UPI Transaction Charge: UPI को लेकर सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या अब UPI से पेमेंट करने पर चार्ज देना होगा? अगर आपने भी यह खबर सुनी है और इसे लेकर कन्फ्यूज हैं, तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि MDR यानी Merchant Discount Rate किस पर लागू होता है और इसका असर किस पर पड़ेगा।
UPI आज देश में डिजिटल पेमेंट का सबसे लोकप्रिय माध्यम बन चुका है। सब्जी खरीदने से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग, बिल भुगतान और बड़े कारोबारी पेमेंट तक के लिए लोग UPI का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में UPI पर किसी तरह के चार्ज की खबर स्वाभाविक रूप से लोगों की चिंता बढ़ा सकती है।
हालांकि, UPI से पेमेंट करने वाले आम ग्राहकों के लिए राहत की बात है। प्रस्तावित MDR व्यवस्था में ग्राहक से सीधे UPI ट्रांजेक्शन चार्ज वसूलने की बात नहीं है। यानी किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने या UPI ऐप के जरिए भुगतान करने पर ग्राहक को अलग से फीस देने की जरूरत नहीं होगी।
पहले समझिए क्या है MDR
MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क है जो डिजिटल पेमेंट को स्वीकार करने वाले मर्चेंट यानी दुकानदार या कारोबारी से पेमेंट प्रोसेसिंग के लिए लिया जाता है। यह ग्राहक से सीधे लिया जाने वाला UPI ट्रांजेक्शन चार्ज नहीं है।
डिजिटल पेमेंट के पीछे बैंक, पेमेंट सिस्टम और अन्य तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर काम करते हैं। इन सेवाओं की लागत को लेकर लंबे समय से UPI पर MDR लागू करने की चर्चा होती रही है।
यही वजह है कि MDR की खबर सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसका बोझ आखिर ग्राहक पर पड़ेगा या मर्चेंट पर।
क्या आम आदमी को UPI से पेमेंट करने पर चार्ज देना होगा?
नहीं।
UPI से भुगतान करने वाले सामान्य ग्राहकों के लिए ट्रांजेक्शन फ्री रहने की बात कही गई है। इसका मतलब है कि ग्राहक जब किसी दुकान, मर्चेंट या सेवा प्रदाता को UPI से भुगतान करेगा तो उसे भुगतान की रकम के ऊपर अलग से MDR नहीं देना होगा।
उदाहरण के लिए, अगर किसी सामान की कीमत ₹3,000 है और आप UPI से भुगतान करते हैं, तो ग्राहक के खाते से ₹3,000 ही जाने चाहिए। इसके ऊपर MDR के नाम पर अलग से शुल्क ग्राहक से वसूलने की व्यवस्था नहीं है।
क्या दोस्त या रिश्तेदार को पैसे भेजने पर चार्ज लगेगा?
नहीं।
एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बीच होने वाले UPI ट्रांजेक्शन को P2P यानी Person-to-Person Transaction कहा जाता है।
अगर आप अपने दोस्त, रिश्तेदार या परिवार के किसी सदस्य को UPI से पैसे भेजते हैं, तो उस ट्रांजेक्शन पर MDR लगाने का सवाल नहीं है। यानी P2P UPI ट्रांसफर पहले की तरह फ्री रहेगा।
आप ₹500, ₹5,000 या इससे अधिक रकम भी दूसरे व्यक्ति को UPI के जरिए ट्रांसफर कर सकते हैं और सिर्फ ट्रांसफर करने के कारण अलग से MDR चार्ज नहीं देना होगा।
क्या UPI ऐप ग्राहकों से प्लेटफॉर्म फीस वसूलेंगे?
नहीं।
UPI के जरिए भुगतान करने के लिए ग्राहकों से अलग से प्लेटफॉर्म फीस लेने की बात नहीं है। यानी किसी UPI ऐप का इस्तेमाल करने के कारण ग्राहक से प्रत्येक भुगतान पर अलग शुल्क वसूलने की व्यवस्था नहीं है।
इसलिए UPI से भुगतान करने वाले ग्राहकों को केवल MDR की खबर देखकर यह नहीं मान लेना चाहिए कि अब हर ट्रांजेक्शन महंगा हो जाएगा।
2000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर क्या होगा?
यहीं पर MDR की पूरी चर्चा शुरू होती है।
बताया गया है कि ₹2,000 तक के UPI पेमेंट को MDR से राहत मिलेगी। वहीं ₹2,000 से ज्यादा के कुछ मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर MDR लागू होने की बात कही गई है।
यहां यह समझना जरूरी है कि MDR का भुगतान मर्चेंट की तरफ से किया जाता है। ग्राहक के UPI पेमेंट की रकम से सीधे MDR काटकर उसे अतिरिक्त शुल्क के रूप में वसूलना अलग बात होगी।
इसलिए ₹2,000 से ज्यादा का UPI पेमेंट करने का मतलब यह नहीं है कि ग्राहक को अपने भुगतान के ऊपर 0.40% अतिरिक्त देना पड़ेगा।
मर्चेंट को कितना MDR देना होगा?
दिए गए नियमों के मुताबिक, ₹2,000 से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर 0.40% MDR लागू होगा।
हालांकि, बड़े ट्रांजेक्शन के लिए MDR की अधिकतम सीमा भी बताई गई है। ₹75,000 या उससे ज्यादा के पेमेंट पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 होगी।
इसे आसान उदाहरण से समझते हैं।
₹3,000 के UPI पेमेंट पर कितना MDR?
