शुक्रवार के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया। ऑटो, फाइनेंशियल और रियल्टी सेक्टर की खरीदारी ने आईटी शेयरों में आई कमजोरी के असर को काफी हद तक संतुलित कर दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आज की क्लोजिंग अगले कुछ कारोबारी सत्रों की दिशा तय कर सकती है। अगर निफ्टी 24,400 के ऊपर बंद होता है, तो यह तकनीकी रूप से एक अहम ब्रेकआउट की पुष्टि मानी जाएगी।
सत्र के दौरान सेंसेक्स 101.82 अंक (0.13%) बढ़कर 78,029.97 और निफ्टी 48.90 अंक (0.20%) चढ़कर 24,366.05 पर कारोबार करता दिखाई दिया। सेक्टोरल इंडेक्स में ऑटो, रियल्टी और एनर्जी शेयर सबसे ज्यादा मजबूत रहे, जबकि आईटी और एफएमसीजी शेयरों में दबाव देखने को मिला। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी बनी रही। वहीं, India VIX में करीब 2.80% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार में फिलहाल घबराहट कम होती दिख रही है।
आज की क्लोजिंग क्यों है सबसे अहम?
सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल के अनुसार, आज का बंद भाव बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।
उनका कहना है कि यदि निफ्टी 24,400 के ऊपर क्लोजिंग देता है, तो बाजार में ब्रेकआउट कन्फर्म माना जाएगा। हालांकि, यदि यह स्तर पार नहीं हो पाता है तो मौजूदा रैली में मुनाफावसूली बढ़ सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चार कारोबारी सत्रों में शानदार तेजी के बाद आईटी शेयरों में मुनाफावसूली आना स्वाभाविक है। गुरुवार को भी आईटी इंडेक्स अपने उच्च स्तरों से नीचे फिसल गया था। ऐसे में आज बैंकिंग और अन्य सेक्टरों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है।
आईटी शेयरों पर दबाव, पावर इक्विपमेंट शेयर बन सकते हैं हीरो
अनुज सिंघल के मुताबिक, आज आईटी सेक्टर बाजार का नेतृत्व शायद न कर पाए। इसकी वजह विदेशी बाजारों में टेक शेयरों की चाल और इंफोसिस ADR में कमजोरी है।
उन्होंने कहा कि यदि आईटी शेयरों में दबाव बना रहता है तो बैंकिंग सेक्टर और पावर इक्विपमेंट कंपनियां बाजार को सहारा दे सकती हैं।
आज जिन शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी उनमें शामिल हैं—
- हिताची एनर्जी
- GE Vernova T&D (पूर्व में GV T&D)
- CG Power
इन कंपनियों में मजबूत मोमेंटम देखने को मिल सकता है।
कोस्पी की तेजी ने बढ़ाई चर्चा
दक्षिण कोरिया का KOSPI Index हाल के दिनों में असाधारण तेजी दिखा रहा है। अनुज सिंघल का कहना है कि इस तरह के 10-15% दैनिक उतार-चढ़ाव विकसित बाजारों में भी असामान्य माने जाते हैं।
उनके अनुसार भारतीय बाजार अपेक्षाकृत अधिक स्थिर और संतुलित चाल चलता है। इसलिए विदेशी बाजारों की अत्यधिक अस्थिरता का असर भारतीय आईटी शेयरों पर सीमित समय के लिए ही देखने को मिल सकता है।
क्या बैंक निफ्टी संभालेगा बाजार?
