कुछ पौधे ऐसे होते हैं जिन्हें एक बार घर या गार्डन में लगाने के बाद बार-बार खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। ये पौधे कटिंग, रनर, ऑफसेट, पप्स या पौधे को विभाजित करने के जरिए आसानी से नए पौधे तैयार कर सकते हैं। अगर आपको गार्डनिंग का शौक है, तो मौजूदा पौधों से नए पौधे तैयार करना न सिर्फ आसान है, बल्कि इससे पैसे की भी बचत होती है।
स्ट्रॉबेरी से लेकर एलोवेरा, स्पाइडरवॉर्ट, मॉन्स्टेरा, पोथोस और गुलदाउदी जैसे कई पौधों को सही तरीके से propagate किया जा सकता है। इसके लिए हमेशा किसी महंगे उपकरण या विशेष तकनीक की जरूरत नहीं होती। बस सही हिस्से का चुनाव, उपयुक्त मिट्टी और थोड़ी देखभाल जरूरी है।
आइए जानते हैं ऐसे 7 पौधों के बारे में, जिनसे आप बार-बार नए पौधे तैयार कर सकते हैं।

1. स्ट्रॉबेरी
स्ट्रॉबेरी को बढ़ाने का सबसे आसान तरीका इसके रनर्स हैं। स्वस्थ स्ट्रॉबेरी पौधा जमीन के ऊपर लंबी पतली शाखाएं निकालता है, जिन पर छोटे पौधे बनने लगते हैं।
जब इन छोटे पौधों में जड़ें विकसित होने लगें, तो उन्हें सावधानी से अलग करके दूसरे गमले या गार्डन की क्यारी में लगाया जा सकता है। शुरुआत में मिट्टी को हल्का नम रखना जरूरी है, ताकि नई जड़ें आसानी से विकसित हो सकें।
इस तरह एक स्वस्थ स्ट्रॉबेरी पौधा समय के साथ कई नए पौधे तैयार कर सकता है।
2. डेलिली
डेलिली एक बारहमासी फूल वाला पौधा है और समय के साथ इसका गुच्छा काफी घना हो सकता है। ऐसे समय में पौधे को विभाजित करके नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं।
पौधे को मिट्टी से निकालकर जड़ों वाले हिस्से को सावधानी से छोटे भागों में बांटें। ध्यान रखें कि प्रत्येक हिस्से में पर्याप्त जड़ें और स्वस्थ पत्तियों का हिस्सा मौजूद हो।
अब इन हिस्सों को अलग-अलग गमलों या गार्डन में लगा दें। इससे पुराने पौधे को फैलने के लिए अधिक जगह मिलती है और साथ ही आपको कई नए पौधे भी मिल जाते हैं।
3. स्पाइडरवॉर्ट
स्पाइडरवॉर्ट को स्टेम कटिंग से आसानी से propagate किया जा सकता है। इसके लिए स्वस्थ पौधे से एक मजबूत तने की कटिंग लें।
कटिंग को पानी में रखा जा सकता है या सीधे नम मिट्टी में लगाया जा सकता है। पानी में रखने पर कुछ समय बाद जड़ें दिखाई देने लगती हैं। पर्याप्त जड़ें विकसित होने के बाद इसे मिट्टी वाले गमले में ट्रांसफर किया जा सकता है।
अगर आपका स्पाइडरवॉर्ट पौधा बहुत ज्यादा फैल गया है, तो छंटाई के दौरान निकली स्वस्थ कटिंग को फेंकने के बजाय नए गमले में लगाकर एक और पौधा तैयार किया जा सकता है।
4. एलोवेरा
एलोवेरा उन पौधों में शामिल है जिन्हें एक बार लगाने के बाद लंबे समय तक बढ़ाया जा सकता है। जब एलोवेरा का पौधा बड़ा और स्वस्थ हो जाता है, तो उसके आसपास छोटे पौधे निकलने लगते हैं। इन्हें आमतौर पर पप्स या ऑफसेट कहा जाता है।
जब छोटे पौधे पर्याप्त बड़े और मजबूत हो जाएं, तो उन्हें मुख्य पौधे से सावधानीपूर्वक अलग करें। कोशिश करें कि छोटे पौधे के साथ कुछ जड़ें भी जुड़ी रहें।
इसके बाद इसे अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी वाले अलग गमले में लगाया जा सकता है। बहुत ज्यादा पानी देने से बचना चाहिए, क्योंकि एलोवेरा की जड़ों में पानी जमा रहने से समस्या हो सकती है।
