UPI Payment Charges: देश में डिजिटल पेमेंट का सबसे बड़ा माध्यम बन चुके UPI को लेकर 15 अक्टूबर 2026 से एक बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर ₹2,000 से अधिक की रकम पर 0.4% Merchant Discount Rate (MDR) लागू होगा। ₹75,000 या उससे अधिक के ट्रांजैक्शन पर MDR अधिकतम ₹300 तक सीमित रहेगा।
इसी बीच MDR पर 18% GST लगाए जाने को लेकर भी चर्चा तेज है। रिपोर्ट्स के अनुसार GST Council इस मुद्दे की समीक्षा कर सकती है। हालांकि, अभी इसे अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। 24 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक 7 अक्टूबर की GST Council बैठक के एजेंडे में यह मुद्दा फिलहाल शामिल नहीं है, लेकिन Council इसे बैठक में उठा सकती है।
UPI पर असल में क्या बदलने वाला है?
15 अक्टूबर से सभी UPI ट्रांजैक्शन पर कोई शुल्क नहीं लगने वाला है। नया MDR केवल निर्धारित P2M यानी ग्राहक से कारोबारी को होने वाले चुनिंदा भुगतान पर लागू होगा।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P ट्रांजैक्शन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। ₹2,000 तक के पात्र मर्चेंट UPI भुगतान भी MDR से बाहर रहेंगे। सरकार ने यह भी कहा है कि लगभग 96% P2M ट्रांजैक्शन नए MDR से प्रभावित नहीं होंगे।
इसलिए अगर कोई व्यक्ति अपने दोस्त या परिवार के सदस्य को ₹10,000 UPI से भेजता है, तो इस नए MDR की वजह से उस ट्रांजैक्शन पर शुल्क नहीं लगेगा।
₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर कितना MDR?
सामान्य पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन के लिए MDR 0.4% निर्धारित किया गया है।
उदाहरण के तौर पर:
- ₹2,000 तक के पात्र P2M भुगतान पर MDR नहीं।
- ₹5,000 के भुगतान पर 0.4% के हिसाब से MDR ₹20।
- ₹10,000 के भुगतान पर MDR ₹40।
- ₹50,000 के भुगतान पर MDR ₹200।
- ₹75,000 पर MDR ₹300।
- ₹75,000 से ऊपर भी MDR अधिकतम ₹300 रहेगा।
ध्यान देने वाली बात यह है कि MDR ग्राहक से अलग से वसूलने के लिए नहीं है। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह भुगतान व्यवस्था के भीतर मर्चेंट और पेमेंट इकोसिस्टम से जुड़ा शुल्क है।
फिर 18% GST का मामला क्या है?
यहीं पर सबसे ज्यादा भ्रम पैदा हो रहा है।
18% GST पूरे UPI पेमेंट पर लगाने की बात नहीं है। यदि MDR पर GST लागू होता है, तो GST MDR की रकम पर लगेगा, पूरे ट्रांजैक्शन पर नहीं।
मान लीजिए कोई ग्राहक किसी कारोबारी को ₹10,000 का पात्र UPI भुगतान करता है।
0.4% MDR = ₹40
अगर इस MDR पर 18% GST लागू होता है:
₹40 × 18% = ₹7.20
इस स्थिति में MDR और उसके GST को मिलाकर लागत:
₹40 + ₹7.20 = ₹47.20
यानी ₹10,000 के पूरे UPI भुगतान पर 18% GST नहीं लगेगा। प्रस्तावित/चर्चित GST का आधार MDR होगा।
क्या ग्राहक को ₹10,000 के भुगतान पर ₹47.20 ज्यादा देने होंगे?
ऐसा सीधे तौर पर नहीं कहा जा सकता।
MDR की संरचना मर्चेंट और पेमेंट इकोसिस्टम से संबंधित है और सरकार ने स्पष्ट किया है कि MDR को ग्राहक पर डालने की अनुमति नहीं होगी। इसलिए ग्राहक के UPI ऐप पर ₹10,000 भेजते समय अपने आप ₹47.20 अतिरिक्त जुड़ने वाला नियम नहीं है।
हालांकि, यदि किसी कारोबारी की पेमेंट स्वीकार करने की लागत बढ़ती है, तो उसके कारोबार की कुल लागत पर इसका असर पड़ सकता है। कीमतों में इसका कोई अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है या नहीं, यह संबंधित कारोबारी और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
किन कारोबारियों पर लागू होगा MDR?
