Retirement Planning: छोटी उम्र में SIP शुरू करने का सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग का मिलता है। अगर निवेश का समय लंबा हो, तो छोटी-सी मासिक रकम भी लंबे समय में बड़ा कॉर्पस तैयार करने में मदद कर सकती है। 12% अनुमानित सालाना रिटर्न के आधार पर 25 साल की उम्र में शुरुआत करने पर ₹2 करोड़ के लक्ष्य के लिए करीब ₹3,079 की मासिक SIP का गणित सामने आता है।
रिटायरमेंट के लिए करोड़ों रुपये का फंड तैयार करना आज के समय में हर निवेशक की प्राथमिकताओं में शामिल हो रहा है। हालांकि, ज्यादातर लोगों को लगता है कि इसके लिए हर महीने बहुत बड़ी रकम निवेश करनी होगी। लेकिन असल में निवेश की रकम के साथ-साथ निवेश शुरू करने की उम्र भी बेहद महत्वपूर्ण होती है।
अगर कोई व्यक्ति 25 साल की उम्र से निवेश शुरू करता है, तो उसके पास रिटायरमेंट तक लंबा समय होता है। दूसरी तरफ, 40 की उम्र में शुरुआत करने वाले व्यक्ति के पास वही लक्ष्य हासिल करने के लिए काफी कम समय बचता है। यही अंतर मासिक SIP की रकम में बड़ा बदलाव पैदा करता है।
फंड्सइंडिया की ‘वेल्थ कन्वर्सेशंस रिपोर्ट’ में दिए गए आंकड़ों के आधार पर, 12% अनुमानित सालाना रिटर्न मानकर समझते हैं कि 60 साल की उम्र तक ₹2 करोड़ का फंड बनाने के लिए अलग-अलग उम्र में कितनी SIP करनी पड़ सकती है।
₹2 करोड़ के रिटायरमेंट फंड के लिए कितनी SIP?
मान लीजिए आपका लक्ष्य 60 साल की उम्र तक ₹2 करोड़ का कॉर्पस तैयार करना है। अगर निवेश पर औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है, तो निवेश शुरू करने की उम्र के हिसाब से मासिक SIP की जरूरत इस तरह बदलती है:
| निवेश शुरू करने की उम्र | निवेश की अवधि | अनुमानित मासिक SIP |
|---|---|---|
| 25 साल | 35 साल | ₹3,079 |
| 30 साल | 30 साल | ₹5,666 |
| 35 साल | 25 साल | ₹10,539 |
| 40 साल | 20 साल | ₹20,017 |
यानी 25 साल की उम्र में निवेश शुरू करने पर करीब ₹3,079 प्रति महीने की SIP से ₹2 करोड़ के लक्ष्य तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं, 40 साल की उम्र में इसी लक्ष्य के लिए करीब ₹20,017 प्रति महीने निवेश करना पड़ सकता है।
यह अंतर बताता है कि रिटायरमेंट प्लानिंग में समय कितना बड़ा फैक्टर है।
25 की उम्र में सिर्फ ₹3,079 से क्यों बन सकता है बड़ा फंड?
इसका सबसे बड़ा कारण कंपाउंडिंग की ताकत है। जब निवेश लंबे समय तक बना रहता है, तो सिर्फ मूल रकम पर ही रिटर्न नहीं मिलता, बल्कि पहले से मिले रिटर्न पर भी रिटर्न जुड़ता रहता है।
उदाहरण के लिए, 25 साल की उम्र में निवेश शुरू करने वाले व्यक्ति के पास 60 साल तक कुल 35 साल का समय है। इस दौरान निवेश को कई बाजार चक्रों से गुजरने और कंपाउंड होने का लंबा अवसर मिलता है।
इसके विपरीत, 40 साल की उम्र में शुरुआत करने पर सिर्फ 20 साल का समय बचता है। इसलिए निवेशक को कम समय में वही बड़ा लक्ष्य हासिल करने के लिए हर महीने काफी अधिक रकम लगानी पड़ती है।
उम्र बढ़ने के साथ SIP में इतना बड़ा अंतर क्यों?
इसे आसान भाषा में ऐसे समझिए—जितनी जल्दी शुरुआत, उतना ज्यादा समय और उतना कम मासिक बोझ।
25 साल की उम्र से ₹3,079 की SIP और 40 साल की उम्र से ₹20,017 की SIP के बीच बड़ा अंतर सिर्फ 15 साल के समय का है। यानी निवेश को अतिरिक्त समय देने से हर महीने निवेश की जाने वाली रकम को काफी कम रखा जा सकता है।
इसी वजह से विशेषज्ञ अक्सर युवाओं को सलाह देते हैं कि नौकरी या नियमित कमाई शुरू होने के बाद रिटायरमेंट निवेश को टालने के बजाय छोटी रकम से शुरुआत कर देनी चाहिए।
अगर ₹3,000 भी हर महीने निवेश करना मुश्किल हो तो?