एक स्वस्थ एलोवेरा से समय के साथ कई नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं।
5. मॉन्स्टेरा
मॉन्स्टेरा को घर के अंदर रखने वाले पौधों में काफी पसंद किया जाता है और इसे स्टेम कटिंग से propagate करना भी अपेक्षाकृत आसान है।
इसके लिए स्वस्थ बेल का ऐसा हिस्सा काटें जिसमें कम से कम एक नोड मौजूद हो। नोड वह हिस्सा है जहां से आगे नई जड़ या पत्तियां विकसित हो सकती हैं।
कटिंग को पानी या नम, हवादार मिट्टी में रखा जा सकता है। पानी में जड़ें विकसित होने के बाद इसे मिट्टी वाले गमले में लगाया जा सकता है।
एक ही बड़ी मॉन्स्टेरा बेल से उपयुक्त नोड वाली कई कटिंग तैयार की जा सकती हैं। हालांकि हर कटिंग से नया पौधा बने, यह जरूरी नहीं है, इसलिए स्वस्थ कटिंग का चुनाव करना महत्वपूर्ण है।
6. पोथोस
पोथोस को घर में propagate करना बेहद आसान माना जाता है। इसकी लंबी बेल से कई नई कटिंग तैयार की जा सकती हैं।
स्वस्थ बेल से ऐसी कटिंग लें जिसमें कम से कम एक या दो नोड हों। नीचे की कुछ पत्तियां हटाकर कटिंग को पानी से भरे गिलास में रखें।
कुछ समय बाद नोड के आसपास जड़ें निकलने लगेंगी। जब जड़ें अच्छी तरह विकसित हो जाएं, तो कटिंग को मिट्टी वाले गमले में लगाया जा सकता है।
अगर आपके पास पहले से एक बड़ा पोथोस पौधा है, तो उसकी बेल से कई कटिंग लेकर अलग-अलग गमलों में नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं।
7. गुलदाउदी
गुलदाउदी को भी स्टेम कटिंग के जरिए बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए स्वस्थ पौधे की लगभग 4 से 6 इंच लंबी टहनी लें।
कटिंग के निचले हिस्से की पत्तियां हटा दें और उसे नम, अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में लगा दें। शुरुआती दिनों में मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखना जरूरी है, लेकिन पानी भरने से बचना चाहिए।
अनुकूल परिस्थितियों में कटिंग से जड़ें विकसित होने लगती हैं और धीरे-धीरे नया पौधा तैयार हो जाता है। इस तरीके से एक स्वस्थ गुलदाउदी से कई पौधे तैयार करके गार्डन को अलग-अलग रंगों के फूलों से सजाया जा सकता है।
पौधों की Propagation करते समय इन बातों का रखें ध्यान
नए पौधे तैयार करना आसान है, लेकिन सफलता के लिए कुछ सामान्य बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
- हमेशा स्वस्थ और रोगमुक्त पौधे से कटिंग या ऑफसेट लें।
- कटिंग में नोड मौजूद है या नहीं, यह जरूर जांचें।
- नई कटिंग को शुरुआत में तेज धूप में रखने से बचें।
- मिट्टी नम रखें, लेकिन उसमें पानी जमा न होने दें।
- एलोवेरा जैसे सक्युलेंट पौधों में जरूरत से ज्यादा पानी न दें।
- नई जड़ें विकसित होने तक पौधे को स्थिर वातावरण दें।
- अलग-अलग पौधों के लिए propagation का सही समय अलग हो सकता है।
नर्सरी से खरीदने की जरूरत होगी कम
अगर आपके घर में पहले से स्वस्थ पौधे मौजूद हैं, तो हर बार नए पौधे खरीदना जरूरी नहीं है। सही तरीके से कटिंग, रनर, ऑफसेट या पौधे के विभाजन की मदद से एक पौधे से कई नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं।
इससे गार्डनिंग का खर्च कम होता है और आपको अपने पसंदीदा पौधों की संख्या बढ़ाने का मौका भी मिलता है। थोड़ी सी जानकारी और नियमित देखभाल के साथ आपका छोटा-सा गार्डन धीरे-धीरे कई नए पौधों से भर सकता है।


