भारत में जारी मध्य‑पूर्व संकट (West Asia Conflict) के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कहा है कि सरकार Gulf देशों की मदद और कूटनीतिक प्रयासों से भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है और विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर इस संवेदनशील विषय का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। यह बयान 30 मार्च 2026 को सार्वजनिक हुआ है।
केंद्र सरकार का मुख्य उद्देश्य: भारतीयों की सुरक्षा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि भारत की विदेश नीति और कूटनीतिक रिश्तों की मजबूती के कारण Gulf देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सफलता मिल रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह संकट राजनीतिक बयानबाज़ी से नहीं, बल्कि समाधान‑केंद्रित नीतियों से निपटा जाना चाहिए।
मोदी ने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक दल ऐसे बयान दे रहे हैं जो “खतरनाक और अव्यवहारिक” हैं और वे **भारतीयों की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं” — मोदी ने इनका उल्लेख कांग्रेस पर करते हुए किया है।
मध्य‑पूर्व संकट का संदर्भ
पिछले कुछ हफ्तों से ईरान‑अमेरिका‑इज़राइल युद्ध से उत्पन्न विवादों ने West Asia में तनाव बढ़ा दिया है। इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सैन्य गतिविधियाँ, मिसाइल और ड्रोन हमले, तथा ऊर्जा मार्गों पर प्रभाव जैसे कारक लगातार खबरों का हिस्सा बने हुए हैं। इसके कारण भारत समेत कई देशों के लिए ऊर्जा सुरक्षा, नागरिक सुरक्षा, और वैश्विक आर्थिक स्थिरता पर गंभीर असर पड़ा है।
Gulf देशों में लाखों भारतीय प्रवासी रहते हैं और उनकी सुरक्षा Modi सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। इसी वजह से भारत सरकार लगातार संबंधित देशों के साथ बातचीत और सुरक्षित निकासी उपायों पर काम कर रही है।
केंद्र ने क्या कदम उठाए हैं?
मोदी ने कहा है कि Gulf में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए सरकार ने विभिन्न उपाय लागू किए हैं:
- Gulf देशों के नेताओं से नियमित संवाद और सहायता की मांग
- भारतीय मिशनों द्वारा सुरक्षा सलाह और सहायता प्रदान
- सरकार द्वारा सांसदों, CMs व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें कर तैयारी योजनाओं का समायोजन
- “Team India” के तहत केंद्र‑राज्य समन्वय बढ़ाना
मोदी ने यह भी कहा कि विपक्ष के बयान चिंता फैलाने और धारणा को कमजोर करने की कोशिश हैं और इससे देश में भ्रम फैल सकता है।
राजनीतिक बयानबाज़ी और आलोचना
केंद्र की इस प्रतिक्रिया के बीच, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी पर नीति स्पष्टता न होने और US‑Iran‑Israel विवाद के प्रति भारत की नीति में अस्पष्टता का आरोप लगाया है। कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि सरकार की प्रतिक्रिया पर्याप्त नहीं है और इससे भारतीयों की सुरक्षा खतरे में है।
मोदी के बयान इस माहौल में आए हैं जब देश में Gulf संकट के असर पर विपक्ष अधिक आलोचनात्मक रुख अपनाए हुए है, और केन्द्र द्वारा उठाए जा रहे कदमों को भी लेकर सार्वजनिक बहस चल रही है।
भारत की ऊर्जा और आर्थिक चुनौतियाँ
परिस्थिति का एक प्रमुख प्रभाव ऊर्जा सुरक्षा पर भी पड़ा है। विश्व बाज़ार में तेल की निरंतर उछाल और खाड़ी के मार्गों में व्यवधान के कारण भारत को सप्लाई चेन, LPG और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता, तथा मुद्रास्फीति जैसे विषयों पर भी कदम उठाने पड़े हैं। सरकार ने सुनिश्चित किया है कि ऊर्जा उपलब्धता बनी रहे और भारतीय जनता को किसी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े।
मोदी की अपील: राष्ट्रीय एकता और सतर्कता
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय एकता पर जोर देते हुए कहा है कि देश को एकजुट होना चाहिए और अफ़वाहों से प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों पर भरोसा रखें और मीडिया में फैल रही गलत सूचनाओं पर ध्यान न दें।
मोदी ने कहा कि इस चुनौती से पार पाने के लिए सभी भारतीयों को साथ मिलकर काम करना चाहिए और राजनीति को अलग रखना चाहिए।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Gulf संकट के बीच भारत के हितों और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है और सरकार के प्रयासों की जानकारी दी है। उन्होने कांग्रेस पर राजनीतिक बयानबाज़ी का आरोप लगाया है और कहा है कि इस समय राष्ट्रीय एकता और सावधानी के साथ आगे बढ़ने की ज़रूरत है।
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Author: Namam Sharma
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Namam Sharma NewsJagran में बिज़नेस और फाइनेंस खबरों को कवर करते हैं।
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