अगर आपका क्रेडिट कार्ड फिजिकली डैमेज हो गया है और पेमेंट के दौरान काम नहीं कर रहा है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। बैंक से संपर्क करके आप अपने खराब कार्ड का रिप्लेसमेंट यानी नया कार्ड हासिल कर सकते हैं। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
आज के समय में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल ऑनलाइन शॉपिंग, बिल पेमेंट, टिकट बुकिंग और दूसरी जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है। ऐसे में कार्ड खराब होने पर कई जरूरी पेमेंट अटक सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी कार्ड जारी करने वाले बैंकों और संस्थाओं को कार्ड से जुड़ी शिकायत, कार्ड ब्लॉक करने और रिप्लेसमेंट की स्पष्ट प्रक्रिया उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
अगर आपका क्रेडिट कार्ड खराब हो गया है, तो नया कार्ड लेते समय इन 5 जरूरी बातों का ध्यान रखें।
1. सबसे पहले बैंक को कार्ड खराब होने की जानकारी दें
क्रेडिट कार्ड डैमेज होने पर सबसे पहले अपने बैंक या कार्ड जारी करने वाली कंपनी से संपर्क करें। इसके लिए आप बैंक की आधिकारिक मोबाइल ऐप, वेबसाइट, कस्टमर केयर या नजदीकी शाखा का इस्तेमाल कर सकते हैं।
बैंक से यह जानकारी जरूर लें कि खराब कार्ड को रिप्लेस करने से पहले उसे ब्लॉक करवाना जरूरी है या नहीं। साथ ही यह भी पूछें कि रिप्लेसमेंट कार्ड जारी करने के लिए कोई शुल्क देना होगा या नहीं।
ध्यान रखें कि बैंक से संपर्क करने के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों का ही इस्तेमाल करें। किसी अनजान SMS, WhatsApp मैसेज या ईमेल में दिए गए नंबर अथवा लिंक पर क्लिक करके अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
2. रिप्लेसमेंट कार्ड के लिए करें आवेदन
बैंक की ओर से बताई गई प्रक्रिया के अनुसार Replacement Credit Card के लिए रिक्वेस्ट दर्ज करें। बैंक आपसे कार्ड से जुड़ी कुछ जानकारी या आपकी पहचान की पुष्टि मांग सकता है।
यह समझना जरूरी है कि खराब कार्ड को बदलना और बिल्कुल नया क्रेडिट कार्ड लेने के लिए आवेदन करना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। अगर कार्ड आपकी रिक्वेस्ट पर ब्लॉक किया गया है, तो रिप्लेसमेंट कार्ड जारी करने से संबंधित RBI के निर्देशों और बैंक की प्रक्रिया का पालन किया जाता है।
रिप्लेसमेंट का अनुरोध करते समय बैंक से यह भी पूछ लें कि नया कार्ड कितने समय में मिलेगा। साथ ही यह पुष्टि कर लें कि नया कार्ड आपके मौजूदा क्रेडिट कार्ड अकाउंट और क्रेडिट लिमिट के तहत ही जारी होगा या नहीं।
3. कार्ड से जुड़े ऑटो पेमेंट और सब्सक्रिप्शन चेक करें
रिप्लेसमेंट कार्ड मिलने के बाद सबसे जरूरी कामों में से एक है ऑटो पेमेंट और सब्सक्रिप्शन की जांच करना।
अगर आपने अपने पुराने कार्ड की डिटेल OTT प्लेटफॉर्म, इंश्योरेंस, ऑनलाइन सेवाओं, यूटिलिटी बिल या किसी अन्य सर्विस में सेव कर रखी है, तो उनकी लिस्ट बना लें।
रिप्लेसमेंट कार्ड में कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट या CVV बदल सकता है। ऐसी स्थिति में कई सेवाओं में नई कार्ड डिटेल अपडेट करनी पड़ सकती है, वरना आपका ऑटो पेमेंट फेल हो सकता है।
यह भी याद रखें कि कार्ड बदलने से पुराना बकाया खत्म नहीं होता। अगर पुराने कार्ड पर कोई बिल या बकाया राशि है, तो उसकी पेमेंट निर्धारित तारीख पर करते रहें।
4. नया कार्ड एक्टिवेट करते समय रहें सावधान
रिप्लेसमेंट कार्ड मिलने के बाद उसे एक्टिवेट करने के लिए केवल बैंक के आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल करें। बैंक की ओर से बताए गए तरीके के अनुसार PIN सेट या कार्ड एक्टिवेशन की प्रक्रिया पूरी करें।
कार्ड रिप्लेसमेंट के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को OTP, PIN, CVV या कार्ड की पूरी डिटेल बिल्कुल न बताएं। बैंक का कर्मचारी बनकर ठगी करने वाले लोग अक्सर कार्ड ब्लॉक या रिप्लेसमेंट के बहाने संवेदनशील जानकारी मांग सकते हैं।
अगर किसी कॉल या मैसेज में आपसे OTP या PIN शेयर करने को कहा जाए, तो सावधान हो जाएं और सीधे बैंक के आधिकारिक कस्टमर केयर से संपर्क करें।
5. नया कार्ड मिलने के बाद अकाउंट जरूर चेक करें
नया क्रेडिट कार्ड एक्टिवेट करने के बाद अपने कार्ड अकाउंट की हाल की ट्रांजैक्शन जरूर चेक करें। यह सुनिश्चित करें कि पुराना कार्ड आपकी रिक्वेस्ट के अनुसार ब्लॉक या रिप्लेस हो चुका है।
अगर अकाउंट में ऐसी कोई ट्रांजैक्शन दिखाई देती है जिसे आपने नहीं किया है, तो तुरंत बैंक को इसकी जानकारी दें। किसी संदिग्ध ट्रांजैक्शन को नजरअंदाज न करें।
साथ ही यह भी चेक कर लें कि नए कार्ड की क्रेडिट लिमिट, बिलिंग साइकिल और बाकी जरूरी जानकारी आपके पुराने कार्ड अकाउंट के मुताबिक सही है।
Credit Card Replacement लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
क्रेडिट कार्ड डैमेज होने पर रिप्लेसमेंट लेना आमतौर पर आसान प्रक्रिया है, लेकिन सुरक्षा के मामले में लापरवाही भारी पड़ सकती है। इसलिए बैंक से संपर्क करने से लेकर नया कार्ड एक्टिवेट करने तक हर कदम पर आधिकारिक चैनल का इस्तेमाल करें।
सबसे जरूरी बात यह है कि कार्ड बदलने के बाद भी आपके पुराने कार्ड का बकाया और अकाउंट की जिम्मेदारियां खत्म नहीं होती हैं। इसलिए बिल की पेमेंट समय पर करते रहें और नए कार्ड से जुड़े सभी ऑटो पेमेंट को भी अपडेट कर लें।


