Sunny Deol: बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल ने पान मसाला के विज्ञापनों को लेकर अपना रुख एक बार फिर साफ कर दिया है। अभिनेता ने बताया कि उन्हें ऐसे प्रोडक्ट्स के विज्ञापन के ऑफर मिल चुके हैं, लेकिन उन्होंने उन्हें स्वीकार नहीं किया। सनी के मुताबिक, वह किसी ऐसे उत्पाद का प्रचार नहीं करना चाहते, जिस पर उन्हें खुद विश्वास नहीं है।
शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान सनी देओल ने ब्रांड एंडोर्समेंट से जुड़े अपने फैसलों पर खुलकर बात की। जब उनसे खास तौर पर पान मसाला के विज्ञापनों से दूरी बनाए रखने की वजह पूछी गई, तो उन्होंने साफ कहा कि वह भविष्य में भी ऐसे विज्ञापन नहीं करेंगे।
‘ऑफर तो आते हैं, लेकिन मैं नहीं करूंगा’
सनी देओल ने कहा कि पान मसाला के विज्ञापन उन्हें पसंद नहीं हैं और वह इस तरह के प्रोडक्ट को प्रमोट नहीं करना चाहते। उन्होंने अपने फैसले को अपनी व्यक्तिगत सोच और विश्वास से जोड़ते हुए कहा कि वह ऐसी चीज नहीं करना चाहते, जिस पर उनका भरोसा नहीं है।
अभिनेता ने कहा, “मैं पान मसाला के विज्ञापन नहीं करता और न ही कभी करूंगा। मैं ऐसी कोई चीज नहीं करूंगा। ऑफर तो आते हैं, लेकिन मैं नहीं करूंगा। मैं ऐसा कुछ नहीं करना चाहता जिसमें मेरा विश्वास न हो।”
सनी ने आगे कहा कि वह इन चीजों को मानते ही नहीं हैं और उन्हें नहीं लगता कि पान मसाला जैसी चीजों को बढ़ावा देना अच्छी बात है। उनका कहना है कि इसी सोच के कारण उन्होंने अपने करियर में कई ऐसे काम भी ठुकराए हैं, जिनके बदले उन्हें अच्छा पैसा मिल सकता था।
‘मेरा जमीर इजाजत नहीं देता’
सनी देओल ने बताया कि उनके लिए किसी काम से मिलने वाला पैसा ही सबसे महत्वपूर्ण नहीं है। अगर कोई काम उनकी सोच और सिद्धांतों से मेल नहीं खाता, तो वह उसे करने से पीछे हट जाते हैं।
उन्होंने कहा, “मैं कई काम इसलिए नहीं करता क्योंकि मेरा जमीर उन्हें मंजूरी नहीं देता, और जो काम करने होते हैं, उन्हें मैं कर लेता हूं।”
अभिनेता के इस बयान से साफ है कि ब्रांड एंडोर्समेंट चुनते समय वह सिर्फ कमाई या ब्रांड की लोकप्रियता को प्राथमिकता नहीं देते। वह यह भी देखते हैं कि जिस चीज का वह प्रचार कर रहे हैं, क्या वह उनकी अपनी मान्यताओं के अनुरूप है।
विज्ञापनों में कम क्यों नजर आते हैं सनी?
पॉडकास्ट में सनी देओल से यह भी पूछा गया कि वह विज्ञापनों की दुनिया में अपने कई साथी कलाकारों की तुलना में कम क्यों दिखाई देते हैं। इस पर अभिनेता ने कहा कि उन्हें खुद नहीं पता कि विज्ञापनदाता उनसे उतना संपर्क क्यों नहीं करते।
सनी ने कहा, “अगर मैं भारत का प्रतिनिधित्व करता हूं और बाकी चीजों का भी प्रतिनिधित्व करता हूं, तो भी किसी तरह ऐड मेरे पास नहीं आते। वे मेरे पास क्यों नहीं आते? मुझे कोई अंदाजा नहीं है।”
उन्होंने विज्ञापनों के कम ऑफर मिलने की स्थिति की तुलना अपने करियर के उस दौर से भी की, जब उन्हें फिल्मों के ऑफर कम मिल रहे थे। अभिनेता ने कहा कि जैसे पहले फिल्मों को लेकर उन्हें समझ नहीं आता था कि ऑफर क्यों नहीं मिल रहे, वैसे ही विज्ञापनों के मामले में भी उन्हें इसकी वजह पता नहीं है।
पान मसाला विज्ञापनों पर फिर चर्चा
सनी देओल का यह बयान ऐसे समय आया है जब बॉलीवुड सितारों के पान मसाला और सरोगेट एडवरटाइजिंग से जुड़े विज्ञापनों को लेकर चर्चा फिर तेज है। हाल ही में महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन में नजर आने को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की खबर सामने आई थी।
ऐसे माहौल में सनी देओल का पान मसाला के विज्ञापनों को लेकर स्पष्ट रुख चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने सीधे तौर पर कहा है कि उन्हें ऐसे ऑफर मिलने के बावजूद वह उन्हें स्वीकार नहीं करेंगे।
‘बंटवारा 1947’ में नजर आ रहे हैं सनी देओल
वर्कफ्रंट की बात करें तो सनी देओल इन दिनों ‘बंटवारा 1947’ को लेकर चर्चा में हैं। इसके अलावा वह नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ का भी हिस्सा हैं। इस फिल्म में सनी देओल भगवान हनुमान की भूमिका निभाते नजर आएंगे।
सनी देओल के इस बयान ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि किसी सेलिब्रिटी के लिए ब्रांड एंडोर्समेंट चुनते समय सिर्फ फीस महत्वपूर्ण होनी चाहिए या फिर उस प्रोडक्ट और उसकी छवि से जुड़ी व्यक्तिगत सोच भी मायने रखती है। सनी का जवाब स्पष्ट है—वह ऐसे ब्रांड का प्रचार नहीं करेंगे, जिस पर उन्हें खुद विश्वास नहीं है।