अगर कोई ग्राहक किसी मर्चेंट को ₹3,000 का UPI भुगतान करता है और उस पर 0.40% MDR लागू होता है, तो गणना इस तरह होगी:
₹3,000 × 0.40% = ₹12
यानी इस ट्रांजेक्शन पर MDR की राशि ₹12 होगी।
ध्यान रखें कि यह मर्चेंट की MDR लागत है, ग्राहक द्वारा UPI ऐप पर अलग से भुगतान किया जाने वाला ₹12 चार्ज नहीं।
₹50,000 के पेमेंट पर कितना MDR?
अब मान लीजिए कि किसी मर्चेंट को ₹50,000 का UPI भुगतान मिला।
₹50,000 × 0.40% = ₹200
इस स्थिति में MDR ₹200 होगा।
₹75,000 के पेमेंट पर क्या होगा?
₹75,000 का 0.40%:
₹75,000 × 0.40% = ₹300
यानी यहां MDR ₹300 बनता है और बताई गई अधिकतम सीमा भी ₹300 है।
इसके बाद बहुत बड़े पेमेंट पर भी MDR ₹300 से ज्यादा नहीं होगा, अगर वही कैप लागू रहता है।
क्या दुकानदार ग्राहक से ज्यादा पैसे वसूलेंगे?
यह सबसे अहम सवालों में से एक है।
अगर MDR मर्चेंट की लागत है, तो स्वाभाविक रूप से सवाल उठता है कि क्या दुकानदार इस लागत को ग्राहकों से वसूलने के लिए सामान की कीमत बढ़ा देंगे?
इसका जवाब हर कारोबारी के मामले में एक जैसा नहीं माना जा सकता। किसी भी अतिरिक्त लागत का असर कारोबार के मार्जिन, प्रतिस्पर्धा और मर्चेंट के बिजनेस मॉडल पर निर्भर करता है।
हालांकि, UPI का इस्तेमाल ग्राहकों को सुविधा देने और भुगतान को आसान बनाने के लिए कारोबारियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसलिए केवल MDR लागू होने से यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि हर दुकानदार तुरंत ग्राहकों से अतिरिक्त पैसा लेना शुरू कर देगा।
अगर कोई मर्चेंट ग्राहक से UPI भुगतान के नाम पर अलग से शुल्क मांगता है, तो ग्राहक को उस शुल्क की वैधता और लागू नियमों की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।
UPI को लेकर सबसे बड़ा भ्रम क्या है?
MDR की खबरों के बाद सबसे बड़ा भ्रम यह पैदा हो रहा है कि ₹2,000 से ज्यादा का UPI पेमेंट करने वाले ग्राहक के खाते से 0.40% अतिरिक्त रकम कट जाएगी।
ऐसा समझना सही नहीं है।
MDR मूल रूप से मर्चेंट पर लगने वाला शुल्क है। इसलिए ₹3,000 का UPI पेमेंट करने वाले ग्राहक के लिए इसका अर्थ यह नहीं है कि उसे ₹3,012 का भुगतान करना ही होगा।
इसी तरह ₹50,000 का भुगतान करने वाले ग्राहक को यह नहीं मानना चाहिए कि उसके खाते से ₹50,200 काटे जाएंगे।
UPI इस्तेमाल करने वालों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
UPI पेमेंट करते समय सबसे जरूरी बात यह है कि भुगतान की अंतिम राशि स्क्रीन पर देखकर ही ट्रांजेक्शन पूरा करें।
अगर किसी मर्चेंट की ओर से UPI के नाम पर अतिरिक्त शुल्क मांगा जाता है, तो भुगतान से पहले यह स्पष्ट कर लें कि अतिरिक्त राशि किस मद में ली जा रही है।
साथ ही, UPI ऐप पर दिखाई जाने वाली final payable amount को जरूर जांचें। किसी भी संदिग्ध या अनधिकृत शुल्क की स्थिति में अपने बैंक या संबंधित पेमेंट ऐप की शिकायत व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा सकता है।
निष्कर्ष
UPI MDR को लेकर सबसे जरूरी बात यह है कि MDR और ग्राहक से लिया जाने वाला UPI चार्ज एक ही चीज नहीं हैं। प्रस्तावित व्यवस्था में MDR का संबंध मुख्य रूप से मर्चेंट से है, जबकि आम ग्राहक के लिए UPI भुगतान को फ्री रखने की बात कही गई है।
₹2,000 तक के पेमेंट को MDR से राहत और उससे ऊपर के पात्र मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर 0.40% MDR की व्यवस्था बताई गई है। ₹75,000 या उससे अधिक के पेमेंट पर ₹300 की अधिकतम MDR सीमा का उदाहरण दिया गया है।
इसलिए UPI यूजर्स को केवल MDR की खबर देखकर यह चिंता करने की जरूरत नहीं है कि अब हर बार UPI से भुगतान करने पर उनके खाते से अलग से चार्ज कटेगा।
डिस्क्लेमर: UPI और MDR से जुड़े नियमों में बदलाव संभव हैं। वास्तविक शुल्क और लागू नियम संबंधित नियामक/पेमेंट नेटवर्क के अंतिम निर्देशों पर निर्भर करेंगे। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले आधिकारिक जानकारी की पुष्टि करें।


