नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी तेल एवं गैस खोज (एक्सप्लोरेशन) कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) अब अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव कर रही है। दशकों तक कच्चे तेल (Crude Oil) के उत्पादन पर फोकस रखने वाली कंपनी अब नेचुरल गैस को अपनी भविष्य की ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन मान रही है। कंपनी का मानना है कि आने वाले वर्षों में गैस की मांग, बेहतर कीमत और सरकारी समर्थन इसे सबसे आकर्षक ऊर्जा कारोबार बना देंगे।
अब ONGC खुद को ‘Gas & Oil Company’ कहना चाहती है
ONGC के चेयरमैन अरुण कुमार सिंह ने एनालिस्ट्स से बातचीत में कहा कि कंपनी को अब सिर्फ तेल उत्पादक कंपनी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक ONGC के पोर्टफोलियो में गैस का योगदान अब तेल से अधिक हो चुका है।
उन्होंने कहा कि कंपनी को अब “Oil & Gas” नहीं बल्कि “Gas & Oil” कंपनी कहा जाना चाहिए, क्योंकि भविष्य की अधिकांश वृद्धि प्राकृतिक गैस से आने वाली है।
ONGC गैस पर ज्यादा फोकस क्यों कर रही है?
भारत सरकार ऊर्जा मिश्रण (Energy Mix) में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती है। इसके साथ ही कई सेक्टरों में गैस की मांग लगातार बढ़ रही है।
मुख्य कारण:
- सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार
- औद्योगिक क्षेत्रों में गैस की बढ़ती खपत
- परिवहन क्षेत्र में CNG और LNG का उपयोग
- स्वच्छ ईंधन की ओर बढ़ता झुकाव
- सरकार की गैस-अनुकूल नीतियां
इन वजहों से ONGC को गैस कारोबार में लंबी अवधि की मजबूत संभावनाएं दिखाई दे रही हैं।
गैस कारोबार को बढ़ावा दे रही है नई प्राइसिंग पॉलिसी
ONGC के अनुसार गैस की कीमत तय करने की मौजूदा व्यवस्था कंपनी के लिए काफी लाभदायक साबित हो रही है।
सरकार ने नए गैस कुओं से निकलने वाली गैस की कीमत को कच्चे तेल की कीमतों से जोड़ दिया है। इसके अलावा:
- रॉयल्टी में कटौती
- मार्केट-लिंक्ड प्राइसिंग
- घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने वाली नीतियां
इन कदमों ने गैस उत्पादन को पहले की तुलना में ज्यादा लाभकारी बना दिया है।
कच्चे तेल में सीमित ग्रोथ की उम्मीद
ONGC का मानना है कि कच्चे तेल के उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना फिलहाल कम है।
अरुण कुमार सिंह के मुताबिक:
“तेल उत्पादन मोटे तौर पर स्थिर रहने की संभावना है, जब तक कोई बड़ी नई खोज नहीं होती।”
कई पुराने तेल क्षेत्रों में उत्पादन बनाए रखने के लिए भारी निवेश और नई तकनीकों की जरूरत पड़ रही है। यही वजह है कि कंपनी भविष्य की ग्रोथ के लिए गैस पर अधिक भरोसा कर रही है।
अगले कुछ वर्षों में 7-8% बढ़ सकता है गैस उत्पादन
ONGC ने गैस उत्पादन में सालाना 7 से 8 फीसदी वृद्धि का लक्ष्य रखा है।
इसके पीछे कई बड़े प्रोजेक्ट हैं:
- Deepwater Development Project (DUDP)
- Discovered Small Fields (DSF) Development
- Offshore Projects
- 98/2 ब्लॉक के नए कुएं
- नए गैस क्षेत्रों का विकास
इनमें से कई परियोजनाएं अगले वित्त वर्ष में उत्पादन शुरू कर सकती हैं।
नए कुओं से आने वाली गैस बनेगी ग्रोथ का आधार
कंपनी के अनुसार नए कुओं से निकलने वाली गैस पहले ही कुल गैस उत्पादन का लगभग 25% हिस्सा बन चुकी है।
ONGC का अनुमान है कि आने वाले समय में यह हिस्सा बढ़कर 30-36% तक पहुंच सकता है। जैसे-जैसे पुराने गैस और तेल क्षेत्र कमजोर होंगे, नए कुओं का योगदान और महत्वपूर्ण हो जाएगा।
ONGC हर साल कर रही है 500 कुओं की ड्रिलिंग
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए ONGC बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है।
मुख्य आंकड़े:
- हर साल लगभग 500 कुएं ड्रिल किए जा रहे हैं।
- वित्त वर्ष 2025-26 में 1.1 से अधिक Reserve Replacement Ratio हासिल किया गया।
- लगभग 33,000 करोड़ रुपये के ऑफशोर प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है।
Reserve Replacement Ratio 1 से अधिक होने का मतलब है कि कंपनी जितना उत्पादन कर रही है उससे अधिक नए भंडार जोड़ने में सफल हो रही है।
BP के साथ मिलकर बढ़ाएगी उत्पादन क्षमता
ONGC ने अपने पश्चिमी अपतटीय (Western Offshore) क्षेत्रों में उत्पादन सुधारने के लिए वैश्विक ऊर्जा कंपनी BP को टेक्निकल सर्विस पार्टनर नियुक्त किया है।
इस साझेदारी का उद्देश्य:
- उत्पादन क्षमता बढ़ाना
- रिकवरी रेट सुधारना
- संचालन दक्षता बढ़ाना
कंपनी के अनुसार शुरुआती सकारात्मक परिणाम भी दिखाई देने लगे हैं।
विदेशों में भी बढ़ा रही है मौजूदगी
ONGC केवल भारत तक सीमित नहीं रहना चाहती।
कंपनी की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय परियोजनाएं:
- Sakhalin परियोजना से स्थिर उत्पादन
- Mozambique LNG प्रोजेक्ट, जिसके 2028 तक पूरा होने की उम्मीद
- Venezuela में उत्पादन बढ़ाने की संभावना
ये प्रोजेक्ट कंपनी की आय के स्रोतों में विविधता लाने में मदद करेंगे।
रिन्यूएबल एनर्जी पर भी बड़ा दांव
ONGC केवल तेल और गैस तक सीमित नहीं रहना चाहती।
कंपनी:
- ONGC Green के जरिए नवीकरणीय ऊर्जा कारोबार बढ़ा रही है।
- OPaL पेट्रोकेमिकल बिजनेस को फिर से मुनाफे में लाने की कोशिश कर रही है।
- अगले साल तक लगभग 3 गीगावाट रिन्यूएबल क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखती है।
क्या है ONGC की नई रणनीति का मतलब?
ONGC का संदेश साफ है कि भविष्य में उसकी ग्रोथ का सबसे बड़ा आधार नेचुरल गैस होगी। गैस उत्पादन पहले ही तेल उत्पादन से आगे निकल चुका है और कंपनी को इसमें लगातार 7-8% वार्षिक वृद्धि की उम्मीद है।
सरकारी नीतियों, बेहतर कीमतों, नए प्रोजेक्ट्स और बढ़ती घरेलू मांग के बीच ONGC खुद को ऐसे ऊर्जा भविष्य के लिए तैयार कर रही है, जहां कच्चे तेल की तुलना में नेचुरल गैस उसकी सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।


