Success Story of Veena Devi and Sameer: बिहार की पूर्व शिक्षिका वीणा देवी और उनके बेटे समीर ने पारंपरिक ठेकुआ को आधुनिक हेल्दी स्नैक ब्रांड में बदलकर सफलता की नई मिसाल कायम की है। घर की रसोई के सिर्फ 4 चूल्हों से शुरू हुआ उनका सफर आज 75 करोड़ रुपये की वैल्यूएशन वाले ब्रांड MomsMade तक पहुंच चुका है। यह स्टार्टअप न केवल करोड़ों का कारोबार कर रहा है, बल्कि 50 से अधिक महिलाओं को रोजगार भी दे रहा है।
नई दिल्ली: कहा जाता है कि अगर हुनर के साथ सही सोच और मेहनत जुड़ जाए तो छोटी शुरुआत भी बड़ी सफलता में बदल सकती है। बिहार की रहने वाली वीणा देवी और उनके बेटे समीर की कहानी इसी बात का बेहतरीन उदाहरण है। 15 वर्षों तक शिक्षिका के रूप में काम करने वाली वीणा देवी ने कभी नहीं सोचा था कि उनकी रसोई में बनने वाला पारंपरिक ठेकुआ एक दिन करोड़ों रुपये के बिजनेस की पहचान बन जाएगा।
आज उनका ब्रांड MomsMade पूरे देश में हेल्दी और पारंपरिक स्नैक्स की पहचान बन चुका है। उनकी इस प्रेरणादायक यात्रा की तारीफ बॉलीवुड अभिनेता आर. माधवन ने भी सोशल मीडिया पर की है।
कैसे हुई MomsMade की शुरुआत?
जब वीणा देवी अपने बेटे समीर के साथ बेंगलुरु शिफ्ट हुईं, तो उन्होंने अपने खाली समय का उपयोग घर पर पारंपरिक स्नैक्स बनाने में किया। शुरुआत में वे अपनी हाउसिंग सोसाइटी के लोगों के लिए ठेकुआ और अन्य घरेलू स्नैक्स तैयार करती थीं।
समीर ने देखा कि बाजार में मिलने वाला ठेकुआ अक्सर मैदा, रिफाइंड चीनी, पाम ऑयल और प्रिजर्वेटिव्स से तैयार किया जाता है। वहीं उनकी मां का बनाया ठेकुआ पूरी तरह पारंपरिक, स्वादिष्ट और पौष्टिक था। यहीं से उनके मन में इसे बड़े स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का विचार आया।
इसी सोच ने MomsMade नाम के स्टार्टअप को जन्म दिया।
क्या है MomsMade के ठेकुआ की खासियत?
MomsMade ने पारंपरिक रेसिपी को आधुनिक हेल्दी स्नैक के रूप में पेश किया। कंपनी का दावा है कि उसके ठेकुआ में—
- मैदा का इस्तेमाल नहीं किया जाता।
- रिफाइंड चीनी की जगह शुद्ध गुड़ का उपयोग होता है।
- पाम ऑयल की बजाय देसी घी का इस्तेमाल किया जाता है।
- गेहूं के आटे से तैयार किया जाता है।
- किसी तरह के कृत्रिम प्रिजर्वेटिव्स नहीं मिलाए जाते।
इसी वजह से यह स्नैक स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक ग्राहकों के बीच भी लोकप्रिय हो गया।
सिर्फ 4 चूल्हों से शुरू हुआ करोड़ों का कारोबार
शुरुआत बेहद साधारण थी। वीणा देवी घर की रसोई में केवल चार चूल्हों पर ठेकुआ तैयार करती थीं, जबकि समीर ऑनलाइन ऑर्डर, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग की जिम्मेदारी संभालते थे।
धीरे-धीरे ग्राहकों का भरोसा बढ़ा और ऑर्डर भी तेजी से आने लगे। सोशल मीडिया और डिजिटल मार्केटिंग की मदद से ब्रांड की पहुंच पूरे देश में बन गई।
आज रोजाना मिलते हैं 1,000 से ज्यादा ऑर्डर
लगातार मेहनत और गुणवत्ता बनाए रखने का परिणाम यह हुआ कि आज MomsMade हर दिन 1,000 से अधिक ऑर्डर पूरे करता है।
कंपनी का—
- सालाना टर्नओवर लगभग 15 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
- ब्रांड की वैल्यूएशन 75 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
- पूरे भारत में हेल्दी पारंपरिक स्नैक्स की मजबूत पहचान बन चुकी है।
सिर्फ ठेकुआ नहीं, कई पारंपरिक स्नैक्स भी
MomsMade अब केवल ठेकुआ तक सीमित नहीं है। कंपनी कई पारंपरिक उत्तर भारतीय स्नैक्स भी तैयार करती है, जिनमें प्रमुख हैं—
- ठेकुआ
- निमकी
- चना दाल स्नैक
- अन्य पारंपरिक हेल्दी स्नैक्स
इन सभी उत्पादों में पारंपरिक स्वाद और बेहतर गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
50 महिलाओं को मिला रोजगार
वीणा देवी की सफलता केवल कारोबार तक सीमित नहीं रही। उन्होंने अपने उद्यम के माध्यम से 50 से अधिक स्थानीय महिलाओं को रोजगार दिया है।
इस पहल से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। यह स्टार्टअप महिला सशक्तिकरण का भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।
आर. माधवन ने भी की तारीफ
वीणा देवी और समीर की सफलता की कहानी ने लाखों लोगों को प्रेरित किया है। उनकी इस उपलब्धि की सराहना अभिनेता आर. माधवन ने भी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर की, जिसके बाद यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई।
सफलता की सीख
वीणा देवी और समीर की कहानी यह बताती है कि पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक बिजनेस सोच का मेल किसी भी साधारण विचार को असाधारण सफलता में बदल सकता है। अगर उत्पाद की गुणवत्ता, ग्राहकों का भरोसा और सही रणनीति हो, तो घर की रसोई से शुरू हुआ छोटा कारोबार भी करोड़ों रुपये की कंपनी बन सकता है।


