फ्लाइट में देरी होना किसी भी यात्री के लिए परेशानी भरा अनुभव हो सकता है। कई बार यात्रियों को एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करना पड़ता है और उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि ऐसी स्थिति में एयरलाइन से कौन-कौन सी सुविधाएं मांगी जा सकती हैं। ऐसे समय में घबराने के बजाय अपने पैसेंजर राइट्स और एयरलाइन के नियमों की जानकारी होना काफी मददगार साबित हो सकता है।
भारत में DGCA (Directorate General of Civil Aviation) के नियमों के तहत फ्लाइट में देरी की स्थिति में कुछ परिस्थितियों में यात्रियों को भोजन और रिफ्रेशमेंट, होटल में ठहरने, वैकल्पिक फ्लाइट या रिफंड जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। हालांकि, ये सुविधाएं देरी की अवधि, फ्लाइट के समय और देरी के कारण जैसी परिस्थितियों पर निर्भर करती हैं।
अगर आपकी फ्लाइट भी लेट हो जाए तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर आप अपना समय और पैसा दोनों बचा सकते हैं।

1. सबसे पहले फ्लाइट लेट होने की वजह और नया समय जानें
फ्लाइट लेट होने की जानकारी मिलते ही सबसे पहले एयरलाइन के काउंटर या स्टाफ से संपर्क करें। उनसे पता करें कि फ्लाइट में देरी क्यों हुई है और अब उसके उड़ान भरने का अनुमानित समय क्या है।
साथ ही एयरलाइन की ओर से आने वाले SMS, ईमेल और मोबाइल ऐप के अपडेट को लगातार चेक करते रहें। कई बार देरी के दौरान बोर्डिंग टाइम, गेट नंबर या डिपार्चर टाइम में दोबारा बदलाव हो सकता है।
एयरलाइन की तरफ से भेजे गए मैसेज या ईमेल को डिलीट न करें। आगे शिकायत या किसी सुविधा का दावा करने की स्थिति में ये रिकॉर्ड आपके काम आ सकते हैं।
2. ज्यादा देरी होने पर खाने-पीने की सुविधा के बारे में पूछें
अगर फ्लाइट में काफी देरी हो रही है और आपको एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ रहा है, तो एयरलाइन स्टाफ से फूड और रिफ्रेशमेंट की सुविधा के बारे में जरूर पूछें।
लागू नियमों के तहत देरी की अवधि और फ्लाइट के निर्धारित समय जैसी परिस्थितियों के आधार पर यात्रियों को भोजन या ड्रिंक्स उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
इसलिए केवल इंतजार करने के बजाय एयरलाइन से स्पष्ट रूप से पूछें कि आपकी स्थिति में कौन-सी सुविधा लागू होती है। अगर एयरलाइन कोई फूड कूपन या वाउचर देती है, तो उसे संभालकर रखें।
3. लंबी देरी होने पर दूसरी फ्लाइट या रिफंड का विकल्प पूछें
अगर फ्लाइट में काफी लंबी देरी हो गई है, तो एयरलाइन से यह जरूर पूछें कि आपके लिए वैकल्पिक फ्लाइट या रिफंड का क्या विकल्प उपलब्ध है।
कुछ परिस्थितियों में लागू नियमों के अनुसार यात्री को दूसरी फ्लाइट में भेजने या टिकट की रकम वापस करने का विकल्प मिल सकता है। हालांकि, हर देरी में अपने-आप पूरा रिफंड या दूसरी फ्लाइट मिलना जरूरी नहीं है। यह देरी की स्थिति और लागू नियमों पर निर्भर करता है।
अगर देरी इतनी ज्यादा हो गई है कि आगे की यात्रा का उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है, तो एयरलाइन से उपलब्ध विकल्पों की जानकारी तुरंत लेना बेहतर है।
4. टिकट, बोर्डिंग पास और सभी रिसिप्ट संभालकर रखें
फ्लाइट लेट होने की स्थिति में अपने जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित रखना बेहद महत्वपूर्ण है। इनमें शामिल हैं:
- टिकट और बुकिंग कन्फर्मेशन
- बोर्डिंग पास
- PNR या बुकिंग रेफरेंस
- एयरलाइन के SMS और ईमेल
- फ्लाइट डिले से जुड़े अपडेट
- फूड या अन्य खर्च की रिसिप्ट
- रीबुकिंग से जुड़े दस्तावेज
अगर देरी के कारण आपको अपनी जेब से खाना, ट्रांसपोर्ट या दूसरी जरूरी चीजों पर खर्च करना पड़ा है, तो उनकी रसीद जरूर संभालकर रखें। बाद में एयरलाइन के साथ शिकायत या क्लेम की प्रक्रिया में ये दस्तावेज उपयोगी हो सकते हैं।
अगर एयरलाइन आपकी शिकायत का समाधान नहीं करती है, तो पहले उसकी आधिकारिक शिकायत व्यवस्था में मामला दर्ज करें। जरूरत पड़ने पर यात्री AirSewa पोर्टल के जरिए भी शिकायत कर सकते हैं।
5. कनेक्टिंग फ्लाइट है तो तुरंत रीबुकिंग के बारे में पूछें
अगर आपकी यात्रा में आगे कोई कनेक्टिंग फ्लाइट है और पहली फ्लाइट लेट हो गई है, तो एयरलाइन स्टाफ को इसकी जानकारी तुरंत दें।
उन्हें बताएं कि देरी के कारण आपकी अगली फ्लाइट छूट सकती है और पूछें कि ऐसी स्थिति में रीबुकिंग का क्या विकल्प उपलब्ध है।
अगर एयरलाइन आपको दूसरी फ्लाइट में रीबुक करती है, तो नया टिकट, बोर्डिंग पास और रीबुकिंग कन्फर्मेशन संभालकर रखें। आखिरी समय तक इंतजार करने के बजाय कनेक्टिंग फ्लाइट की समस्या के बारे में एयरलाइन को पहले ही जानकारी देना बेहतर होता है।
फ्लाइट लेट होने पर इन बातों का रखें ध्यान
फ्लाइट में देरी होने पर सबसे जरूरी है कि आप शांत रहें और बिना जानकारी के कोई फैसला न लें। एयरलाइन से अपनी स्थिति के अनुसार उपलब्ध सुविधाओं के बारे में स्पष्ट रूप से पूछें और हर जरूरी दस्तावेज संभालकर रखें।
ध्यान रखें कि हर फ्लाइट डिले पर सभी सुविधाएं अपने-आप लागू नहीं होतीं। एयरलाइन की जिम्मेदारी और यात्री को मिलने वाली सुविधा देरी के कारण, अवधि और संबंधित DGCA नियमों पर निर्भर कर सकती है।
इसलिए अगली बार फ्लाइट लेट हो जाए तो सिर्फ एयरपोर्ट पर इंतजार करने के बजाय अपने अधिकारों की जानकारी रखें, एयरलाइन से उपलब्ध विकल्प पूछें और जरूरी रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। थोड़ी सी जागरूकता आपको अनावश्यक परेशानी और खर्च से बचा सकती है।


