CWG 2026 Boxing: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में दो और स्वर्ण पदक डाल दिए। 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार और 57 किलोग्राम वर्ग में जैस्मिन लैम्बोरिया ने अपने-अपने फाइनल मुकाबले जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। इन दोनों गोल्ड मेडल के साथ भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है, जबकि कुल पदकों की संख्या 27 तक पहुंच गई है।
भारतीय महिला बॉक्सरों का शानदार प्रदर्शन
The first bout of the day ends and it’s a GOLD Medal!
Congratulations to Preeti who dominates her opponent to take the top honours! 🙌🏽🇮🇳
Lets #Cheer4Bharat 💙#WeAreTeamIndia | #TogetherWeDream pic.twitter.com/Q8UJnuFHF3
— Team India (@WeAreTeamIndia) August 1, 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय महिला मुक्केबाजों ने दमदार खेल दिखाते हुए इतिहास रच दिया। शनिवार को खेले गए फाइनल मुकाबलों में दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को एकतरफा अंदाज में हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
54 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को 5-0 से हराया। वहीं, 57 किलोग्राम वर्ग में मौजूदा विश्व चैंपियन जैस्मिन लैम्बोरिया ने नॉर्दर्न आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को भी 5-0 से शिकस्त देकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
दोनों खिलाड़ियों की इस शानदार जीत ने भारत के पदक अभियान को और मजबूती दी है।
जैस्मिन लैम्बोरिया ने दिखाया चैंपियन वाला खेल
57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जैस्मिन लैम्बोरिया और माइकेला वॉल्श के बीच मुकाबले की शुरुआत काफी रोमांचक रही। पहले राउंड में दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन जैस्मिन ने अपने सटीक पंच और बेहतरीन फुटवर्क से बढ़त बना ली।
दूसरे राउंड में उन्होंने पूरी तरह मुकाबले पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। लगातार आक्रामक अंदाज में खेलते हुए उन्होंने प्रतिद्वंद्वी को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। उनके शानदार प्रदर्शन से सभी जज प्रभावित हुए और सभी ने यह राउंड उनके पक्ष में दिया। तीसरे राउंड में भी जैस्मिन ने अपनी बढ़त बरकरार रखते हुए मुकाबला 5-0 से जीत लिया।
प्रीति पवार ने दिलाया दिन का पहला गोल्ड
The world champion is now also the Commonwealth Games Champion!! @BoxerJaismine with a unanimous win takes the Gold Medal in the Women’s 57kg Boxing event. Great start to the day! 💙 #WeAreTeamIndia | #TogetherWeDream pic.twitter.com/i5R6XXQ0pT
— Team India (@WeAreTeamIndia) August 1, 2026 22 वर्षीय प्रीति पवार ने भी फाइनल मुकाबले में शुरुआत से ही शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले राउंड से ही कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो पर दबाव बनाए रखा और पूरे मुकाबले में अपनी बढ़त कायम रखी।
दूसरे और तीसरे राउंड में भी प्रीति ने आक्रामक मुक्केबाजी का प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिद्वंद्वी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। आखिरकार उन्होंने 5-0 के एकतरफा फैसले से मुकाबला जीतकर भारत के लिए दिन का पहला स्वर्ण पदक हासिल किया।
सेमीफाइनल में भी किया था शानदार प्रदर्शन
फाइनल से पहले प्रीति पवार ने सेमीफाइनल में जाम्बिया की कैथरीन म्वापे के खिलाफ भी शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने यह मुकाबला भी 5-0 के अंतर से जीतकर फाइनल में जगह बनाई थी। पूरे टूर्नामेंट में प्रीति ने शानदार लय बनाए रखी और बिना किसी दबाव के स्वर्ण पदक तक का सफर तय किया।
भारत ने अब तक जीते 27 पदक
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता जा रहा है। अब तक भारतीय दल ने कुल 27 पदक अपने नाम किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- 7 गोल्ड
- 13 सिल्वर
- 7 ब्रॉन्ज
इन शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत फिलहाल पदक तालिका में छठे स्थान पर बना हुआ है।
वहीं, ऑस्ट्रेलिया 132 पदकों के साथ शीर्ष स्थान पर कायम है। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक 56 स्वर्ण, 31 रजत और 45 कांस्य पदक जीतकर बाकी देशों पर मजबूत बढ़त बना रखी है।
भारत की उम्मीदें अभी भी बरकरार
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अभी कई मुकाबले बाकी हैं और भारतीय खिलाड़ियों से पदकों की उम्मीदें कायम हैं। बॉक्सिंग में प्रीति पवार और जैस्मिन लैम्बोरिया की इस ऐतिहासिक सफलता ने पूरे भारतीय दल का मनोबल बढ़ाया है। यदि भारतीय खिलाड़ी इसी तरह शानदार प्रदर्शन जारी रखते हैं तो आने वाले दिनों में भारत की पदक संख्या में और इजाफा देखने को मिल सकता है।


