HighLights
- तोतापुरी आम की कीमत कई मंडियों में ₹3 प्रति किलो तक पहुंची।
- आंध्र प्रदेश के सीएम ने किसानों के लिए ₹281 करोड़ की सहायता मांगी।
- कर्नाटक में किसानों को ₹1,750 प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य का लाभ मिलेगा।
नई दिल्ली: देशभर में आम का सीजन अपने चरम पर है, लेकिन इस बार तोतापुरी आम उगाने वाले किसानों के लिए यह मौसम मुश्किलों से भरा साबित हो रहा है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में तोतापुरी आम की कीमतों में भारी गिरावट आने से किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। कई मंडियों में कीमतें घटकर महज ₹3 प्रति किलो तक पहुंच गई हैं, जिससे लाखों किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
इसी स्थिति को देखते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की है। उन्होंने केंद्र सरकार से मार्केट इंटरवेंशन प्राइस (MIP) योजना के तहत ₹281 करोड़ की वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया है।
किसानों के लिए MIP के तहत राहत की मांग
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में बताया कि आंध्र प्रदेश में लगभग 3.9 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आम की खेती होती है, जहां से हर साल करीब 52.6 लाख टन आम का उत्पादन होता है। इनमें 91,011 हेक्टेयर क्षेत्र में केवल तोतापुरी आम की खेती होती है, जिसका अधिकांश हिस्सा रायलसीमा क्षेत्र में है। इस क्षेत्र से हर वर्ष लगभग 8.6 लाख टन तोतापुरी आम का उत्पादन होता है।
उन्होंने कहा कि इस साल बाजार में कीमतें तेजी से गिरने के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसलिए मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) के तहत 7.03 लाख टन तोतापुरी आम की खरीद कर किसानों को राहत दी जानी चाहिए।
कीमतों में गिरावट से बढ़ी किसानों की चिंता
इस वर्ष उत्पादन अच्छा होने के बावजूद बाजार में मांग अपेक्षाकृत कमजोर रही। साथ ही प्रोसेसिंग उद्योग और निर्यात की रफ्तार भी उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी। इसका सीधा असर किसानों को मिलने वाले दाम पर पड़ा। कई किसान अपनी उपज को लागत से भी कम कीमत पर बेचने को मजबूर हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सरकारी हस्तक्षेप नहीं हुआ तो हजारों आम उत्पादक किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
कर्नाटक सरकार ने शुरू किया पंजीकरण
केंद्र सरकार द्वारा राहत की घोषणा के बाद कर्नाटक सरकार ने भी किसानों के लिए सहायता प्रक्रिया शुरू कर दी है। 27 जून से राज्य के कई जिलों में किसानों का पंजीकरण किया जा रहा है।
राज्य सरकार ने तोतापुरी आम की खरीद के लिए ₹1,750 प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य तय किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रत्येक पात्र किसान को अधिकतम 200 क्विंटल तक की उपज पर सहायता मिलेगी। MIS के तहत किसानों को ₹4.37 प्रति किलो के हिसाब से मूल्य अंतर भुगतान भी दिया जाएगा।
किसानों को कैसे मिलेगा फायदा?
यदि केंद्र सरकार आंध्र प्रदेश की मांग को मंजूरी देती है, तो लाखों किसानों को सीधे आर्थिक राहत मिल सकती है। इससे बाजार में कीमतों को स्थिर करने में मदद मिलेगी और किसानों को अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचने की मजबूरी नहीं रहेगी। साथ ही भविष्य में भी आम उत्पादकों के लिए ऐसी मूल्य संरक्षण योजनाओं को मजबूत करने का रास्ता खुल सकता है।


