देशभर में बढ़ती ऊर्जा कीमतों और महंगे LPG सिलेंडर के बीच अब PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस तेजी से लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है। 9 मई 2026 को जारी ताजा रेट के अनुसार देश के अधिकांश बड़े शहरों में PNG की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
मुंबई में PNG की कीमत ₹50 प्रति SCM (स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर) पर स्थिर बनी हुई है। वहीं दिल्ली में PNG ₹47.90 प्रति SCM और नोएडा में ₹47.76 प्रति SCM के रेट पर उपलब्ध है। दूसरी तरफ लखनऊ में PNG सबसे महंगी होकर ₹56.50 प्रति SCM तक पहुंच गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती गैस मांग, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव और घरेलू गैस सप्लाई की स्थिति आने वाले महीनों में PNG की कीमतों को प्रभावित कर सकती है। हालांकि फिलहाल तेल और गैस कंपनियां उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ से बचने की कोशिश कर रही हैं।
आज भारत में PNG का ताजा भाव (9 मई 2026)
| शहर | PNG कीमत (प्रति SCM) | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹47.90 | कोई बदलाव नहीं |
| कोलकाता | ₹50.00 | कोई बदलाव नहीं |
| मुंबई | ₹50.00 | कोई बदलाव नहीं |
| चेन्नई | ₹50.00 | कोई बदलाव नहीं |
| गुरुग्राम | ₹49.90 | कोई बदलाव नहीं |
| नोएडा | ₹47.76 | कोई बदलाव नहीं |
| बेंगलुरु | ₹52.00 | कोई बदलाव नहीं |
| भुवनेश्वर | ₹45.33 | कोई बदलाव नहीं |
| चंडीगढ़ | ₹52.63 | कोई बदलाव नहीं |
| हैदराबाद | ₹51.00 | कोई बदलाव नहीं |
| जयपुर | ₹49.50 | कोई बदलाव नहीं |
| लखनऊ | ₹56.50 | कोई बदलाव नहीं |
| पटना | ₹49.44 | कोई बदलाव नहीं |
| तिरुवनंतपुरम | ₹51.00 | कोई बदलाव नहीं |
PNG क्या है और क्यों तेजी से बढ़ रही इसकी मांग?
PNG यानी Piped Natural Gas एक आधुनिक गैस सप्लाई सिस्टम है, जिसमें गैस सीधे पाइपलाइन के जरिए घरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों तक पहुंचाई जाती है।
यह पारंपरिक LPG सिलेंडर की तुलना में ज्यादा सुविधाजनक और सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इसमें बार-बार सिलेंडर बुक कराने या बदलने की जरूरत नहीं पड़ती।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत के कई बड़े शहरों में PNG तेजी से LPG की जगह ले रही है।
PNG की बिलिंग कैसे होती है?
PNG का बिल मीटर आधारित होता है। इसमें गैस खपत को SCM यानी Standard Cubic Meter में मापा जाता है।
जितनी गैस उपयोग होती है, उसी हिसाब से बिल बनाया जाता है। यही वजह है कि PNG को कई लोग ज्यादा पारदर्शी और सुविधाजनक विकल्प मानते हैं।
किन शहरों में सबसे सस्ती और महंगी PNG?
ताजा आंकड़ों के अनुसार:
सबसे सस्ती PNG:
भुवनेश्वर में PNG सबसे सस्ती है, जहां कीमत ₹45.33 प्रति SCM है।
सबसे महंगी PNG:
लखनऊ में PNG सबसे महंगी होकर ₹56.50 प्रति SCM पहुंच गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार अलग-अलग शहरों में गैस ट्रांसपोर्ट लागत, टैक्स और वितरण नेटवर्क के कारण कीमतों में अंतर देखने को मिलता है।
पिछले 1 साल में कितना महंगा हुआ PNG?
पिछले 12 महीनों में PNG की कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मुंबई में जून 2025 से मई 2026 के बीच PNG लगभग ₹1 प्रति SCM महंगी हुई है।
सबसे बड़ी बढ़ोतरी सितंबर 2025 में दर्ज की गई थी, जब कीमतों में ₹0.50 प्रति SCM का इजाफा हुआ था।
| अवधि | मुंबई PNG रेट |
|---|---|
| जून 2025 | ₹49 के आसपास |
| सितंबर 2025 | ₹49.50 |
| मई 2026 | ₹50.00 |
PNG और LPG में क्या फर्क है?
