HighLights
- वेदांता आयरन एंड स्टील के शेयर ने 13 ट्रेडिंग सेशन में 113% का रिटर्न दिया।
- 20 रुपये की लिस्टिंग से बढ़कर शेयर 42.64 रुपये तक पहुंचा।
- डीमर्जर के बाद कंपनी का मार्केट कैप 7,821 करोड़ से बढ़कर 16,673 करोड़ रुपये के पार।
- अजीम प्रेमजी की कंपनी के निवेश से भी निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
नई दिल्ली: दिग्गज उद्योगपति अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली वेदांता समूह की डीमर्जर रणनीति का असर अब शेयर बाजार में साफ दिखाई देने लगा है। समूह की नई सूचीबद्ध कंपनी वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड ने बेहद कम समय में निवेशकों को शानदार रिटर्न देकर बाजार का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। 15 जून को शेयर बाजार में लिस्ट हुई इस कंपनी का शेयर महज 13 ट्रेडिंग सेशन में करीब 113% उछल गया है।
गुरुवार के कारोबारी सत्र में भी स्टॉक ने तेजी का सिलसिला जारी रखा। बीएसई पर पिछला बंद भाव 38.77 रुपये था, जबकि बाजार खुलते ही शेयर 10% के अपर सर्किट के साथ 42.64 रुपये पर पहुंच गया। लगातार अपर सर्किट लगने से यह शेयर बाजार के सबसे चर्चित स्मॉल-कैप शेयरों में शामिल हो गया है।
20 रुपये से 42 रुपये के पार पहुंचा शेयर
वेदांता आयरन एंड स्टील की शेयर बाजार में 20 रुपये प्रति शेयर पर लिस्टिंग हुई थी। इसके बाद से निवेशकों की जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। शुरुआती 10 कारोबारी सत्रों में से 9 बार शेयर 5% के अपर सर्किट पर पहुंचा। इसके बाद हाल के तीन सत्रों में लगातार 10% का अपर सर्किट लगने से शेयर नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया।
यदि किसी निवेशक ने लिस्टिंग के समय इस शेयर में 1 लाख रुपये का निवेश किया होता, तो 13 ट्रेडिंग सेशन के भीतर उसकी वैल्यू बढ़कर करीब 2.13 लाख रुपये हो जाती। यानी निवेशकों की पूंजी दोगुने से भी अधिक हो गई।
मार्केट कैप भी दोगुने से ज्यादा
तेजी का असर केवल शेयर कीमत तक सीमित नहीं रहा। लिस्टिंग के समय कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 7,821 करोड़ रुपये था। अब यह बढ़कर 16,673.89 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच चुका है।
कम समय में मार्केट कैप में आई यह बड़ी बढ़ोतरी दर्शाती है कि निवेशकों का भरोसा कंपनी के भविष्य पर लगातार मजबूत हो रहा है।
डीमर्जर के बाद क्यों बढ़ा निवेशकों का भरोसा?
वेदांता लिमिटेड ने हाल ही में अपने विभिन्न कारोबारों को अलग-अलग कंपनियों में बांटने यानी डीमर्जर की प्रक्रिया पूरी की। इसका उद्देश्य प्रत्येक बिजनेस को स्वतंत्र पहचान देना और उसके वास्तविक मूल्य (Value Unlocking) को सामने लाना है।
डीमर्जर के बाद बाजार में वेदांता समूह की कई कंपनियां अलग-अलग सूचीबद्ध हुईं। शुरुआत में अधिकांश विश्लेषकों का फोकस वेदांता एल्युमीनियम पर था, लेकिन सबसे अधिक चर्चा वेदांता आयरन एंड स्टील ने बटोरी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अलग-अलग बिजनेस के स्वतंत्र रूप से सूचीबद्ध होने से निवेशकों को प्रत्येक कंपनी के प्रदर्शन का स्पष्ट आकलन करने का मौका मिलता है। यही वजह है कि बाजार में इस कंपनी के शेयरों की मांग तेजी से बढ़ी।
अजीम प्रेमजी की कंपनी की खरीदारी बनी बड़ा संकेत
शेयर में तेजी की एक बड़ी वजह अजीम प्रेमजी की निवेश कंपनी द्वारा की गई खरीदारी भी मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, कंपनी के लिस्ट होने के बाद करीब 102 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे गए। किसी बड़े संस्थागत निवेशक की एंट्री को आमतौर पर बाजार सकारात्मक संकेत के रूप में देखता है। इससे अन्य निवेशकों का भरोसा भी मजबूत हुआ और शेयर में खरीदारी का दबाव बढ़ गया।
क्या करती है वेदांता आयरन एंड स्टील?
वेदांता आयरन एंड स्टील का कारोबार भारत के साथ-साथ अफ्रीकी देशों तक फैला हुआ है। कंपनी खनन से लेकर तैयार उत्पादों तक पूरे वैल्यू चेन में सक्रिय है।
कंपनी के प्रमुख कारोबार में शामिल हैं:
- आयरन ओर की खोज और माइनिंग
- आयरन ओर प्रोसेसिंग
- स्टील उत्पादन
- वायर रॉड
- टीएमटी बार
- पिग आयरन
- डक्टाइल आयरन पाइप
- फेरो-सिलिकॉन
- सीमेंट
- मेटालर्जिकल कोक
इस विविध पोर्टफोलियो के कारण कंपनी को इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्माण और औद्योगिक क्षेत्रों की बढ़ती मांग का फायदा मिल सकता है।
वेदांता समूह की अन्य कंपनियों में भी तेजी
वेदांता समूह की अन्य डीमर्जर कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली।
- वेदांता एल्युमीनियम के शेयर में लगभग 4% की बढ़त दर्ज हुई।
- वेदांता ऑयल एंड गैस करीब 11% तक उछला।
- वेदांता पावर के शेयर में 5% से अधिक की तेजी रही।
इससे संकेत मिलता है कि निवेशक पूरे वेदांता समूह के डीमर्जर मॉडल को सकारात्मक नजरिए से देख रहे हैं।
निवेशकों को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?
हालांकि कम समय में किसी शेयर का 100% से ज्यादा चढ़ना आकर्षक दिखाई देता है, लेकिन ऐसे शेयरों में उतार-चढ़ाव भी काफी अधिक हो सकता है।
निवेश से पहले इन बातों पर ध्यान देना जरूरी है:
- केवल तेजी देखकर निवेश का फैसला न करें।
- कंपनी के वित्तीय नतीजों और भविष्य की योजनाओं का अध्ययन करें।
- वैल्यूएशन और जोखिम का आकलन करें।
- यदि पहले से निवेश है तो अपने लक्ष्य और जोखिम क्षमता के अनुसार रणनीति बनाएं।
- किसी भी निवेश निर्णय से पहले वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर रहेगा।
आगे क्या रहेगी नजर?
अब निवेशकों की नजर कंपनी के अगले तिमाही नतीजों, उत्पादन क्षमता, खनन परियोजनाओं और डीमर्जर के बाद बिजनेस प्रदर्शन पर रहेगी। यदि कंपनी मजबूत वित्तीय प्रदर्शन जारी रखती है तो शेयर पर निवेशकों की रुचि बनी रह सकती है। हालांकि इतनी तेज बढ़त के बाद मुनाफावसूली की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।


