नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल के मामले में प्रधानमंत्री द्वारा छात्रों को माफ करने की अपील के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। दिपके ने सवाल उठाया कि क्या यह माफी सिर्फ सोशल मीडिया वीडियो तक सीमित रहेगी या फिर छात्रों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को भी वापस लिया जाएगा।
पीएम मोदी के वीडियो पर दिपके का सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक सेल्फी वीडियो साझा किया था। इसमें उन्होंने जंतर-मंतर पर हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ युवाओं ने उनके और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं है।
हालांकि, पीएम मोदी ने यह भी कहा कि ऐसे युवाओं को केवल सजा देने के बजाय उन्हें सही दिशा दिखाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वे इन छात्रों को माफ करना चाहते हैं और समाज को भी उन्हें सुधारने का अवसर देना चाहिए।
इसी वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “फ्रेंड, सिर्फ रील पर ही माफ करेंगे या केस भी वापस लेंगे?” उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई है।
क्या छात्रों पर दर्ज केस भी हटेंगे?
दिपके ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री वास्तव में छात्रों को माफ करना चाहते हैं, तो इसका असर केवल संदेश तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जिन छात्रों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है, क्या उनके मामलों को भी वापस लिया जाएगा।
यह विवाद उस समय और बढ़ गया था जब जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान कथित अभद्र टिप्पणी के आरोप में नोएडा की एक 15 वर्षीय प्रदर्शनकारी समेत कुछ लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जंतर-मंतर पर हुई घटना बेहद दुखद थी। उनके मुताबिक कुछ युवाओं ने न सिर्फ उनके खिलाफ बल्कि उनकी दिवंगत मां के बारे में भी अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा कि:
- ऐसे शब्द किसी भी सभ्य समाज के अनुरूप नहीं हैं।
- युवा भटक सकते हैं, लेकिन उन्हें सुधारने का मौका मिलना चाहिए।
- लंबी कानूनी प्रक्रिया और सामाजिक बहिष्कार से हालात बेहतर नहीं होंगे।
- समाज को युवाओं को सही रास्ता दिखाने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने छात्रों से भी इस घटना से सीख लेकर भविष्य में जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील की।
BJP IT सेल पर भी उठाए सवाल
अभिजीत दिपके ने केवल छात्रों पर दर्ज मामलों पर ही सवाल नहीं उठाया, बल्कि बीजेपी आईटी सेल पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले कई अकाउंट्स के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती।
CJP द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में दिपके ने कहा कि यदि गाली-गलौज के आधार पर एफआईआर दर्ज की जा रही है, तो उन सभी लोगों पर भी समान कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने वर्षों से सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई ऐसे सोशल मीडिया यूजर्स अपने प्रोफाइल में यह लिखते हैं कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी फॉलो करते हैं, लेकिन उनके कथित व्यवहार पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होती।
CJP ने उठाई समान कार्रवाई की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सवाल किया कि यदि अभद्र भाषा के खिलाफ कार्रवाई की नीति अपनाई गई है, तो क्या यह सभी पर समान रूप से लागू होगी। पार्टी ने मांग की कि राजनीतिक विचारधारा से इतर हर व्यक्ति के खिलाफ एक समान कानूनी मानदंड अपनाए जाएं।
पहले भी कर चुके हैं टिप्पणी
यह पहली बार नहीं है जब अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री मोदी के सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी हो। इससे पहले पेपर लीक विरोधी कानून पर पीएम मोदी के वीडियो के नीचे भी उन्होंने टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री की आलोचना की थी। उस टिप्पणी को लेकर भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई थी।
मामला क्यों है चर्चा में?
यह पूरा विवाद दो अलग-अलग मुद्दों को लेकर चर्चा में है। पहला, प्रधानमंत्री द्वारा छात्रों को माफ करने और उन्हें सुधारने का अवसर देने की अपील। दूसरा, अभिजीत दिपके का यह सवाल कि यदि माफी की बात कही जा रही है, तो क्या इसका असर कानूनी कार्रवाई पर भी दिखाई देगा। अब यह देखना होगा कि छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर प्रशासन आगे क्या फैसला लेता है।


