NSE Q1 Results: देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के शानदार नतीजे जारी किए हैं। बाजार में बढ़ी ट्रेडिंग गतिविधियों और अधिक उतार-चढ़ाव (Volatility) का फायदा एक्सचेंज को मिला, जिससे कंपनी का शुद्ध मुनाफा और कुल आय दोनों में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसी के साथ लंबे समय से चर्चा में चल रहे NSE IPO को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया है। कंपनी का लक्ष्य सितंबर 2026 में अपना बहुप्रतीक्षित IPO लॉन्च करना है।
जून तिमाही में 6.7% बढ़ा NSE का मुनाफा
NSE की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 6.7% बढ़कर 3,120 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही (जून 2025) में कंपनी का शुद्ध लाभ 2,924 करोड़ रुपये था।
बाजार में निवेशकों की बढ़ी भागीदारी और ट्रेडिंग वॉल्यूम में इजाफे के कारण एक्सचेंज की ऑपरेटिंग इनकम में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली।
कुल इनकम 9% बढ़कर 5,252 करोड़ रुपये
जून 2026 तिमाही में NSE की कुल आय (Total Income) सालाना आधार पर 9% बढ़कर 5,252 करोड़ रुपये रही। पिछले वर्ष इसी अवधि में कंपनी की कुल आय 4,798 करोड़ रुपये थी।
यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से ट्रेडिंग से जुड़े कारोबार और ट्रांजेक्शन चार्जेस में तेजी आने की वजह से हुई।
ट्रेडिंग ऑपरेशंस से रिकॉर्ड रेवेन्यू
तिमाही के दौरान ट्रेडिंग ऑपरेशंस से NSE का रेवेन्यू 4,100 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 12.8% अधिक है।
वहीं एक्सचेंज की कमाई का सबसे बड़ा स्रोत ट्रांजेक्शन चार्जेस रहा।
- ट्रांजेक्शन चार्जेस से आय: 3,623 करोड़ रुपये
- जून 2025 तिमाही में: 3,154 करोड़ रुपये
- सालाना बढ़ोतरी: करीब 15%
यह दर्शाता है कि बाजार में ट्रेडिंग गतिविधियां पहले की तुलना में काफी मजबूत रही हैं।
डेटा सर्विसेज से भी बढ़ी कमाई
ट्रेडिंग के अलावा NSE की डेटा और टेक्नोलॉजी सेवाओं से भी अच्छी आय हुई।
- डेटा कनेक्टिविटी चार्जेस से रेवेन्यू: 258 करोड़ रुपये
- डेटा फीड एवं टर्मिनल सर्विसेज से रेवेन्यू: 150 करोड़ रुपये
डेटा आधारित सेवाएं भी एक्सचेंज के लिए लगातार मजबूत आय का स्रोत बनती जा रही हैं।
खर्च भी बढ़ा
अप्रैल-जून 2026 तिमाही में NSE का कुल खर्च बढ़कर 1,129 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 1,053 करोड़ रुपये था।
हालांकि खर्च बढ़ने के बावजूद मजबूत ऑपरेटिंग इनकम के कारण कंपनी की लाभप्रदता पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा।
सरकार के खजाने में 20,579 करोड़ रुपये का योगदान
NSE ने बताया कि जून 2026 तिमाही के दौरान कंपनी ने विभिन्न टैक्स, शुल्क और अन्य लेवी के रूप में 20,579 करोड़ रुपये का योगदान सरकार के खजाने में किया।
सितंबर में आ सकता है NSE का IPO
देश के सबसे चर्चित IPO में शामिल NSE IPO को लेकर भी बड़ा अपडेट मिला है।
- IPO का संभावित आकार: करीब 3 अरब डॉलर (लगभग 30,000 करोड़ रुपये)
- संभावित लॉन्च: सितंबर 2026
- जून 2026 में कंपनी ने IPO का ड्राफ्ट दाखिल किया।
- अब SEBI की मंजूरी का इंतजार है।
हालांकि कंपनी ने साफ किया है कि IPO का आकार, वैल्यूएशन और लॉन्च टाइमिंग बाजार की परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है।
IPO में सिर्फ OFS रहेगा
NSE के IPO में कोई नया शेयर जारी नहीं होगा। पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए आएगा।
करीब 14.89 करोड़ शेयर, यानी कंपनी की लगभग 6% हिस्सेदारी, मौजूदा शेयरधारकों द्वारा बेची जाएगी।
संभावित विक्रेताओं में शामिल हैं—
- Temasek Holdings Pte.
- LIC
- SBI
- SBI Capital Markets
- Bank of Baroda
रिपोर्ट्स के मुताबिक SBI लगभग 2.475 करोड़ शेयर बेच सकता है, जबकि बैंक ऑफ बड़ौदा करीब 2,197 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिक्री कर सकता है।
देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज
मार्केट शेयर के लिहाज से NSE भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है।
इसके प्रमुख शेयरधारकों में शामिल हैं—
- LIC – 10.72% हिस्सेदारी
- SBI और SBI Capital Markets – संयुक्त रूप से लगभग 7.5%
- Temasek की Aranda Investments
- Canada Pension Plan Investment Board (CPPIB)
- अन्य घरेलू वित्तीय संस्थान, बीमा कंपनियां और विदेशी निवेशक
NSE का IPO आने के बाद निवेशकों को पहली बार देश के सबसे बड़े एक्सचेंज में हिस्सेदारी खरीदने का अवसर मिलेगा।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
NSE के तिमाही नतीजे बताते हैं कि भारतीय शेयर बाजार में ट्रेडिंग गतिविधियां लगातार मजबूत बनी हुई हैं। ट्रांजेक्शन चार्जेस और ट्रेडिंग रेवेन्यू में तेज बढ़ोतरी से कंपनी की आय और मुनाफे दोनों में सुधार हुआ है। यदि SEBI से समय पर मंजूरी मिलती है तो सितंबर 2026 में आने वाला NSE का IPO भारतीय पूंजी बाजार का सबसे चर्चित सार्वजनिक निर्गम साबित हो सकता है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।


