Shark Tank India: शार्क टैंक इंडिया के पहले सीजन का पहला एपिसोड भारतीय स्टार्टअप जगत के लिए खास था। शो में सबसे पहली पिच लेकर आने वाला ब्रांड था ‘Momo Mami’, जिसे BluePine Foods चलाती है। कंपनी ने शो के तीन शार्क—अमन गुप्ता, विनीता सिंह और अश्नीर ग्रोवर—से कुल 75 लाख रुपये की फंडिंग हासिल की थी। अब सवाल यह है कि शो में डील मिलने के बाद इस कंपनी का कारोबार कहां तक पहुंचा और आज इसकी स्थिति कैसी है?
नई दिल्ली: Shark Tank India के पहले एपिसोड में सबसे पहली बिजनेस पिच फ्रोजन मोमो ब्रांड ‘Momo Mami’ की थी। इसके पीछे BluePine Foods कंपनी थी। यह शो की शुरुआती और चर्चित डील में से एक बनी, क्योंकि तीन शार्क ने मिलकर कंपनी में निवेश किया था।
BluePine Foods की शुरुआत साल 2016 में अदिति भूटिया मदान, नवीन पंवार और रोहन सिंह ने की थी। कंपनी ने शुरुआत में मोमोज, स्प्रिंग रोल और दूसरे फ्रोजन हिमालयन फूड प्रोडक्ट्स पर फोकस किया। अदिति भूटिया मदान MasterChef India की टॉप-7 प्रतियोगियों में भी शामिल रही थीं। उनकी फूड इंडस्ट्री की समझ ने बिजनेस को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
Shark Tank में क्या था कंपनी का ऑफर?
जब BluePine Foods ने Shark Tank India में एंट्री की थी, तब कंपनी का मुख्य फोकस होटल, रेस्टोरेंट और दूसरे फूड-सर्विस कारोबारों को फ्रोजन फूड की सप्लाई करना था।
कंपनी ने शो में 5 फीसदी इक्विटी के बदले 50 लाख रुपये की मांग की थी। यानी उस समय कंपनी का मांगा गया वैल्यूएशन करीब 10 करोड़ रुपये था।
बातचीत के बाद संस्थापकों ने 16 फीसदी हिस्सेदारी के बदले 75 लाख रुपये की डील स्वीकार की। इस डील में अमन गुप्ता, विनीता सिंह और अश्नीर ग्रोवर ने 25-25 लाख रुपये निवेश किए।
शुरुआत में छोटा था कारोबार
BluePine Foods की शुरुआती वित्तीय स्थिति बहुत बड़ी नहीं थी। ट्रैक्सन के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2016-17 में कंपनी का रेवेन्यू करीब 9.92 लाख रुपये था। इस दौरान कंपनी का खर्च 18.55 लाख रुपये रहा और उसे करीब 8.61 लाख रुपये का घाटा हुआ।
हालांकि, इसके बाद कारोबार धीरे-धीरे बढ़ने लगा।
- FY 2017-18: रेवेन्यू 24.71 लाख रुपये, मुनाफा 1.27 लाख रुपये
- FY 2018-19: रेवेन्यू 46.81 लाख रुपये, मुनाफा 1.77 लाख रुपये
- FY 2019-20: रेवेन्यू 65.50 लाख रुपये, मुनाफा 1.74 लाख रुपये
यानी शुरुआती नुकसान के बाद कंपनी ने कम स्तर पर ही सही, लेकिन मुनाफा कमाना शुरू कर दिया था।
कोरोना के दौरान कारोबार को लगा झटका
कोरोना महामारी का असर BluePine Foods के कारोबार पर भी पड़ा। वित्त वर्ष 2020-21 में कंपनी का रेवेन्यू घटकर 36.67 लाख रुपये रह गया, जबकि इससे पिछले साल यह 65.50 लाख रुपये था।
इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट भी घटकर करीब 78 हजार रुपये रह गया।
इसके बाद कारोबार में फिर सुधार देखने को मिला। वित्त वर्ष 2021-22 में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर 55.23 लाख रुपये हो गया। इसी दौर में कंपनी Shark Tank India के पहले सीजन में नजर आई और 75 लाख रुपये की डील हासिल की।
Shark Tank के बाद तेजी से बढ़ा रेवेन्यू
Shark Tank India पर आने के बाद BluePine Foods को न सिर्फ फंडिंग मिली, बल्कि ब्रांड को काफी विजिबिलिटी भी मिली। इसका असर कंपनी के कारोबार में भी दिखाई दिया।
ट्रैक्सन के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर 1.73 करोड़ रुपये हो गया। यानी एक साल में कारोबार तीन गुना से ज्यादा बढ़ा।
