Vande Bharat: बेंगलुरु और मंगलुरु के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। इसी कड़ी में 5 सितंबर को 16 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल रन किया जाएगा। ट्रेन यशवंतपुर से मंगलुरु सेंट्रल के बीच चलेगी और इस दौरान वेस्टर्न घाट के चुनौतीपूर्ण घाट सेक्शन में इसकी स्पीड, ब्रेकिंग और सुरक्षा व्यवस्था को परखा जाएगा।
बेंगलुरु से मंगलुरु के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। रेलवे 5 सितंबर को इस रूट पर 16 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल रन करने जा रहा है। प्रस्तावित ट्रायल में ट्रेन यशवंतपुर जंक्शन से मंगलुरु सेंट्रल तक चलेगी।
ट्रायल शेड्यूल के मुताबिक ट्रेन सुबह 6:05 बजे यशवंतपुर से रवाना होकर दोपहर 2:25 बजे मंगलुरु सेंट्रल पहुंचेगी। यानी ट्रायल के दौरान करीब 8 घंटे 20 मिनट में यह दूरी तय करने का लक्ष्य रखा गया है। मौजूदा समय में बेंगलुरु से मंगलुरु के बीच रेल सफर में करीब 10 घंटे तक लग सकते हैं।
इस ट्रायल रन का सबसे अहम हिस्सा सकलेशपुर और सुब्रह्मण्य रोड के बीच आने वाला घाट सेक्शन होगा। वेस्टर्न घाट का यह हिस्सा घुमावदार और ढलान वाला है, इसलिए यहां ट्रेन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम और सुरक्षा व्यवस्था की खास तौर पर जांच की जाएगी।
5 सितंबर को सुबह 6:05 बजे शुरू होगा ट्रायल
5 सितंबर को 16 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन सुबह 6:05 बजे यशवंतपुर जंक्शन से रवाना होगी। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार ट्रेन रास्ते में हासन, सकलेशपुर और सुब्रह्मण्य रोड जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी।
ट्रायल रन के दौरान ट्रेन पडिल स्टेशन पर नहीं रुकेगी। इसके दोपहर करीब 1:50 बजे पडिल से गुजरने की संभावना है और इसके बाद दोपहर 2:25 बजे मंगलुरु सेंट्रल पहुंचने का कार्यक्रम है।
मंगलुरु पहुंचने के बाद यही ट्रेन दोपहर करीब 3 बजे यशवंतपुर के लिए वापसी यात्रा शुरू करेगी।
वंदे भारत ट्रायल रन का संभावित शेड्यूल
| स्टेशन | पहुंचने का समय | रवाना होने का समय |
|---|---|---|
| यशवंतपुर जंक्शन | — | सुबह 6:05 बजे |
| हासन जंक्शन | सुबह 9:00 बजे | सुबह 9:05 बजे |
| सकलेशपुर | सुबह 9:55 बजे | सुबह 10:00 बजे |
| सुब्रह्मण्य रोड | दोपहर 12:30 बजे | दोपहर 12:35 बजे |
| पडिल | करीब 1:50 बजे | बिना रुके |
| मंगलुरु सेंट्रल | दोपहर 2:25 बजे | — |
यह शेड्यूल ट्रायल रन के लिए प्रस्तावित समय है। नियमित यात्री सेवा शुरू होने के बाद समय में बदलाव संभव है।
मंगलुरु से वापसी का क्या रहेगा समय?
मंगलुरु सेंट्रल पहुंचने के बाद ट्रेन दोपहर करीब 3 बजे यशवंतपुर के लिए वापस रवाना होगी। वापसी में भी घाट सेक्शन के संचालन और ट्रेन की ब्रेकिंग क्षमता की जांच की जाएगी।
वापसी का संभावित शेड्यूल
- मंगलुरु सेंट्रल: दोपहर 3:00 बजे रवाना
- पडिल: करीब 3:25 बजे, बिना रुके
- सुब्रह्मण्य रोड: शाम 4:30 बजे पहुंचेगी, 4:35 बजे रवाना
- सकलेशपुर: शाम 6:30 बजे पहुंचेगी, 6:35 बजे रवाना
- हासन जंक्शन: शाम 7:20 बजे पहुंचेगी, 7:30 बजे रवाना
- यशवंतपुर जंक्शन: रात करीब 11:00 बजे पहुंचेगी
वेस्टर्न घाट में क्यों अहम है यह ट्रायल?