कई लोग PNG और LPG को लेकर भ्रमित रहते हैं। दोनों गैसों का उपयोग खाना बनाने के लिए किया जाता है, लेकिन सप्लाई सिस्टम पूरी तरह अलग होता है।
| गैस | सप्लाई तरीका |
|---|---|
| PNG | पाइपलाइन के जरिए |
| LPG | सिलेंडर के जरिए |
PNG में सिलेंडर खत्म होने की चिंता नहीं रहती, जबकि LPG में समय-समय पर सिलेंडर बुक कराना पड़ता है।
क्यों बढ़ रही है PNG की लोकप्रियता?
भारत में तेजी से शहरीकरण और आधुनिक हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के कारण PNG की मांग लगातार बढ़ रही है।
PNG के बढ़ते उपयोग के पीछे कई बड़े कारण हैं:
- सिलेंडर बदलने की जरूरत नहीं
- लगातार गैस सप्लाई
- मीटर आधारित बिलिंग
- कम मेंटेनेंस
- सुरक्षित और सुविधाजनक सिस्टम
- कम प्रदूषण
सरकार PNG नेटवर्क को क्यों बढ़ा रही है?
केंद्र सरकार क्लीन एनर्जी और प्रदूषण नियंत्रण पर जोर दे रही है। इसी दिशा में देशभर में City Gas Distribution (CGD) नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य छोटे शहरों तक भी PNG और CNG नेटवर्क पहुंचाना है ताकि लोग पारंपरिक ईंधनों पर कम निर्भर रहें।
क्या आने वाले महीनों में PNG महंगी हो सकती है?
ऊर्जा बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक गैस कीमतों में तेजी जारी रही और डॉलर मजबूत बना रहा, तो आने वाले महीनों में PNG की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
हालांकि, फिलहाल कंपनियां कीमतों को स्थिर बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं ताकि घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
PNG और CNG में क्या अंतर है?
हालांकि दोनों Natural Gas पर आधारित हैं, लेकिन उपयोग अलग-अलग है।
| गैस | उपयोग |
|---|---|
| PNG | घरों और उद्योगों में |
| CNG | वाहनों में ईंधन के रूप में |
PNG पाइपलाइन के जरिए घरों तक पहुंचती है, जबकि CNG का इस्तेमाल गाड़ियों में किया जाता है।
क्या PNG पर्यावरण के लिए बेहतर है?
विशेषज्ञों के अनुसार PNG को अपेक्षाकृत साफ ईंधन माना जाता है।
इससे:
- धुआं कम निकलता है
- कार्बन उत्सर्जन घटता है
- एयर पॉल्यूशन कम होता है
- रसोई साफ रहती है
इसी वजह से स्मार्ट सिटी और आधुनिक आवासीय परियोजनाओं में PNG को तेजी से अपनाया जा रहा है।
PNG कनेक्शन लेते समय किन बातों का रखें ध्यान?
अधिकृत गैस कंपनी से ही कनेक्शन लें
मीटर रीडिंग समय-समय पर चेक करें
पाइपलाइन सुरक्षा नियमों का पालन करें
गैस लीक की जांच कराते रहें
समय पर बिल भुगतान करें
FAQ
भारत में सबसे सस्ती PNG कहां मिल रही है?
आज के रेट के अनुसार भुवनेश्वर में PNG सबसे सस्ती है, जहां कीमत ₹45.33 प्रति SCM है।
सबसे महंगी PNG किस शहर में है?
लखनऊ में PNG सबसे महंगी है, जहां कीमत ₹56.50 प्रति SCM तक पहुंच गई है।
क्या PNG LPG से सस्ती पड़ती है?
लंबी अवधि में कई मामलों में PNG अधिक सुविधाजनक और किफायती साबित हो सकती है क्योंकि इसमें मीटर आधारित बिलिंग होती है।
क्या PNG सुरक्षित है?