इस दौरान कंपनी के बिजनेस मॉडल में भी बदलाव आया। कंपनी सिर्फ दूसरे कारोबारों के लिए प्रोडक्ट सप्लाई करने के बजाय अपने खुद के फूड प्रोडक्ट्स के निर्माण और ब्रांडिंग पर ज्यादा ध्यान देने लगी।
अगस्त 2022 में जुटाई सीड फंडिंग
BluePine Foods ने अगस्त 2022 में एक सीड फंडिंग राउंड भी जुटाया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इस राउंड में Ash Grove, AT Seven Fifty Six Ventures, प्रतीक निझावन और समीर मेहता जैसे निवेशकों ने हिस्सा लिया। अमन गुप्ता भी इस फंडिंग राउंड में शामिल थे।
इस राउंड के आधार पर कंपनी का अंतिम ज्ञात वैल्यूएशन करीब 4.69 करोड़ रुपये बताया गया।
हालांकि रेवेन्यू तेजी से बढ़ रहा था, लेकिन कंपनी का मुनाफा अभी भी बहुत सीमित था। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी ने करीब 1.2 हजार रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया।
FY 2023-24 में सबसे ज्यादा रेवेन्यू
BluePine Foods ने वित्त वर्ष 2023-24 में अब तक का सबसे ज्यादा रेवेन्यू दर्ज किया। इस साल कंपनी की कमाई बढ़कर 2.06 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष के 1.73 करोड़ रुपये से ज्यादा थी।
कंपनी का नेट प्रॉफिट भी बढ़कर करीब 2.48 लाख रुपये हो गया।
इस तरह FY 2023-24 कंपनी के लिए रेवेन्यू और प्रॉफिट, दोनों के लिहाज से मजबूत साल रहा।
FY 2024-25 में कारोबार फिर हुआ कमजोर
हालांकि, अगले वित्त वर्ष में ग्रोथ की रफ्तार बरकरार नहीं रह सकी। ट्रैक्सन के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में BluePine Foods का रेवेन्यू घटकर 1.67 करोड़ रुपये रह गया। FY 2023-24 में यह 2.06 करोड़ रुपये था। यानी करीब 19 फीसदी की गिरावट आई।
कंपनी के मुनाफे पर भी इसका असर पड़ा। FY 2024-25 में नेट प्रॉफिट घटकर करीब 24 हजार रुपये रह गया, जबकि एक साल पहले यह 2.48 लाख रुपये था।
हालांकि, इस दौरान कंपनी का EBITDA करीब 10.53 लाख रुपये पॉजिटिव रहा।
कंपनी के खर्च में भी कमी देखने को मिली। FY 2024-25 में कर्मचारी लागत करीब 17.34 लाख रुपये रही, जबकि FY 2023-24 में यह 53.33 लाख रुपये थी।
आज क्या कर रही है BluePine Foods?
Shark Tank India में नजर आने के बाद BluePine Foods ने अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार किया है। कंपनी फिलहाल Momo Mami और Yangkiez जैसे ब्रांडों के तहत फ्रोजन फूड प्रोडक्ट्स बेचती है।
इसके पोर्टफोलियो में फ्रोजन मोमोज, स्प्रिंग रोल और हिमालयन व एशियन स्टाइल के दूसरे फूड प्रोडक्ट्स शामिल हैं। कंपनी का फोकस अभी भी HoReCa यानी Hotels, Restaurants और Cafes सेगमेंट पर बना हुआ है।
₹75 लाख की Shark Tank डील से अब तक का सफर
BluePine Foods ने शुरुआती वर्षों में छोटे स्तर से शुरुआत की थी। FY 2016-17 में 9.92 लाख रुपये के रेवेन्यू वाली कंपनी FY 2024-25 में 1.67 करोड़ रुपये के रेवेन्यू तक पहुंच चुकी है।
हालांकि, कंपनी का कारोबार FY 2023-24 के 2.06 करोड़ रुपये के शिखर से नीचे आया है। इसके बावजूद कंपनी लंबे समय से मुनाफे में बनी हुई है, भले ही उसका प्रॉफिट मार्जिन काफी कम रहा हो।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी ने अब तक दो फंडिंग राउंड में करीब 1.37 करोड़ रुपये की इक्विटी फंडिंग जुटाई है। इसका अंतिम ज्ञात वैल्यूएशन करीब 4.69 करोड़ रुपये रहा है।
यानी Shark Tank India की पहली पिच के तौर पर सुर्खियां बटोरने वाली ‘Momo Mami’ की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। कंपनी ने अपने कारोबार को छोटे शुरुआती स्तर से करोड़ों रुपये के रेवेन्यू तक पहुंचाया है, हालांकि पिछले वित्त वर्ष में इसमें गिरावट भी देखने को मिली।


