नई दिल्ली। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में जानलेवा संकट के बीच अपनी सूझबूझ और साहस से 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को फोन पर बात की। बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को उस भयावह घटना के बारे में बताया और यह भी साझा किया कि मुश्किल समय में उन्हें किस बात से हिम्मत मिली।
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार के साहस, धैर्य और सूझबूझ की तारीफ की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने घायल पायलट से सीधे बातचीत कर घटना के दौरान उनके अनुभव के बारे में जानकारी ली।
HighLights
- पीएम मोदी ने फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बात की।
- बातचीत में कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को घटना का अनुभव बताया।
- गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पायलट ने संकट के दौरान सूझबूझ दिखाई।
- फ्लाइट में सवार 174 यात्री सुरक्षित रहे और विमान की सऊदी अरब के ताबुक में आपात लैंडिंग हुई।
- इससे एक दिन पहले पीएम मोदी ने स्मित मच्छार की पत्नी और माता-पिता से भी फोन पर बात की थी।
पीएम मोदी ने पायलट के साहस की जमकर तारीफ की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार से बातचीत के दौरान उनके असाधारण साहस की सराहना की। रिपोर्ट्स के अनुसार, स्मित मच्छार ने प्रधानमंत्री को बताया कि फ्लाइट के अंदर संकट पैदा होने के बाद उन्होंने किस तरह स्थिति का सामना किया और उस समय उन्हें हिम्मत कहां से मिली।
कैप्टन स्मित इस घटना में गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसके बावजूद उन्होंने विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। प्रधानमंत्री ने उनके इस साहस और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
पीएम मोदी ने इससे पहले सार्वजनिक रूप से भी कैप्टन स्मित को ‘हीरो’ बताया था। उन्होंने कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पायलट ने जिस तरह धैर्य, साहस और सूझबूझ का परिचय दिया, उससे बड़ी त्रासदी टल गई।
एक दिन पहले परिवार से भी की थी बात
कैप्टन स्मित मच्छार से सीधे बातचीत से एक दिन पहले, 1 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी पत्नी और माता-पिता से फोन पर बात की थी। पीएम ने परिवार को भरोसा दिलाया था कि भारतीय मिशन पायलट और उनके परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने परिवार से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित की बहादुरी की भी प्रशंसा की थी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, पीएम ने कहा था कि स्मित के साहस ने बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाने में मदद की।
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में आखिर हुआ क्या था?
फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 ने दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरी थी। विमान में 174 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में अचानक गंभीर स्थिति पैदा हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया और विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश की।
इस हमले में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश जारी रखी। विमान ने कुछ ही समय में तेजी से ऊंचाई खोई और आपात स्थिति का संकेत भी दिया गया।
घटना के दौरान कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद केबिन क्रू और यात्रियों को स्थिति का पता चला और उन्होंने हमलावर सह-पायलट को काबू करने में मदद की। इस दौरान विमान में मौजूद दो अन्य फ्लाईदुबई पायलट भी कॉकपिट में पहुंचे और विमान को संभालने में मदद की।
ताबुक में हुई विमान की सुरक्षित लैंडिंग
घटना के बाद फ्लाइट का रुख सऊदी अरब के ताबुक की ओर मोड़ा गया। विमान की वहां सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सभी 174 यात्री सुरक्षित रहे।
गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित मच्छार को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। शुरुआती उपचार और सर्जरी के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए यूएई ले जाया गया। उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है। भारतीय अधिकारी उनके इलाज और परिवार के संपर्क में हैं।
कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की दुनियाभर में चर्चा
फ्लाईदुबई की इस घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई नेताओं ने उनकी भूमिका की सराहना की।
पीएम मोदी ने सार्वजनिक बयान में कहा था कि कैप्टन स्मित के साहस और त्वरित निर्णय से एक बड़ी त्रासदी टलने में मदद मिली। वहीं, घटना की पूरी परिस्थितियों और सह-पायलट के हमले के पीछे की वजह की जांच अभी जारी है। इसलिए घटना से जुड़े कुछ विवरण जांच पूरी होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होंगे।
174 यात्रियों के लिए संकट की घड़ी में बने ढाल
फ्लाइट के अंदर जब कॉकपिट में संकट पैदा हुआ, उस समय कैप्टन स्मित खुद गंभीर रूप से घायल थे। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर बाहर मौजूद लोगों को स्थिति में हस्तक्षेप करने का मौका दिया। इसके बाद यात्रियों और चालक दल की मदद से हमलावर को काबू किया गया और विमान को सुरक्षित उतारा गया।
यही वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी समेत कई नेताओं ने कैप्टन स्मित मच्छार के साहस और सूझबूझ की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की है। ताजा घटनाक्रम में पीएम मोदी की कैप्टन स्मित से फोन पर हुई बातचीत ने इस पूरे घटनाक्रम में भारत सरकार की ओर से उनके प्रति समर्थन को भी सामने रखा है।
Source: Times of India, The Indian Express और अन्य रिपोर्ट्स पर आधारित।
डिस्क्लेमर: फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 की घटना से जुड़े कुछ पहलुओं की आधिकारिक जांच जारी है। इसलिए जांच पूरी होने तक हमले के मकसद और घटना के सभी तकनीकी विवरणों को अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।


