Noida Airport News: जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास आने वाले वर्षों में सिर्फ हवाई यातायात से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि एक बड़े आधुनिक शहरी और औद्योगिक क्षेत्र का विकास होने जा रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने एयरपोर्ट के आसपास सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और उद्योग से जुड़े कई अहम प्रोजेक्टों को मंजूरी दी है। इनमें इंटरसिटी बस टर्मिनल, 500 सिटी बसों का संचालन, 500 एकड़ का मेडिकल हब, यूनिवर्सिटी टाउनशिप, इंटरनेशनल स्टेडियम और ‘ताइवान सिटी’ जैसी योजनाएं शामिल हैं।
इन परियोजनाओं के जमीन पर उतरने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास का इलाका आने वाले समय में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक बड़े ट्रांसपोर्ट, एजुकेशन, हेल्थकेयर और इंडस्ट्रियल हब के रूप में विकसित हो सकता है।
सेक्टर-23 में बनेगा इंटरसिटी बस टर्मिनल
YEIDA बोर्ड ने यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के सेक्टर-23 में इंटरसिटी बस टर्मिनल विकसित करने की योजना को मंजूरी दी है। इसका मुख्य उद्देश्य नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आसपास के शहरों और कस्बों से बेहतर सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क के जरिए जोड़ना है।
एयरपोर्ट शुरू होने और यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ बड़ी संख्या में लोगों को नोएडा, ग्रेटर नोएडा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के अलग-अलग शहरों तक आने-जाने की जरूरत होगी। ऐसे में इंटरसिटी बस टर्मिनल यात्रियों को एयरपोर्ट से आगे की यात्रा के लिए सार्वजनिक परिवहन का विकल्प उपलब्ध करा सकता है।
इससे यात्रियों की निजी कार और कैब पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिल सकती है। एयरपोर्ट और आसपास के शहरों के बीच बस कनेक्टिविटी मजबूत होने से उन यात्रियों को खास फायदा होगा, जो कम लागत में सार्वजनिक परिवहन से सफर करना चाहते हैं।
100 से बढ़कर 500 होंगी सिटी बसें
एयरपोर्ट के आसपास सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए YEIDA ने सिटी बसों की संख्या 100 से बढ़ाकर 500 करने की योजना को भी मंजूरी दी है।
एयरपोर्ट के आसपास तेजी से रिहायशी, कमर्शियल और औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहे हैं। ऐसे में सिर्फ एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए ही नहीं, बल्कि इन नए विकसित होने वाले इलाकों के बीच आवागमन के लिए भी मजबूत पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की जरूरत होगी।
500 सिटी बसों की योजना इसी जरूरत को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। जैसे-जैसे एयरपोर्ट पर यात्रियों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी, वैसे-वैसे बस सेवा की मांग भी बढ़ने की संभावना है।
एयरपोर्ट से शहरों और कस्बों तक बेहतर कनेक्टिविटी
YEIDA के CEO आरके सिंह के अनुसार, प्रस्तावित इंटरसिटी बस टर्मिनल एयरपोर्ट को आसपास के क्षेत्रों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसका उद्देश्य ऐसी परिवहन व्यवस्था तैयार करना है, जिससे यात्री एयरपोर्ट से सीधे विभिन्न शहरों और कस्बों तक आसानी से पहुंच सकें।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास जिस गति से विकास कार्य हो रहे हैं, उसे देखते हुए भविष्य में यहां यातायात का दबाव काफी बढ़ सकता है। ऐसे में इंटरसिटी बस टर्मिनल और सिटी बसों की संख्या बढ़ाने का फैसला भविष्य की परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया कदम माना जा सकता है।
500 एकड़ में बनेगा मेडिकल हब
YEIDA की योजना सिर्फ ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है। एयरपोर्ट के आसपास स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए भी बड़ा प्रोजेक्ट प्रस्तावित है।
