Solar Eclipse 2026: 12 अगस्त 2026 को आसमान में साल की सबसे खास खगोलीय घटनाओं में से एक देखने को मिलेगी। इस दिन लगने वाले पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा कुछ समय के लिए सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा। इससे दुनिया के चुनिंदा हिस्सों में दिन के समय कुछ देर के लिए रात जैसा अंधेरा दिखाई दे सकता है। करीब 1.5 करोड़ लोग उस क्षेत्र में होंगे, जहां पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा देखा जा सकेगा।
इस दुर्लभ खगोलीय घटना को लेकर खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के साथ-साथ आम लोगों में भी काफी उत्सुकता है। स्पेन, आइसलैंड, ग्रीनलैंड, रूस और पुर्तगाल के कुछ हिस्से पूर्ण सूर्य ग्रहण की पट्टी में आएंगे। इसके अलावा यूरोप और उत्तरी अफ्रीका के कई देशों में सूर्य आंशिक रूप से ढका हुआ नजर आएगा।
12 अगस्त को क्या होगा?
सूर्य ग्रहण उस समय होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है। जब चंद्रमा सूर्य की चमकदार डिस्क को पूरी तरह ढक लेता है, तो इसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है। इस दौरान पूर्णता की पट्टी में कुछ समय के लिए सूर्य का प्रकाश लगभग पूरी तरह खत्म हो जाता है।
12 अगस्त का ग्रहण इसलिए खास है क्योंकि इसकी पूर्णता की पट्टी यूरोप के कुछ हिस्सों से होकर गुजरेगी। जिन स्थानों पर पूर्ण ग्रहण दिखाई देगा, वहां दिन के समय अचानक रोशनी कम हो सकती है और कुछ समय के लिए आसमान का रंग भी बदलता हुआ नजर आएगा।
वैज्ञानिकों और खगोल प्रेमियों के लिए यह घटना खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य के बाहरी वातावरण यानी कोरोना को देखने का अवसर मिलता है।
स्पेन में मिलेगा सबसे शानदार नजारा
पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने के लिए स्पेन के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों को सबसे बेहतर स्थानों में माना जा रहा है। लियोन, वलाडोलिड, जारागोजा, तेरुएल और वेलेंसिया जैसे शहर पूर्ण ग्रहण की पट्टी में शामिल होंगे।
पश्चिमी स्पेन में पूर्ण ग्रहण की शुरुआत करीब 18:27 GMT, यानी स्थानीय समय के अनुसार रात करीब 8:27 बजे हो सकती है। स्थान के हिसाब से पूर्ण ग्रहण की अवधि लगभग 110 सेकंड तक रह सकती है।
हालांकि स्पेन की राजधानी मैड्रिड और बार्सिलोना पूर्ण ग्रहण की मुख्य पट्टी से थोड़ा बाहर रहेंगे। इसके बावजूद इन शहरों में सूर्य का 99 फीसदी से अधिक हिस्सा चंद्रमा के पीछे छिपा दिखाई दे सकता है।
यही वजह है कि स्पेन में इस खगोलीय घटना को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटने की उम्मीद है।
आइसलैंड और ग्रीनलैंड में भी दिखेगा पूर्ण ग्रहण
स्पेन के अलावा आइसलैंड और ग्रीनलैंड के कुछ हिस्से भी पूर्ण सूर्य ग्रहण की पट्टी में होंगे। इन क्षेत्रों में मौसम साफ रहने पर सूर्य के पूरी तरह ढक जाने का दुर्लभ नजारा देखा जा सकेगा।
ग्रीनलैंड जैसे कम आबादी वाले क्षेत्रों में भले ही दर्शकों की संख्या कम हो, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से ये इलाके महत्वपूर्ण हो सकते हैं। यहां से ग्रहण के दौरान सूर्य और उसके कोरोना का अध्ययन किया जा सकता है।
यूरोप के कई बड़े शहरों में आंशिक सूर्य ग्रहण
पूर्ण सूर्य ग्रहण का दायरा सीमित होगा, लेकिन आंशिक सूर्य ग्रहण का प्रभाव काफी बड़े क्षेत्र में दिखाई देगा।
यूरोप के कई प्रमुख शहरों में सूर्य का बड़ा हिस्सा चंद्रमा से ढका नजर आएगा। उपलब्ध अनुमान के अनुसार:
- पेरिस: करीब 92 फीसदी सूर्य ढका रहेगा।
- लंदन: करीब 91 फीसदी।
- बर्लिन: करीब 85 फीसदी।
- मैड्रिड: 99 फीसदी से अधिक हिस्से पर ग्रहण का प्रभाव पड़ सकता है।
हालांकि यूरोप के पूर्वी हिस्सों में एक चुनौती रहेगी। कई स्थानों पर सूर्य के अधिकतम ग्रहण तक पहुंचने से पहले ही सूर्यास्त हो सकता है। ऐसे में वहां रहने वाले लोग ग्रहण का सबसे गहरा चरण नहीं देख पाएंगे।
उत्तरी अफ्रीका में भी दिखेगा सूर्य ग्रहण
12 अगस्त के सूर्य ग्रहण का प्रभाव उत्तरी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में भी दिखाई देगा। अल्जीयर्स और कैसाब्लांका जैसे शहरों में सूर्य का बड़ा हिस्सा चंद्रमा की छाया से ढका नजर आ सकता है।
अनुमान के मुताबिक अल्जीयर्स में करीब 98 फीसदी और कैसाब्लांका में लगभग 87 फीसदी सूर्य ढका दिखाई दे सकता है। हालांकि यहां भी सूर्यास्त के कारण ग्रहण का अंतिम चरण देखने में परेशानी हो सकती है।
अमेरिका और कनाडा में कितना दिखाई देगा ग्रहण?