नया ढांचा सभी कारोबारियों के लिए एक जैसा नहीं है। सामान्य पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन के लिए 0.4% MDR तय किया गया है, जबकि कुछ आवश्यक और कम मार्जिन वाले क्षेत्रों के लिए अलग व्यवस्था रखी गई है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल और कृषि इनपुट जैसे कुछ क्षेत्रों में ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर फ्लैट ₹5 MDR होगा। वहीं म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉकब्रोकर और डीलर से जुड़े भुगतान के लिए MDR 0.02%, अधिकतम ₹300, निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा पात्र छोटे कारोबारी, जो मौजूदा zero-MDR व्यवस्था के तहत आते हैं, उन्हें राहत जारी रहने की बात कही गई है।
₹2,000 की सीमा को ऐसे समझें
यह समझना जरूरी है कि नियम का मतलब यह नहीं है कि ₹2,001 का हर UPI पेमेंट करने वाले व्यक्ति से शुल्क लिया जाएगा।
यह व्यवस्था मुख्य रूप से निर्धारित मर्चेंट पेमेंट पर लागू है। P2P ट्रांसफर इससे बाहर हैं और छोटे कारोबारियों के लिए भी अलग छूट का प्रावधान है।
यानी किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति को ₹5,000 भेजने और किसी दुकान पर ₹5,000 का भुगतान करने की स्थिति एक जैसी नहीं होगी।
18% GST पर अभी अंतिम फैसला बाकी
MDR पर GST को लेकर स्थिति फिलहाल पूरी तरह अंतिम नहीं है। 24 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार सरकार 15 अक्टूबर से MDR लागू करने की समयसीमा में बदलाव नहीं कर रही है, लेकिन MDR पर 18% GST के मुद्दे की GST Council समीक्षा कर सकती है। हालांकि, यह मुद्दा 7 अक्टूबर की बैठक के घोषित एजेंडे में फिलहाल शामिल नहीं बताया गया है।
इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि 15 अक्टूबर से हर ₹2,000 से अधिक UPI पेमेंट पर निश्चित रूप से MDR के ऊपर 18% GST लागू हो जाएगा। GST Council के निर्णय के बाद ही इस हिस्से की अंतिम तस्वीर साफ होगी।
आम UPI यूजर्स पर कितना असर?
आम उपभोक्ता के लिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि:
- P2P UPI ट्रांसफर मुफ्त रहेंगे।
- ₹2,000 तक के पात्र P2M भुगतान MDR से बाहर रहेंगे।
- निर्धारित बड़े P2M भुगतान पर MDR कारोबारी पक्ष से जुड़ा होगा।
- ₹75,000 या उससे अधिक के सामान्य पात्र ट्रांजैक्शन पर MDR ₹300 तक सीमित रहेगा।
- कुछ आवश्यक क्षेत्रों के लिए ₹5 का फ्लैट MDR रखा गया है।
- MDR पर 18% GST के मुद्दे पर अभी अंतिम फैसला बाकी है।
इस तरह UPI को लेकर सबसे जरूरी अंतर यह है कि MDR और GST को पूरे UPI भुगतान पर लगने वाला टैक्स समझना सही नहीं है। MDR एक भुगतान-प्रसंस्करण शुल्क है और यदि उस पर GST लागू होता है, तो GST MDR की रकम पर ही गणना होगा।
Source: Ministry of Finance, Moneycontrol और अन्य रिपोर्ट्स पर आधारित।
डिस्क्लेमर: UPI/MDR और GST से जुड़े नियमों में अंतिम बदलाव संबंधित सरकारी अधिसूचना, NPCI के निर्देश और GST Council के निर्णय के अनुसार मान्य होंगे। उपरोक्त उदाहरण केवल समझाने के उद्देश्य से हैं।