करियर के शुरुआती वर्षों में आमदनी सीमित हो सकती है। ऐसे में सीधे बड़ी SIP शुरू करना हर किसी के लिए संभव नहीं होता। ऐसी स्थिति में Step-Up SIP एक विकल्प हो सकता है।
मान लीजिए आप शुरुआत में ₹1,500 या ₹2,000 की SIP करते हैं। इसके बाद हर साल अपनी आय बढ़ने के साथ SIP में 5% या 10% की बढ़ोतरी करते रहें।
इस तरीके का फायदा यह है कि शुरुआत में आपकी जेब पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता और समय के साथ आपकी निवेश राशि बढ़ती जाती है।
उदाहरण के तौर पर, नौकरी बदलने, प्रमोशन या सालाना वेतन वृद्धि के बाद SIP की रकम बढ़ाई जा सकती है। इस तरह कम रकम से शुरुआत करके धीरे-धीरे बड़ा निवेश बनाया जा सकता है।
₹10 करोड़ के आंकड़े से कैसे जुड़ा है यह हिसाब?
मूल रिपोर्ट में ₹10 करोड़ के लक्ष्य के लिए अलग-अलग उम्र पर मासिक SIP का गणित दिया गया था। इसमें 25, 30, 35 और 40 साल की उम्र में शुरुआत करने पर क्रमशः लगभग ₹15,396, ₹28,329, ₹52,697 और ₹1,00,085 मासिक SIP का अनुमान बताया गया था।
₹2 करोड़ का लक्ष्य ₹10 करोड़ का पांचवां हिस्सा है। इसलिए समान अनुमानित रिटर्न और अवधि मानने पर मासिक SIP की रकम भी लगभग पांचवें हिस्से के आसपास आती है।
हालांकि, निवेशक को किसी रिपोर्ट के आंकड़े को अपनी स्थिति पर सीधे लागू करने के बजाय अपनी उम्र, आय, मौजूदा बचत, रिटायरमेंट खर्च और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखकर योजना बनानी चाहिए।
12% रिटर्न मानकर किया गया कैलकुलेशन कितना सुरक्षित है?
यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। 12% सालाना रिटर्न कोई गारंटी नहीं है।
म्यूचुअल फंड और इक्विटी से जुड़े निवेश बाजार के उतार-चढ़ाव के अधीन होते हैं। किसी अवधि में रिटर्न 12% से ज्यादा हो सकता है तो किसी दूसरी अवधि में काफी कम या नकारात्मक भी हो सकता है।
इसलिए ऊपर दिए गए आंकड़ों को एक अनुमानित कैलकुलेशन के तौर पर देखना चाहिए, न कि निश्चित भविष्य के रिटर्न के रूप में।
महंगाई को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
₹2 करोड़ सुनने में आज बहुत बड़ी रकम लग सकती है, लेकिन रिटायरमेंट प्लानिंग में केवल भविष्य की रकम देखना पर्याप्त नहीं है।
महंगाई के कारण समय के साथ सामान और सेवाओं की कीमतें बढ़ती रहती हैं। इसका मतलब है कि आज ₹2 करोड़ से जितने खर्च पूरे हो सकते हैं, जरूरी नहीं कि 20 या 35 साल बाद भी उतने ही खर्च पूरे हो सकें।
इसलिए रिटायरमेंट प्लान बनाते समय महंगाई, भविष्य के मासिक खर्च, मेडिकल खर्च, जीवनशैली और रिटायरमेंट की संभावित अवधि को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
निवेश शुरू करने की उम्र सबसे बड़ा गेमचेंजर
₹2 करोड़ का लक्ष्य पाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात सिर्फ यह नहीं है कि आप हर महीने कितना निवेश कर रहे हैं। यह भी उतना ही जरूरी है कि आपने निवेश कब शुरू किया।
25 साल की उम्र में करीब ₹3,079 की अनुमानित SIP से शुरुआत करने वाला निवेशक 35 साल का समय ले सकता है। वहीं 40 साल की उम्र में शुरुआत करने वाले को इसी लक्ष्य के लिए करीब ₹20,017 महीने लगाने का अनुमान है।
इसलिए अगर आपकी उम्र कम है, तो रिटायरमेंट निवेश को भविष्य पर टालने के बजाय छोटी रकम से शुरुआत करना लंबे समय में फायदेमंद हो सकता है। बाद में आय बढ़ने के साथ SIP को भी बढ़ाया जा सकता है।
ध्यान रखें
- 12% रिटर्न केवल अनुमान है, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
- वास्तविक रिटर्न बाजार की स्थिति के अनुसार अलग हो सकता है।
- ₹2 करोड़ का लक्ष्य तय करते समय महंगाई को जरूर शामिल करें।
- SIP की रकम समय-समय पर अपनी आय के अनुसार बढ़ाई जा सकती है।
- निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय लक्ष्य को समझना जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। म्यूचुअल फंड और अन्य बाजार आधारित निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं। निवेश का कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता और परिस्थितियों को ध्यान में रखें तथा जरूरत होने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी विशेष निवेश या योजना में पैसा लगाने की सलाह नहीं देता।


