Nepal-Tibet Flood Update: नेपाल में हालिया विनाशकारी बाढ़ और अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही के बीच भोटे कोशी नदी को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने नदी के बढ़ते बहाव को लेकर आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
NDRRMA के मुताबिक, रसुवा जिला प्रशासन कार्यालय को सूचना मिली कि भोटे कोशी नदी में बाढ़ का बहाव बढ़ने की आवाज सुनाई दे रही है। इसके बाद रसुवा के अलावा नुवाकोट और धाडिंग जिलों में भी नदी के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
भोटे कोशी नदी को लेकर फिर बढ़ी चिंता
Nepal's National Disaster Risk Reduction and Management Authority tweets, "The District Administration Office, Rasuwa, has received information that the sound of increased flood flow in the Bhote Koshi River has been heard. Therefore, we request that caution be exercised in the… pic.twitter.com/9hhU4TSQWk
— ANI (@ANI) August 30, 2026 नेपाल में कुछ दिन पहले आई भीषण बाढ़ और अचानक आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी। ऐसे में भोटे कोशी नदी में दोबारा बढ़ते बहाव की सूचना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
NDRRMA ने लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने और किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहने की अपील की है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और नई जानकारी मिलने पर लोगों को अपडेट देने की बात कही गई है।
हालांकि, बाढ़ पूर्वानुमान विभाग की ओर से बाद में कहा गया कि भोटे कोशी क्षेत्र में फिलहाल बड़े स्तर की बाढ़ का तत्काल खतरा नहीं है। इसके बावजूद नदी के आसपास सावधानी बरतना जरूरी है।
रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग में सतर्कता
भोटे कोशी नदी से जुड़ी चेतावनी का असर मुख्य रूप से रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों के उन इलाकों पर है, जो नदी के आसपास स्थित हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के जलस्तर और बहाव में किसी भी बदलाव को हल्के में न लें। स्थानीय लोगों को नदी के किनारे जाने से बचने, अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की सलाह दी गई है।
नेपाल-तिब्बत में भारी तबाही, सैकड़ों लोगों की मौत
भोटे कोशी नदी को लेकर यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब नेपाल और चीन के तिब्बत क्षेत्र में हालिया बाढ़ और मलबे के तेज बहाव से भारी नुकसान हुआ है।
उपलब्ध अधिकारियों की जानकारी के अनुसार, नेपाल और तिब्बत क्षेत्र में आपदा से मरने वालों की कुल संख्या 691 तक पहुंच गई है। नेपाल में 675 मौतों और 2,498 लोगों के लापता होने की जानकारी दी गई है। वहीं, चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के ग्यिरोंग काउंटी में 16 लोगों की मौत और 546 लोगों के लापता होने की सूचना है।
नेपाल में अब तक 3,700 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। इस प्राकृतिक आपदा ने पहाड़ी सीमावर्ती क्षेत्रों में घरों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है।
पांचवें दिन भी जारी रहा खोज और बचाव अभियान
खराब मौसम के कारण कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ राहत और बचाव अभियान दोबारा शुरू कर दिया गया है। नेपाली प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने में जुटी हैं।
दुर्गम इलाकों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। बचाव दल उन स्थानों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, जहां लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है।
रसुवा स्थित अपर त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना भी बचाव अभियान का एक अहम केंद्र बनी हुई है। अधिकारियों को आशंका है कि परियोजना की कीचड़ और मलबे से भरी सुरंगों में 100 से ज्यादा लोग फंसे हो सकते हैं। ऐसे में बचाव दल लगातार खोज अभियान चला रहे हैं।
चीन की सीमा पर भी तलाश जारी
चीन की तरफ भी ग्यिरोंग सीमा क्रॉसिंग के आसपास खोज और राहत अभियान चलाया जा रहा है। बाढ़ और मलबे के तेज बहाव से सीमा क्षेत्र में मौजूद बुनियादी ढांचे को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है।
आपदा के बाद नेपाल और चीन के बीच संपर्क और आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सेवाओं को दोबारा बहाल करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।
भारत ने भी भेजी राहत सामग्री
नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा के बाद भारत की ओर से भी राहत सहायता पहुंचाई जा रही है। भारत ने प्रभावित लोगों के लिए भोजन, दवाइयां और कंबल जैसी जरूरी सामग्री भेजी है।
इसके अलावा, जिन क्षेत्रों में बाढ़ के कारण सड़क और अन्य बुनियादी ढांचा बह गया है, वहां संपर्क बहाल करने में मदद के लिए तकनीकी टीमों और प्री-फैब्रिकेटेड पुल उपलब्ध कराने की पेशकश भी की गई है।
प्रशासन की लोगों से अपील
फिलहाल भोटे कोशी नदी के आसपास के इलाकों में प्रशासन की नजर बनी हुई है। बाढ़ के बहाव में किसी भी तरह की बढ़ोतरी की स्थिति में स्थानीय लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आधिकारिक एजेंसियों की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना सबसे जरूरी है।


