दुनिया में कई ऐसी चीजें हैं जिनकी कीमत सुनकर आम आदमी हैरान रह जाता है। कभी किसी खास नस्ल के घोड़े की कीमत करोड़ों में होती है तो कभी किसी दुर्लभ फल या सब्जी के बीज लाखों-करोड़ों में बिकते हैं। इन दिनों एक खास टमाटर की किस्म चर्चा में है, जिसके बीजों की कीमत करीब ₹3 करोड़ प्रति किलो बताई जा रही है। यह सुनने में भले ही अविश्वसनीय लगे, लेकिन यूरोप के कई देशों में इस टमाटर की भारी मांग है और किसान इसे उगाकर अच्छी कमाई भी कर रहे हैं।
यह खास किस्म ‘समर सन’ (Summer Sun Tomato) के नाम से जानी जाती है। इसे विकसित करने वाली कंपनी हेजेरा जेनेटिक्स (Hazera Genetics) है, जो दुनिया की बड़ी सीड टेक्नोलॉजी कंपनियों में गिनी जाती है। यह कंपनी हाई-क्वालिटी सब्जियों के बीज विकसित करने के लिए मशहूर है।
आखिर क्यों इतने महंगे हैं ये बीज?
जब किसी टमाटर के बीज की कीमत करोड़ों रुपये हो, तो सबसे पहला सवाल यही उठता है कि आखिर इसमें ऐसा क्या खास है? दरअसल, ‘समर सन’ टोमैटो सामान्य टमाटरों से कई मामलों में अलग माना जाता है।
इस किस्म का स्वाद बेहद मीठा और संतुलित बताया जाता है। कई यूरोपीय फूड एक्सपर्ट्स और शेफ इसे “डेजर्ट टोमैटो” तक कहते हैं क्योंकि इसका स्वाद सामान्य टमाटर से बिल्कुल अलग होता है। यही वजह है कि हाई-एंड रेस्तरां और प्रीमियम फूड मार्केट में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
इसके अलावा यह टमाटर स्वास्थ्य के लिहाज से भी फायदेमंद माना जाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और प्राकृतिक मिठास अधिक पाई जाती है। यही कारण है कि हेल्दी डाइट पसंद करने वाले लोग इसे खास तौर पर खरीदते हैं।
लाल नहीं, हल्के पीले रंग का होता है टमाटर
‘समर सन’ टोमैटो देखने में भी अलग होता है। इसका रंग सामान्य लाल टमाटर जैसा नहीं बल्कि हल्का पीला या सुनहरा होता है। आकार में यह चेरी टोमैटो जैसा छोटा होता है। इसकी चमक और रंग इसे बाजार में प्रीमियम कैटेगरी का उत्पाद बनाते हैं।
यूरोप के सुपरमार्केट में इसे सामान्य टमाटरों से कहीं ज्यादा कीमत पर बेचा जाता है। कई जगह इसकी पैकिंग भी प्रीमियम फ्रूट्स की तरह की जाती है।
बीज रहित होने से बढ़ी डिमांड
इस किस्म की सबसे खास बात यह बताई जाती है कि इसमें बीज बहुत कम या लगभग नहीं होते। आमतौर पर लोग ऐसे फलों और सब्जियों को ज्यादा पसंद करते हैं जिनमें बीज कम हों। यही वजह है कि इसका इस्तेमाल सलाद, प्रीमियम सैंडविच, पिज्जा और विदेशी व्यंजनों में ज्यादा किया जाता है।
कम बीज होने से इसका टेक्सचर बेहतर माना जाता है और स्वाद भी ज्यादा स्मूद लगता है।
1 बीज से 20 किलो तक पैदावार
महंगे बीजों के पीछे एक बड़ा कारण इसकी उत्पादकता भी है। कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ‘समर सन’ टोमैटो का एक बीज बेहद ज्यादा पैदावार देने में सक्षम होता है। सही तापमान, पोषण और ग्रीनहाउस तकनीक के साथ एक पौधे से 20 किलो तक टमाटर प्राप्त किए जा सकते हैं।
यानी शुरुआती निवेश भले ही ज्यादा हो, लेकिन सही बाजार मिलने पर किसान इससे शानदार कमाई कर सकते हैं। यूरोप में कई किसान नियंत्रित वातावरण वाले ग्रीनहाउस में इसकी खेती करते हैं।
यूरोप में क्यों बढ़ रही है इसकी मांग?
