Schneider Electric Infrastructure Share Price: Schneider Electric Infrastructure Ltd के शेयरों में सोमवार, 17 अगस्त को भारी बिकवाली देखने को मिली। जून तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद स्टॉक शुरुआती कारोबार में 12 फीसदी से ज्यादा टूट गया। कंपनी के मुनाफे और ऑपरेटिंग मार्जिन में तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। हालांकि, कंपनी के मजबूत ऑर्डर बैकलॉग और डेटा सेंटर व सेमीकंडक्टर जैसे सेक्टर्स से मिल रही डिमांड को लेकर तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं है।
12% से ज्यादा टूटा शेयर
सोमवार सुबह करीब 10 बजे NSE पर Schneider Electric Infrastructure का शेयर 12.36 फीसदी की गिरावट के साथ ₹1,199.90 पर ट्रेड कर रहा था। कारोबार के दौरान स्टॉक ने ₹1,254.15 का इंट्राडे हाई और ₹1,200.05 का लो बनाया।
शेयर में कुल 38,869 शेयरों का वॉल्यूम देखा गया, जो इसके पांच दिन के औसत 31,464 शेयरों से करीब 23.53 फीसदी ज्यादा था। इससे स्टॉक में बढ़ी हुई बिकवाली और ट्रेडिंग एक्टिविटी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में शेयर 0.69 फीसदी यानी ₹9.45 की गिरावट के साथ ₹1,368.40 पर बंद हुआ था।
मुनाफे में 70% की भारी गिरावट
कंपनी के जून तिमाही के नतीजों ने बाजार को निराश किया है। अप्रैल-जून तिमाही में Schneider Electric Infrastructure का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 70 फीसदी गिरकर ₹41 करोड़ से ₹12 करोड़ रह गया।
वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 4.8 फीसदी बढ़कर ₹621.6 करोड़ से ₹651.4 करोड़ हो गया। यानी बिक्री में वृद्धि तो हुई, लेकिन मुनाफे पर लागत और मार्जिन के दबाव का बड़ा असर पड़ा।
कंपनी का EBITDA भी सालाना आधार पर 51 फीसदी घटकर ₹69.33 करोड़ से ₹34.05 करोड़ रह गया। इसके साथ ही EBITDA मार्जिन 11.15 फीसदी से घटकर 5.23 फीसदी पर आ गया।
यानी कंपनी के लिए सबसे बड़ी चिंता सिर्फ मुनाफे में गिरावट नहीं, बल्कि ऑपरेटिंग मार्जिन में तेज कमजोरी भी है। कंपनी ने सिंगल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जबकि मार्जिन कम से कम तीन साल के निचले स्तर पर पहुंच गया।
₹915 करोड़ के नए ऑर्डर, बैकलॉग मजबूत
कमजोर तिमाही प्रदर्शन के बावजूद कंपनी के ऑर्डर मोर्चे पर तस्वीर बेहतर रही। Schneider Electric Infrastructure ने तिमाही के दौरान ₹915 करोड़ के ऑर्डर हासिल किए।
कंपनी का ऑर्डर बैकलॉग ₹2,169 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 32.7 फीसदी अधिक है। मजबूत बैकलॉग कंपनी के भविष्य के रेवेन्यू विजिबिलिटी के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।
खास तौर पर डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में बढ़ती मांग कंपनी के लिए लंबी अवधि में ग्रोथ का आधार बन सकती है।
कमोडिटी कीमतों और पुराने ऑर्डर्स का पड़ा असर
कंपनी ने बताया कि तिमाही के दौरान मुनाफे पर कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर पड़ा। इसके अलावा कुछ पुराने ऑर्डर्स में बढ़ी हुई इनपुट लागत को ग्राहकों तक पहुंचाने में देरी हुई, जिससे मार्जिन पर दबाव आया।
इसका सीधा असर EBITDA और ऑपरेटिंग मार्जिन पर दिखाई दिया। हालांकि, कंपनी को डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते सेगमेंट से मजबूत डिमांड मिलने की बात कही गई है।
इसलिए निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह होगा कि आने वाली तिमाहियों में कंपनी मार्जिन को कितनी तेजी से सामान्य कर पाती है।
Ambit ने जुलाई में शुरू की थी कवरेज
ब्रोकरेज फर्म Ambit ने जुलाई में Schneider Electric Infrastructure को ‘Buy’ रेटिंग के साथ कवर करना शुरू किया था। ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी को लंबे समय तक चलने वाले डेटा सेंटर ग्रोथ थीम से फायदा मिल सकता है।
Ambit का अनुमान है कि कंपनी का डेटा सेंटर बिजनेस FY26 से FY29 के बीच करीब 50 फीसदी CAGR दर्ज कर सकता है। इससे इसी अवधि में कंपनी का कुल रेवेन्यू CAGR करीब 24 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है।
हालांकि, मौजूदा तिमाही में मार्जिन में आई तेज गिरावट के बाद निवेशक अब यह देखेंगे कि डेटा सेंटर से मिलने वाली ग्रोथ कंपनी की कमाई और मार्जिन में कितनी तेजी से दिखाई देती है।
52-हफ्ते के हाई से 21% नीचे
Schneider Electric Infrastructure के शेयर ने 8 जुलाई 2026 को ₹1,548.30 का 52-हफ्ते का हाई बनाया था। वहीं, 21 जनवरी 2026 को ₹572.60 का 52-हफ्ते का लो दर्ज किया गया।
मौजूदा स्तर पर शेयर अपने 52-हफ्ते के हाई से करीब 21.28 फीसदी नीचे, जबकि 52-हफ्ते के लो से करीब 112.85 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है।
लंबी अवधि के प्रदर्शन की बात करें तो इस साल अब तक स्टॉक में करीब 66 फीसदी की तेजी आ चुकी है। वहीं, पिछले तीन साल में इसने करीब 260.88 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
Schneider Electric Infrastructure के शेयर में तेज गिरावट के पीछे मुख्य वजह कमजोर जून तिमाही के नतीजे हैं। खासकर 70 फीसदी प्रॉफिट गिरावट और EBITDA मार्जिन के 11.15 फीसदी से घटकर 5.23 फीसदी होने ने बाजार की चिंता बढ़ाई है।
हालांकि, मजबूत ऑर्डर बैकलॉग, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर सेक्टर से बढ़ती मांग और लंबी अवधि की इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ कंपनी के लिए सकारात्मक पहलू हैं।
इसलिए निवेशकों के लिए अगली कुछ तिमाहियों में मार्जिन रिकवरी, नए ऑर्डर्स, ऑर्डर बैकलॉग और डेटा सेंटर बिजनेस की ग्रोथ पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। तिमाही नतीजों के बाद आई तेज गिरावट के बावजूद कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ कहानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन मौजूदा वैल्यूएशन पर नए निवेश से पहले जोखिम और संभावित रिटर्न का आकलन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: newsjagran.in पर दिए गए विचार और जानकारी निवेश सलाह नहीं हैं। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।