अगर आईटी सेक्टर कमजोर रहता है तो निवेशकों की नजर बैंकिंग शेयरों पर रहेगी।
विशेष रूप से HDFC Bank पिछले दो कारोबारी सत्रों से अपने 52 सप्ताह के निचले स्तर को बचाने की कोशिश कर रहा है। पिछली बार भी इन्हीं स्तरों से शेयर में 5-6% की तेजी देखने को मिली थी।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकिंग सेक्टर में बड़ी और टिकाऊ रैली के लिए बैंक निफ्टी का 57,400-57,500 के 200 DMA जोन के ऊपर टिकना जरूरी होगा।
इसके अलावा एक सकारात्मक संकेत यह भी है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली में कमी आई है। यदि अगस्त में FII खरीदारी दोबारा बढ़ती है तो बैंकिंग शेयरों को अच्छा समर्थन मिल सकता है।
2-व्हीलर और ऑटो एंसिलरी शेयर बने बाजार के स्टार
इस समय बाजार में सबसे मजबूत सेक्टरों में ऑटो शामिल है।
खासकर 2-व्हीलर कंपनियों ने लगातार नए ब्रेकआउट दिए हैं। इनके साथ-साथ ऑटो एंसिलरी कंपनियों में भी शानदार खरीदारी देखने को मिल रही है।
ऑटो सेक्टर में मजबूत डिमांड, बेहतर बिक्री के आंकड़े और सकारात्मक तकनीकी संकेत निवेशकों का भरोसा बढ़ा रहे हैं।
फार्मा सेक्टर की मजबूती बरकरार
फार्मा सेक्टर लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद इस सेक्टर में खरीदारी बनी हुई है।
इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से मार्केट ब्रेड्थ उतनी मजबूत नहीं रही है।
India VIX और PCR क्या दे रहे हैं संकेत?
विशेषज्ञों के अनुसार India VIX अब ओवरसोल्ड जोन में पहुंच चुका है, जिस पर नजर रखना जरूरी होगा।
वहीं Put Call Ratio (PCR) फिलहाल 1.26 पर है। यदि यह 1.35 के ऊपर जाता है तो बाजार ओवरबॉट स्थिति में पहुंच सकता है और मुनाफावसूली बढ़ सकती है।
अब तक बाजार का ट्रेंड “Buy on Dips” का रहा है, लेकिन चूंकि निफ्टी अपनी मौजूदा रेंज के ऊपरी स्तर पर पहुंच चुका है, इसलिए आज की क्लोजिंग बेहद अहम मानी जा रही है।
निफ्टी के लिए अहम स्तर
रेजिस्टेंस
- पहला रेजिस्टेंस: 24,350–24,400
- बड़ा रेजिस्टेंस: 24,500–24,550
सपोर्ट
- पहला सपोर्ट: 24,250–24,300
- मजबूत सपोर्ट: 24,150–24,200
ट्रेडिंग रणनीति
- यदि 24,350–24,400 के स्तर से निफ्टी रिजेक्ट होता है तो बिकवाली की रणनीति अपनाई जा सकती है।
- स्टॉप लॉस 24,450 रखें।
- यदि गैप-अप के बाद बाजार ऊपरी स्तरों पर टिकता है तभी नई खरीदारी पर विचार करें।
बैंक निफ्टी के लिए रणनीति
- प्रमुख रेजिस्टेंस: 57,400–57,500
- 57,500 के ऊपर टिकने पर लक्ष्य: 57,800–58,000
- यदि 57,500 के पास कमजोरी दिखे तो 57,800 के स्टॉप लॉस के साथ बिकवाली की रणनीति अपनाई जा सकती है।
- सपोर्ट जोन: 56,800–57,000
निष्कर्ष
भारतीय शेयर बाजार फिलहाल मजबूत तकनीकी स्तरों पर कारोबार कर रहा है। ऑटो, विशेषकर 2-व्हीलर और ऑटो एंसिलरी शेयरों में शानदार मोमेंटम देखने को मिल रहा है, जबकि आईटी सेक्टर में अल्पकालिक मुनाफावसूली का दबाव बना हुआ है। अब निवेशकों की नजर निफ्टी की 24,400 के ऊपर क्लोजिंग पर रहेगी, क्योंकि यही आने वाले दिनों की बाजार दिशा तय कर सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


