.41 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 20.76 गुना सब्सक्राइब हुआ।
आईपीओ के तहत ₹10 फेस वैल्यू वाले 27 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। यानी यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू था और इससे मिलने वाली रकम सीधे कंपनी के कारोबार में इस्तेमाल की जाएगी।
IPO से जुटाए पैसे का कहां होगा इस्तेमाल?
कंपनी ने आईपीओ से जुटाई गई रकम के इस्तेमाल को लेकर भी योजना बताई है। इसका एक हिस्सा कर्ज कम करने और बाकी रकम कारोबारी विस्तार से जुड़े खर्चों में इस्तेमाल की जाएगी।
| रकम | इस्तेमाल |
|---|---|
| ₹2.50 करोड़ | कर्ज कम करने में |
| ₹5.15 करोड़ | प्लांट और मशीनरी खरीदने में |
| बाकी रकम | सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए |
इससे कंपनी को एक तरफ अपनी देनदारी कम करने में मदद मिल सकती है, वहीं प्लांट और मशीनरी में निवेश से उत्पादन क्षमता बढ़ाने का रास्ता भी खुल सकता है।
क्या कारोबार करती है Phychem Technologies?
फिकेम टेक्नोलॉजीज रोटेशनल मोल्डिंग यानी रोटो मोल्डिंग कंपाउंड्स बनाने के कारोबार में है। इन कंपाउंड्स का इस्तेमाल कई तरह के खोखले प्लास्टिक उत्पाद तैयार करने के लिए कच्चे माल के रूप में किया जाता है।
कंपनी LLDPE, HDPE और स्पेशलिटी एडिटिव्स की मदद से पॉलीएथिलीन आधारित कंपाउंड्स तैयार करती है। इसके बाद इन्हें पाउडर या छोटे टुकड़ों के रूप में रोटो मोल्डिंग से जुड़े मैन्युफैक्चरर्स को सप्लाई किया जाता है।
कंपनी के उत्पादों का इस्तेमाल कई क्षेत्रों में होता है, जिनमें शामिल हैं:
- पानी, तेल और केमिकल स्टोरेज टैंक
- पोर्टेबल सैनिटेशन यूनिट्स
- प्लास्टिक फर्नीचर
- इंडस्ट्रियल कंटेनर्स
- कस्टमाइज्ड हॉलो प्लास्टिक कंपोनेंट्स
कंपनी अपने उत्पादों का निर्यात भी करती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी नासिक में है, जहां इन-हाउस लैबोरेटरी और क्वालिटी डिपार्टमेंट भी मौजूद है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति कैसी है?
किसी भी IPO में निवेश के बाद कंपनी के शेयर खरीदने से पहले उसके कारोबार और वित्तीय प्रदर्शन को देखना जरूरी होता है। फिकेम टेक्नोलॉजीज के हालिया वित्तीय आंकड़ों में मुनाफे और आय में बढ़ोतरी दिखाई देती है।
वित्त वर्ष 2024 से 2026 के बीच कंपनी का शुद्ध मुनाफा करीब 56% CAGR की दर से बढ़कर ₹4.09 करोड़ पहुंच गया। इसी अवधि में कंपनी की कुल आय करीब 10% CAGR की दर से बढ़कर ₹57.48 करोड़ हो गई।
मार्च 2026 के अंत में कंपनी पर कुल करीब ₹5.91 करोड़ का कर्ज था। वहीं उसके रिजर्व और सरप्लस करीब ₹6.25 करोड़ थे।
निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
IPO की मजबूत सब्सक्रिप्शन संख्या और प्रीमियम लिस्टिंग किसी शेयर के प्रति बाजार की शुरुआती दिलचस्पी दिखाती है, लेकिन इसे भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं माना जा सकता। SME शेयरों में कारोबार और लिक्विडिटी से जुड़े जोखिम भी हो सकते हैं।
फिकेम टेक्नोलॉजीज के मामले में निवेशकों को कंपनी की बिक्री, मुनाफे, कर्ज, कैश फ्लो और आगे की ग्रोथ योजनाओं पर नजर रखनी चाहिए। केवल लिस्टिंग गेन या आईपीओ सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है।
Disclaimer
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर या IPO में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति और जोखिमों का स्वतंत्र रूप से आकलन करें तथा जरूरत होने पर वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी शेयर में निवेश की सलाह या गारंटी नहीं देता।


