Stock Market Rally: लगातार सात कारोबारी दिनों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 20 अगस्त को शानदार वापसी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी ने मजबूत शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 585 अंक तक उछल गया, जबकि निफ्टी 50 भी 24,200 के स्तर के पार पहुंच गया। आईटी शेयरों में खरीदारी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी, एशियाई बाजारों की तेजी और निचले स्तर पर हुई खरीदारी ने बाजार की धारणा को मजबूत किया।
सुबह करीब 9:40 बजे सेंसेक्स 554.30 अंक यानी 0.72% की बढ़त के साथ 77,463.98 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 127.30 अंक यानी 0.53% चढ़कर 24,205.60 पर पहुंच गया। इससे पहले शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 585.11 अंक की छलांग लगाकर 77,494.79 और निफ्टी 147.15 अंक बढ़कर 24,225.45 तक पहुंच गया था।
ब्रॉडर मार्केट में भी खरीदारी का माहौल रहा। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी शुरुआती कारोबार में आधे फीसदी से अधिक की तेजी देखने को मिली।
7 दिन की गिरावट के बाद Nifty में वापसी
निफ्टी में लगातार सात कारोबारी सत्रों से गिरावट जारी थी। वहीं सेंसेक्स भी लगातार चार सत्रों से दबाव में था। ऐसे में गुरुवार की तेजी को बाजार में राहत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, बाजार की आगे की दिशा वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और आगामी आर्थिक आंकड़ों पर भी निर्भर करेगी।
आइए जानते हैं बाजार में आज की तेजी की चार बड़ी वजहें क्या हैं।
1. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई नरमी
अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में नरमी ने दुनियाभर के शेयर बाजारों की धारणा को सहारा दिया। अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट की ओर से सरकारी डेट बायबैक बढ़ाने के फैसले के बाद लॉन्ग टर्म ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में गिरावट आई।
रिपोर्ट के मुताबिक, 30 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 5.26% से घटकर करीब 5.18% और 10 साल की यील्ड 4.68% से घटकर करीब 4.63% पर आ गई। बॉन्ड यील्ड में नरमी से इक्विटी जैसे अपेक्षाकृत जोखिम वाले एसेट्स के प्रति निवेशकों का आकर्षण बढ़ सकता है।
भारत जैसे उभरते बाजारों के लिए भी अमेरिकी यील्ड में गिरावट सकारात्मक संकेत मानी जाती है, क्योंकि इससे ग्लोबल फंड फ्लो को कुछ सपोर्ट मिल सकता है।
2. IT Stocks ने संभाला बाजार
गुरुवार की तेजी में आईटी सेक्टर की अहम भूमिका रही। शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1% से अधिक की तेजी देखने को मिली।
आईटी शेयरों में खरीदारी ने सेंसेक्स और निफ्टी को ऊपर ले जाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके अलावा मेटल, फार्मा, पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में भी आधे फीसदी से अधिक की मजबूती देखने को मिली।
वैश्विक स्तर पर टेक और आईटी शेयरों में सकारात्मक रुख का असर भारतीय आईटी कंपनियों पर भी देखने को मिला।
3. एशियाई बाजारों में जबरदस्त तेजी
भारतीय बाजार को एशियाई शेयर बाजारों से भी मजबूत सपोर्ट मिला। गुरुवार को कई प्रमुख एशियाई इंडेक्सों में तेज खरीदारी देखने को मिली।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6% से अधिक उछला। वहीं इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट, जापान का निक्केई 225 और हॉन्ग कॉन्ग का हैंग सेंग भी 1% से अधिक की बढ़त में रहे।
थाईलैंड के SET Composite में भी तेजी रही। हालांकि, सिंगापुर के Straits Times और ताइवान Weighted में करीब आधे फीसदी की गिरावट देखने को मिली।
कुल मिलाकर एशियाई बाजारों का सकारात्मक रुख भारतीय शेयर बाजार के लिए मजबूत ग्लोबल संकेत लेकर आया।
4. निचले स्तर पर निवेशकों ने की खरीदारी
पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली थी। इस दौरान कई बड़े शेयर अपने एक साल के निचले स्तर के करीब पहुंच गए थे।
आईटीसी, एचडीएफसी बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, डाबर इंडिया, आईआरएफसी, यूपीएल, आईआरबी इंफ्रा और एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट समेत 100 से अधिक शेयरों में एक साल के निचले स्तर पर दबाव देखा गया था।
बाजार में इतनी बड़ी गिरावट के बाद कुछ निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी का मौका तलाशा। इसी वजह से गुरुवार को कई शेयरों में रिकवरी देखने को मिली और प्रमुख इंडेक्सों को भी सहारा मिला।
आगे बाजार के लिए क्या मायने रखता है?
गुरुवार की तेजी से निवेशकों को राहत जरूर मिली है, लेकिन इसे फिलहाल पूरी तरह ट्रेंड बदलने का संकेत मानना जल्दबाजी होगी। निफ्टी में लगातार सात सत्रों की गिरावट के बाद आई यह तेजी बाजार की शॉर्ट टर्म रिकवरी हो सकती है।
आगे निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों के रुख, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीद-बिक्री और घरेलू कॉरपोरेट गतिविधियों पर रहेगी। इसके अलावा निफ्टी के लिए 24,200 के आसपास का स्तर भी बाजार की धारणा के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
बाजार में तेजी या गिरावट के दौरान जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना चाहिए। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के फंडामेंटल, वैल्यूएशन और अपने जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या मार्केट एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। NewsJagran.in किसी भी व्यक्ति को किसी खास शेयर या निवेश में पैसा लगाने की सलाह नहीं देता।