अटलांटिक महासागर के दूसरी ओर कनाडा और अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। हालांकि उत्तरी अमेरिका पूर्ण सूर्य ग्रहण की मुख्य पट्टी से काफी दूर रहेगा।
कनाडा के अलग-अलग शहरों में ग्रहण की स्थिति अलग होगी। सेंट जॉन्स में करीब 53 फीसदी, मॉन्ट्रियल में लगभग 18 फीसदी और टोरंटो में करीब 8 फीसदी सूर्य ढका हुआ नजर आ सकता है।
अमेरिका में अलास्का के कुछ हिस्सों में लगभग 37 फीसदी तक ग्रहण दिखाई देने का अनुमान है। वहीं उत्तर-पूर्वी मेन में करीब 28 फीसदी, न्यूयॉर्क में लगभग 10 फीसदी और मिडवेस्ट के कई हिस्सों में इसका प्रभाव बहुत कम दिखाई देगा।
क्या भारत में दिखाई देगा 12 अगस्त का सूर्य ग्रहण?
12 अगस्त 2026 का यह पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत से पूर्ण रूप से दिखाई देने वाला ग्रहण नहीं है। इसलिए भारत में रहने वाले लोगों को उस तरह का नजारा देखने को नहीं मिलेगा, जैसा पूर्ण ग्रहण की पट्टी में मौजूद देशों में दिखाई देगा।
भारत में सूर्य ग्रहण से जुड़े धार्मिक और ज्योतिषीय पहलुओं को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी रहती है, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से ग्रहण एक सामान्य खगोलीय घटना है। इसका प्रभाव देखने की संभावना पूरी तरह इस बात पर निर्भर करती है कि किसी स्थान पर चंद्रमा की छाया और सूर्य की स्थिति कैसी है।
अगला पूर्ण सूर्य ग्रहण कब होगा?
अगर 12 अगस्त का पूर्ण सूर्य ग्रहण आपके इलाके से दिखाई नहीं देता है तो निराश होने की जरूरत नहीं है। 2 अगस्त 2027 को अगला पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। इसकी पूर्णता की पट्टी दक्षिणी स्पेन, उत्तरी अफ्रीका और यमन के कुछ हिस्सों से होकर गुजरेगी।
इसलिए 2027 का ग्रहण भी खगोल प्रेमियों के लिए बेहद खास मौका होगा।
सूर्य ग्रहण देखते समय रखें आंखों का ध्यान
सूर्य ग्रहण को बिना सुरक्षा के सीधे आंखों से देखना खतरनाक हो सकता है। सामान्य सनग्लास या कैमरे के सामान्य फिल्टर सूर्य की तेज रोशनी से आंखों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं देते।
ग्रहण देखने के लिए प्रमाणित सोलर-व्यूइंग ग्लास या उचित सोलर फिल्टर वाले सुरक्षित उपकरण का इस्तेमाल करना चाहिए। कैमरा, दूरबीन या टेलीस्कोप से सूर्य को सीधे देखने की कोशिश भी बिना उचित सोलर फिल्टर के नहीं करनी चाहिए।
निष्कर्ष
12 अगस्त 2026 का पूर्ण सूर्य ग्रहण दुनिया के चुनिंदा हिस्सों के लिए एक बेहद खास खगोलीय घटना होने जा रहा है। स्पेन, आइसलैंड, ग्रीनलैंड, रूस और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में लोगों को पूर्ण ग्रहण देखने का मौका मिलेगा, जबकि यूरोप, उत्तरी अफ्रीका, कनाडा और अमेरिका के कई इलाकों में आंशिक ग्रहण दिखाई देगा।
पूर्ण ग्रहण की पट्टी में कुछ समय के लिए सूर्य पूरी तरह गायब होता हुआ नजर आएगा, जिससे दिन के समय असामान्य अंधेरा छा सकता है। हालांकि इस अद्भुत नजारे को देखते समय आंखों की सुरक्षा का ध्यान रखना सबसे जरूरी है।