बेंगलुरु-मंगलुरु रेल मार्ग का सकलेशपुर और सुब्रह्मण्य रोड के बीच का हिस्सा सामान्य ट्रैक की तुलना में ज्यादा चुनौतीपूर्ण माना जाता है। यहां घाट सेक्शन, ढलान और कई घुमावदार हिस्से हैं।
यही वजह है कि इस रूट पर वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड ट्रेन शुरू करने से पहले रेलवे के लिए इसका ट्रायल बेहद महत्वपूर्ण है। परीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि ट्रेन अलग-अलग परिस्थितियों में निर्धारित गति पर कितनी सुरक्षित तरीके से चल सकती है।
रेलवे टीम विशेष रूप से ट्रेन की ब्रेकिंग क्षमता, स्पीड कंट्रोल, इमरजेंसी रिस्पॉन्स और ढलान वाले ट्रैक पर संचालन को परखेगी।
AEB से लैस ट्रेन से होगी जांच
घाट सेक्शन की चुनौती को देखते हुए ट्रायल में ऐसी वंदे भारत ट्रेन का इस्तेमाल किया जाएगा जिसमें ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEB) जैसी सुरक्षा सुविधा उपलब्ध है।
ट्रायल के दौरान सकलेशपुर और सुब्रह्मण्य रोड के बीच के हिस्से पर खास नजर रहेगी। इस सेक्शन में ट्रेन को सुरक्षित गति से चलाने और जरूरत पड़ने पर प्रभावी तरीके से ब्रेक लगाने की क्षमता की जांच की जाएगी।
खाली रेक से किया जाएगा ट्रायल रन
5 सितंबर के परीक्षण में 16 कोच वाली खाली वंदे भारत रेक को चलाया जाएगा। इसका मकसद यात्री सेवा शुरू करने से पहले ट्रेन और रेलवे ट्रैक के बीच तालमेल, संचालन क्षमता तथा सुरक्षा व्यवस्था को अच्छी तरह जांचना है।
ट्रायल में सामने आने वाले तकनीकी और परिचालन आंकड़ों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जा सकती है।
नियमित सेवा शुरू होने पर यात्रियों को क्या फायदा होगा?
अगर ट्रायल सफल रहता है और सभी जरूरी मंजूरियां मिल जाती हैं, तो बेंगलुरु और मंगलुरु के बीच वंदे भारत की नियमित सेवा शुरू होने का रास्ता साफ हो सकता है।
इससे दोनों शहरों के बीच रेल यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है। खास तौर पर नौकरी, कारोबार, पर्यटन और शिक्षा के लिए दोनों शहरों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को फायदा मिल सकता है।
हालांकि, नियमित वंदे भारत सेवा की अंतिम समय-सारणी और स्टॉपेज ट्रायल के बाद रेलवे की मंजूरी पर निर्भर करेंगे। इसलिए यात्रियों को नियमित परिचालन की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
निष्कर्ष
बेंगलुरु-मंगलुरु रूट पर 5 सितंबर को होने वाला वंदे भारत ट्रायल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ट्रेन को वेस्टर्न घाट के चुनौतीपूर्ण घाट सेक्शन से होकर गुजरना होगा। 16 कोच वाली ट्रेन का यह परीक्षण सिर्फ स्पीड का टेस्ट नहीं होगा, बल्कि ब्रेकिंग, सुरक्षा और आपात स्थिति में ट्रेन के प्रदर्शन की भी जांच करेगा।
अगर ट्रायल सफल रहता है और रेलवे की सभी तकनीकी व सुरक्षा मंजूरियां मिल जाती हैं, तो इस रूट पर नियमित वंदे भारत सेवा शुरू होने की संभावना बढ़ सकती है। इससे बेंगलुरु और मंगलुरु के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को तेज और आधुनिक रेल सेवा का विकल्प मिल सकता है।


