नई दिल्ली। UPI Payment MDR Charges: यूपीआई (UPI) से भुगतान करने वाले ग्राहकों और डिजिटल पेमेंट से जुड़े कारोबारियों के लिए अहम खबर है। 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) चार्ज को टालने पर विचार किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) शुक्रवार, 9 अक्टूबर को इस संबंध में स्टीयरिंग कमेटी की बैठक करने वाला है। बैठक में MDR चार्ज लागू करने की तारीख को आगे बढ़ाकर जनवरी 2027 तक करने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है।
हालांकि, जब तक NPCI की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की जाती, तब तक MDR चार्ज टलने की खबर को संभावित फैसला ही माना जाना चाहिए। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो कारोबारियों और पेमेंट कंपनियों को नई व्यवस्था की तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है।
आज NPCI की बैठक में क्या हो सकता है फैसला?
UPI ट्रांजैक्शन पर MDR चार्ज लागू करने की प्रस्तावित तारीख नजदीक आने के बीच NPCI की बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक में इस बात पर विचार किया जा सकता है कि 15 अक्टूबर से लागू होने वाले शुल्क को कुछ और समय के लिए स्थगित किया जाए या नहीं।
रिपोर्ट्स में जनवरी 2027 तक इसकी समयसीमा बढ़ाने की संभावना जताई गई है। बैठक के बाद इस संबंध में घोषणा होने की भी उम्मीद बताई गई थी। हालांकि, किसी निश्चित समय पर फैसला आने या प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की पुष्टि आधिकारिक जानकारी के बिना नहीं की जा सकती।
अगर MDR चार्ज को जनवरी 2027 तक टाल दिया जाता है, तो प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने से पहले कारोबारियों को अतिरिक्त समय मिल सकता है। वहीं, यदि समयसीमा में बदलाव नहीं होता है, तो संबंधित नियमों के अनुसार शुल्क लागू करने की तैयारी करनी होगी।
फिनटेक और पेमेंट कंपनियों ने क्यों की तारीख बढ़ाने की मांग?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिनटेक और पेमेंट कंपनियों ने MDR चार्ज लागू करने की तारीख आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था। कंपनियों की चिंताओं में त्योहारों के दौरान होने वाली बिक्री, अलग-अलग प्रकार के UPI ट्रांजैक्शन पर शुल्क की व्यवस्था और MDR की अलग-अलग दरों को लेकर स्पष्टता जैसे मुद्दे शामिल बताए गए हैं।
त्योहारी सीजन में ऑनलाइन खरीदारी और डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल बढ़ जाता है। ऐसे समय में पेमेंट से जुड़े नियमों में बदलाव होने पर कारोबारियों को अपनी भुगतान व्यवस्था, लागत और ग्राहकों को दी जाने वाली जानकारी में बदलाव करना पड़ सकता है।
इसी वजह से शुल्क लागू करने की समयसीमा बढ़ाने की मांग महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, तारीख बढ़ाने का अंतिम निर्णय NPCI की आधिकारिक घोषणा पर निर्भर करेगा।
₹2,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR का प्रस्ताव
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि ₹2,000 से अधिक के UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR चार्ज लागू करने की योजना है। इसके लिए 15 अक्टूबर 2026 की तारीख प्रस्तावित बताई गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रति ट्रांजैक्शन अधिकतम ₹300 की सीमा भी निर्धारित की गई थी।
MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट वह शुल्क है, जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले कारोबारियों से पेमेंट प्रोसेसिंग के बदले लिया जाता है। इस शुल्क का वास्तविक असर भुगतान के प्रकार, लागू नियमों और संबंधित कारोबारी व्यवस्था पर निर्भर करता है।
प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत दर को समझने के लिए उदाहरण देखें:
- ₹2,000 के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत के हिसाब से ₹8।
- ₹5,000 के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत के हिसाब से ₹20।
- ₹10,000 के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत के हिसाब से ₹40।
ये गणनाएं केवल प्रस्तावित दर को समझाने के लिए हैं। वास्तविक शुल्क की गणना लागू नियमों और पात्र ट्रांजैक्शन की शर्तों के अनुसार होगी। अधिकतम ₹300 की सीमा का उल्लेख भी रिपोर्ट में बताए गए प्रस्ताव के संदर्भ में है।
क्या आम ग्राहकों को UPI पेमेंट के लिए पैसे देने होंगे?
MDR चार्ज को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इससे आम ग्राहकों को UPI पेमेंट करने के लिए अतिरिक्त पैसे देने पड़ेंगे। इसे समझने के लिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि MDR मूल रूप से मर्चेंट यानी भुगतान स्वीकार करने वाले कारोबारी से संबंधित शुल्क है। इसे सीधे हर ग्राहक पर लगने वाला चार्ज मानना सही नहीं होगा।
किसी शुल्क का अंतिम असर इस बात पर निर्भर करेगा कि नियम किन ट्रांजैक्शन पर लागू होते हैं और भुगतान से जुड़े कारोबारियों तथा सेवा प्रदाताओं के लिए क्या शर्तें तय की जाती हैं। इसलिए MDR की प्रस्तावित दर को ग्राहकों से सीधे वसूले जाने वाले शुल्क के बराबर नहीं समझना चाहिए।
यदि NPCI समयसीमा बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी देता है, तो नई व्यवस्था लागू होने की तारीख आगे खिसक सकती है। लेकिन इसकी पुष्टि होने तक मौजूदा नियमों और आधिकारिक दिशानिर्देशों को ही आधार मानना जरूरी है।
UPI यूजर्स और कारोबारियों को अब क्या करना चाहिए?
फिलहाल UPI इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को केवल MDR चार्ज से जुड़ी खबर के आधार पर भुगतान करने का तरीका बदलने की जरूरत नहीं है। वहीं, कारोबारियों और पेमेंट कंपनियों को NPCI की आधिकारिक घोषणा तथा लागू होने वाली शर्तों पर नजर रखनी चाहिए।
निष्कर्ष: 15 अक्टूबर 2026 से प्रस्तावित MDR चार्ज को जनवरी 2027 तक टालने की संभावना पर चर्चा की खबर सामने आई है। NPCI की बैठक में इस पर फैसला हो सकता है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि होने से पहले यह कहना सही नहीं होगा कि UPI पेमेंट पर MDR चार्ज निश्चित रूप से जनवरी 2027 तक टल गया है।
Source: उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर।
डिस्क्लेमर: इस लेख में MDR चार्ज की दरों और समयसीमा से जुड़ी जानकारी प्रस्तावित व्यवस्था एवं मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। अंतिम नियमों और लागू होने की तारीख के लिए NPCI की आधिकारिक घोषणा देखें।