पिछले कुछ वर्षों में यूरोप में प्रीमियम और ऑर्गेनिक फूड की मांग तेजी से बढ़ी है। लोग अब सिर्फ सस्ता खाना नहीं बल्कि बेहतर स्वाद और हेल्थ वैल्यू वाले उत्पाद खरीदना पसंद कर रहे हैं। इसी ट्रेंड का फायदा ‘समर सन’ टोमैटो को मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाई-एंड होटल, रेस्तरां और हेल्दी फूड चेन इस टमाटर को लगातार खरीद रही हैं। यही वजह है कि इसके बीजों की कीमत भी आसमान छू रही है।
हेजेरा जेनेटिक्स क्या करती है?
हेजेरा जेनेटिक्स एक अंतरराष्ट्रीय कृषि कंपनी है जो नई किस्मों के बीज विकसित करती है। कंपनी रिसर्च, जेनेटिक सुधार और गुणवत्ता नियंत्रण पर काफी खर्च करती है। यही कारण है कि इसके बीज महंगे होते हैं।
कंपनी का फोकस ऐसी फसलें तैयार करना है जो ज्यादा उत्पादन दें, स्वाद में बेहतर हों, रोगों से सुरक्षित रहें, लंबे समय तक ताजा रहें ‘समर सन’ टोमैटो भी इसी रिसर्च का हिस्सा माना जाता है।
क्या भारत में भी हो सकती है इसकी खेती?
भारत में फिलहाल इस किस्म की खेती बहुत सीमित स्तर पर होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी सफल खेती के लिए नियंत्रित तापमान, ग्रीनहाउस और उन्नत सिंचाई तकनीक की जरूरत होती है। इसलिए आम किसान के लिए इसकी खेती आसान नहीं मानी जाती।
हालांकि, भारत में चेरी टोमैटो और एक्सोटिक सब्जियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले समय में प्रीमियम होटल और बड़े शहरों के सुपरमार्केट में इसकी मांग बढ़ सकती है।
क्या वाकई ₹3 करोड़ किलो है कीमत?
बीजों की कीमत को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स में अलग आंकड़े सामने आते हैं। दरअसल, हाई-हाइब्रिड और प्रीमियम जेनेटिक सीड्स की कीमत सामान्य बीजों की तुलना में हजारों गुना ज्यादा हो सकती है। बीज बहुत हल्के होते हैं, इसलिए किलो के हिसाब से उनकी कीमत करोड़ों में पहुंच जाती है।
यही वजह है कि ‘समर सन’ टोमैटो के बीज दुनिया के सबसे महंगे कृषि बीजों में गिने जाते हैं।
किसानों के लिए कितना फायदेमंद?
अगर किसान को सही बाजार और तकनीक मिल जाए तो यह फसल काफी मुनाफा दे सकती है। हालांकि इसकी खेती में शुरुआती लागत बहुत ज्यादा होती है। इसके लिए ग्रीनहाउस, नियंत्रित तापमान, विशेष पोषण, रोग प्रबंधन, हाई-क्वालिटी सिंचाई जैसी सुविधाओं की जरूरत पड़ती है।
लेकिन प्रीमियम मार्केट में इसकी कीमत इतनी ज्यादा मिलती है कि बड़े किसान और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग कंपनियां इसमें रुचि दिखा रही हैं।
निष्कर्ष
‘समर सन’ टोमैटो सिर्फ एक सब्जी नहीं बल्कि आधुनिक कृषि तकनीक और प्रीमियम फूड मार्केट का उदाहरण बन चुका है। इसका असाधारण स्वाद, कम बीज, शानदार उत्पादन क्षमता और हाई-एंड मार्केट डिमांड इसे बेहद खास बनाती है। यही कारण है कि इसके बीजों की कीमत करोड़ों रुपये तक पहुंच जाती है।
आने वाले समय में जैसे-जैसे दुनिया में प्रीमियम और हेल्दी फूड की मांग बढ़ेगी, वैसे-वैसे ऐसी हाई-वैल्यू फसलों का बाजार भी तेजी से बढ़ सकता है।
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