प्राधिकरण ने सेक्टर-13 और सेक्टर-14 में करीब 500 एकड़ जमीन पर मेडिकल हब विकसित करने को मंजूरी दी है। इस क्षेत्र में बड़े अस्पतालों, मेडिकल संस्थानों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की संभावना है।
मेडिकल हब विकसित होने से आसपास के शहरों और नए शहरी क्षेत्रों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकती हैं। साथ ही मेडिकल सेक्टर में अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर, संस्थान और अन्य सेवाओं के आने से रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
सेक्टर-34 में 40 एकड़ में बनेगी यूनिवर्सिटी टाउनशिप
शिक्षा के क्षेत्र में भी यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी है। सेक्टर-34 में 40 एकड़ जमीन पर यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई है।
एयरपोर्ट के आसपास उच्च शिक्षा से जुड़े संस्थानों का विकास होने से यह क्षेत्र छात्रों और शिक्षण संस्थानों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है। यूनिवर्सिटी टाउनशिप के साथ हॉस्टल, आवासीय सुविधाओं, कमर्शियल गतिविधियों और अन्य सहायक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की भी संभावना बनेगी।
इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
50 एकड़ में बनेगा इंटरनेशनल स्टेडियम
क्षेत्र में खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है। YEIDA बोर्ड ने 50 एकड़ जमीन पर इंटरनेशनल स्टेडियम के लिए जमीन मंजूर की है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनने से इस क्षेत्र में बड़े खेल आयोजनों की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इससे आसपास होटल, रेस्टोरेंट, कमर्शियल स्पेस और अन्य सेवाओं के विकास को भी बढ़ावा मिल सकता है।
इस तरह एयरपोर्ट के आसपास का क्षेत्र सिर्फ यातायात और उद्योगों तक सीमित न रहकर खेल और मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियों का भी केंद्र बन सकता है।
सेक्टर-6 में 300 एकड़ में बनेगी ‘ताइवान सिटी’
औद्योगिक विकास के लिहाज से सबसे अहम योजनाओं में ‘ताइवान सिटी’ भी शामिल है। YEIDA ने सेक्टर-6 में इसके लिए करीब 300 एकड़ जमीन खरीदने का फैसला किया है।
इस परियोजना का उद्देश्य ताइवान की कंपनियों और उद्योगों को यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में निवेश के लिए आकर्षित करना है। खासतौर पर इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियों को यहां जगह मिलने की उम्मीद है।
अगर बड़ी संख्या में कंपनियां इस क्षेत्र में निवेश करती हैं, तो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग का एक महत्वपूर्ण क्लस्टर विकसित हो सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
सिर्फ एयरपोर्ट नहीं, पूरा नया शहरी क्षेत्र विकसित करने की तैयारी
YEIDA की इन योजनाओं को एक साथ देखा जाए तो साफ है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास सिर्फ एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं किया जा रहा है। इसके साथ एक ऐसा व्यापक शहरी और आर्थिक क्षेत्र विकसित करने की तैयारी है, जहां ट्रांसपोर्ट, हेल्थकेयर, एजुकेशन, स्पोर्ट्स और इंडस्ट्री सभी को एक साथ बढ़ावा दिया जाएगा।
इंटरसिटी बस टर्मिनल और 500 सिटी बसों से कनेक्टिविटी मजबूत होगी। 500 एकड़ का मेडिकल हब स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार कर सकता है। यूनिवर्सिटी टाउनशिप शिक्षा के क्षेत्र को बढ़ावा देगी, जबकि इंटरनेशनल स्टेडियम खेल गतिविधियों के लिए नया केंद्र बन सकता है। दूसरी ओर, 300 एकड़ की ताइवान सिटी योजना क्षेत्र को इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग के लिहाज से महत्वपूर्ण बना सकती है।
आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं के विकास के साथ जेवर और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, रोजगार और रियल एस्टेट गतिविधियों पर भी असर पड़ने की उम्मीद है। ऐसे में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास का इलाका पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में शामिल हो सकता है।


