Gold Outlook: सोने की कीमतों में गुरुवार, 3 सितंबर को जोरदार रिकवरी देखने को मिली। डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण महंगाई को लेकर बढ़ी चिंता ने गोल्ड को सपोर्ट दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स शुरुआती कारोबार में 1.30 फीसदी बढ़कर 4,472.10 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, घरेलू बाजार में भी एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी देखने को मिली।
अब निवेशकों की नजर सोने के अगले बड़े स्तर पर है। एनालिस्ट्स के मुताबिक, एमसीएक्स गोल्ड के लिए ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम का स्तर बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। अगर सोना इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकने में कामयाब रहता है, तो आगे ₹1.65 लाख से ₹1.70 लाख तक की तेजी का रास्ता खुल सकता है।
MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी
गुरुवार को एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स 1.05 फीसदी यानी ₹1,595 की बढ़त के साथ ₹1,53,997 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया तेजी और उसके बाद आए करेक्शन को देखते हुए अब ₹1.60 लाख का स्तर सोने के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। इसके अलावा, अमेरिका के फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में निवेशकों की नजर ब्याज दरों को लेकर फेड के फैसले और उसके संकेतों पर बनी हुई है।
₹1.60 लाख का स्तर क्यों है अहम?
बोनांजा के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट नृपेंद्र यादव के मुताबिक, एमसीएक्स गोल्ड के लिए ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम एक महत्वपूर्ण स्तर है।
उनका कहना है कि हाल में सोने में तेजी के बाद करेक्शन देखने को मिला था। ऐसे में ₹1.60 लाख का स्तर अब एक संभावित ब्रेकआउट जोन के तौर पर देखा जा सकता है।
अगर सोना इस स्तर को पार करने के बाद इसके ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो इससे यह संकेत मिल सकता है कि हालिया गिरावट मुख्य रूप से मुनाफावसूली की वजह से थी और बाजार में दोबारा तेजी मजबूत हो रही है।
₹1.60 लाख पार हुआ तो ₹1.65-1.70 लाख तक जा सकता है गोल्ड
तकनीकी नजरिए से देखें तो ₹1.58 लाख से ₹1.60 लाख का जोन सोने के लिए महत्वपूर्ण ब्रेकआउट क्षेत्र माना जा रहा है।
नृपेंद्र यादव के मुताबिक, अगर गोल्ड ₹1.60 लाख के ऊपर मजबूती बनाए रखता है, तो ₹1.65 लाख से ₹1.70 लाख प्रति 10 ग्राम तक के स्तर अगले संभावित टारगेट हो सकते हैं।
वहीं, अगर सोने में दोबारा गिरावट आती है तो ₹1.52 लाख से ₹1.50 लाख के बीच मजबूत सपोर्ट देखने को मिल सकता है। इसलिए निवेशकों के लिए तेजी के साथ-साथ इन सपोर्ट लेवल पर भी नजर रखना जरूरी होगा।
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से सोने को मिल रहा सपोर्ट
सोने की कीमतों को वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से भी सहारा मिल रहा है। दुनिया के कई केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।
नृपेंद्र यादव के अनुसार, जब भी गोल्ड किसी महत्वपूर्ण स्तर पर ब्रेकआउट देता है तो उस ब्रेकआउट का कन्फर्मेशन जरूरी होता है। मौजूदा स्थिति में अभी इस तरह का स्पष्ट कन्फर्मेशन दिखाई नहीं दे रहा है।
गोल्डमैन सैक्स के अनुमान के मुताबिक, केंद्रीय बैंक 2026 में हर महीने करीब 50 टन सोना खरीद सकते हैं। बैंक ने साल के अंत तक सोने की कीमत के लिए 4,900 डॉलर प्रति औंस का अनुमान भी दिया है।
जियोपॉलिटिकल तनाव से भी गोल्ड को मिल रहा फायदा
दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव भी सोने की कीमतों के लिए सकारात्मक फैक्टर बना हुआ है। अनिश्चितता के दौर में निवेशक अक्सर गोल्ड को सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर देखते हैं।
भारत जैसे बाजारों में रुपये की चाल भी घरेलू सोने की कीमतों को प्रभावित करती है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड कुछ समय के लिए कंसॉलिडेशन में रहता है, तब भी रुपये में कमजोरी एमसीएक्स पर सोने की कीमतों को सपोर्ट दे सकती है।
इसलिए भारतीय निवेशकों के लिए केवल अंतरराष्ट्रीय गोल्ड प्राइस ही नहीं, बल्कि डॉलर-रुपया विनिमय दर पर नजर रखना भी महत्वपूर्ण है।
फेड का फैसला तय कर सकता है सोने की अगली चाल
शॉर्ट टर्म में सोने के लिए सबसे बड़े जोखिमों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों पर फैसला, डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड शामिल हैं।
फेड की मौद्रिक नीति को लेकर सख्त रुख से बॉन्ड यील्ड में तेजी और डॉलर में मजबूती आती है तो इसका दबाव सोने पर पड़ सकता है। इसकी वजह यह है कि मजबूत डॉलर और ऊंची यील्ड आमतौर पर नॉन-यील्डिंग एसेट गोल्ड के आकर्षण को कम कर सकती है।
इसके विपरीत, अगर डॉलर कमजोर होता है, बॉन्ड यील्ड में नरमी आती है और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद मजबूत होती है, तो सोने को दोबारा तेजी का सपोर्ट मिल सकता है।
Gold Outlook: निवेशकों को किन स्तरों पर नजर रखनी चाहिए?
| गोल्ड का स्तर | महत्व |
|---|---|
| ₹1.50 लाख | प्रमुख सपोर्ट |
| ₹1.52 लाख | अहम सपोर्ट जोन |
| ₹1.58-1.60 लाख | ब्रेकआउट जोन |
| ₹1.65 लाख | पहला संभावित टारगेट |
| ₹1.70 लाख | अगला संभावित टारगेट |
क्या ₹1.60 लाख पार करेगा सोना?
फिलहाल सोने के लिए ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम का स्तर सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव नजर आ रहा है। अगर गोल्ड इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकता है तो ₹1.65 लाख और उसके बाद ₹1.70 लाख की ओर बढ़ने की संभावना बन सकती है।
हालांकि, निवेशकों को फेडरल रिजर्व की नीति, डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, रुपये की चाल, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और वैश्विक तनाव जैसे फैक्टर्स पर लगातार नजर रखनी चाहिए। केवल एक स्तर के आधार पर निवेश का फैसला लेने के बजाय अपनी जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखना बेहतर होगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध बाजार विश्लेषण और विशेषज्ञों के अनुमान पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश सलाह न माना जाए। सोने या किसी अन्य एसेट में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