विशेषज्ञों के अनुसार उचित सुरक्षा मानकों और नियमित जांच के साथ PNG काफी सुरक्षित मानी जाती है।
निष्कर्ष
9 मई 2026 को देशभर में PNG की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन अलग-अलग शहरों में कीमतों का अंतर काफी बड़ा दिखाई दे रहा है।
जहां कुछ शहरों में PNG अभी भी राहत दे रही है, वहीं कई शहरों में बढ़ती कीमतें उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा रही हैं।
ऊर्जा बाजार में जारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए आने वाले महीनों में PNG की कीमतों पर सभी की नजर बनी रहेगी।
PNG और LPG में कौन ज्यादा सस्ता?
विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय में PNG कई घरों के लिए LPG से ज्यादा सुविधाजनक और किफायती साबित हो सकती है।
PNG में उपभोक्ता को सिर्फ उतनी गैस का भुगतान करना पड़ता है जितनी वह उपयोग करता है, जबकि LPG में पूरा सिलेंडर खरीदना पड़ता है।
इसके अलावा PNG में सिलेंडर खत्म होने, बुकिंग कराने और डिलीवरी का इंतजार करने जैसी समस्याएं भी नहीं होतीं।
| विकल्प | सप्लाई तरीका | भुगतान तरीका |
|---|---|---|
| PNG | पाइपलाइन के जरिए | उपयोग आधारित बिलिंग |
| LPG | सिलेंडर के जरिए | फिक्स सिलेंडर कीमत |
हालांकि, वास्तविक खर्च शहर, परिवार के गैस उपयोग और स्थानीय रेट पर भी निर्भर करता है।
छोटे शहरों तक तेजी से बढ़ रहा है PNG नेटवर्क
केंद्र सरकार City Gas Distribution (CGD) प्रोजेक्ट के जरिए देशभर में PNG और CNG नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में कई टियर-2 और टियर-3 शहरों तक भी PNG पाइपलाइन पहुंच सकती है।
सरकार का फोकस ऐसे घरों तक पाइप गैस पहुंचाना है जो अभी भी पूरी तरह LPG सिलेंडर पर निर्भर हैं।
इससे लाखों परिवारों को सिलेंडर बुकिंग और कीमतों के उतार-चढ़ाव से राहत मिल सकती है।
PNG कनेक्शन लेने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
अगर आप घर में PNG कनेक्शन लेने की योजना बना रहे हैं, तो सिर्फ सुविधा देखकर फैसला न लें।
इन बातों का ध्यान जरूर रखें:
आपके इलाके में PNG नेटवर्क उपलब्ध है या नहीं
इंस्टॉलेशन चार्ज कितना है
मासिक गैस उपयोग कितना रहता है
पाइपलाइन सुरक्षा नियमों को समझें
अधिकृत कंपनी से ही कनेक्शन लें
मीटर रीडिंग और बिलिंग सिस्टम को समझें
अंतरराष्ट्रीय गैस बाजार का भारत पर क्या असर पड़ता है?
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित प्राकृतिक गैस से पूरा करता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों में बदलाव का असर घरेलू PNG और CNG कीमतों पर भी दिखाई देता है।
अगर वैश्विक बाजार में गैस महंगी होती है या डॉलर मजबूत होता है, तो भारत में गैस आयात लागत बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया तनाव, रूस-यूरोप गैस संकट और वैश्विक ऊर्जा मांग जैसी घटनाएं भारत के गैस बाजार को सीधे प्रभावित कर सकती हैं।
क्या आने वाले समय में PNG घर-घर पहुंचेगी?
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में PNG भारत के शहरी गैस नेटवर्क का बड़ा हिस्सा बन सकती है।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, तेजी से बढ़ते शहरीकरण और क्लीन एनर्जी पर सरकार के फोकस के कारण PNG की मांग लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक आवासीय परियोजनाओं, अपार्टमेंट्स और शहरों में PNG को अनिवार्य सुविधाओं में शामिल किया जा सकता है।
क्या PNG भविष्य का ईंधन बन सकती है?
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में भारत में क्लीन एनर्जी की मांग तेजी से बढ़ने वाली है। ऐसे में PNG को घरेलू उपयोग के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प माना जा रहा है।
PNG न सिर्फ सुविधाजनक है बल्कि यह पारंपरिक ईंधनों के मुकाबले अपेक्षाकृत साफ और आधुनिक ऊर्जा समाधान भी माना जाता है।
इसी वजह से सरकार और गैस कंपनियां लगातार पाइप गैस नेटवर्क के विस्तार पर निवेश बढ़ा रही हैं।
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