5 अगस्त 1974 को जन्मीं Kajol आज अपना 52वां जन्मदिन मना रही हैं। बॉलीवुड की सबसे प्रतिभाशाली और सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाने वाली काजोल ने अपने 31 साल से ज्यादा लंबे करियर में रोमांस, फैमिली ड्रामा, थ्रिलर और इमोशनल फिल्मों के जरिए दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। उनकी सहज अदाकारी, दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और हर किरदार को जीवंत बना देने की क्षमता ने उन्हें हिंदी सिनेमा की सबसे पसंदीदा अभिनेत्रियों में शामिल किया है।
काजोल का फिल्मी सफर सिर्फ सुपरहिट फिल्मों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने ऐसे कई किरदार निभाए जो समय के साथ आइकॉनिक बन गए। उनकी फिल्मों को आज भी टीवी, ओटीटी और सिनेमाप्रेमी बार-बार देखना पसंद करते हैं। जन्मदिन के इस खास मौके पर जानते हैं काजोल की उन फिल्मों के बारे में, जिन्होंने उन्हें बॉलीवुड की सबसे चहेती स्टार बना दिया।
दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे (1995)
Dilwale Dulhania Le Jayenge में काजोल ने ‘सिमरन’ का किरदार निभाया, जिसे हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार महिला किरदारों में गिना जाता है। Shah Rukh Khan के साथ उनकी जोड़ी ने रोमांस की नई मिसाल कायम की। फिल्म के गाने, संवाद और दोनों कलाकारों की केमिस्ट्री आज भी लोगों के दिलों में ताजा है। यह फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे सफल और लोकप्रिय फिल्मों में शामिल है।
बाजीगर (1993)
Baazigar काजोल के करियर की शुरुआती बड़ी सफल फिल्मों में से एक रही। इसमें उन्होंने ‘प्रिया चोपड़ा’ का किरदार निभाया। सस्पेंस और थ्रिल से भरपूर इस फिल्म ने न सिर्फ दर्शकों को चौंकाया, बल्कि शाहरुख खान और काजोल की सुपरहिट ऑन-स्क्रीन जोड़ी की शुरुआत भी यहीं से हुई।
गुप्त: द हिडन ट्रुथ (1997)
Gupt: The Hidden Truth में काजोल ने अपनी रोमांटिक छवि से बिल्कुल अलग हटकर एक रहस्यमयी भूमिका निभाई। उनके अभिनय ने दर्शकों और समीक्षकों दोनों को प्रभावित किया। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर का ‘बेस्ट परफॉर्मेंस इन ए नेगेटिव रोल’ अवॉर्ड मिला, जो किसी अभिनेत्री के लिए उस समय बेहद खास उपलब्धि थी।
कुछ कुछ होता है (1998)
Kuch Kuch Hota Hai में ‘अंजलि’ के किरदार ने काजोल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। कॉलेज की चुलबुली लड़की से लेकर भावनात्मक और परिपक्व महिला तक उनके किरदार का सफर दर्शकों को बेहद पसंद आया। फिल्म आज भी बॉलीवुड की सबसे पसंदीदा रोमांटिक फिल्मों में गिनी जाती है।
कभी खुशी कभी ग़म (2001)
Kabhi Khushi Kabhie Gham… में काजोल ने ‘अंजलि शर्मा’ के किरदार से दर्शकों को खूब हंसाया और भावुक भी किया। उनकी कॉमिक टाइमिंग, इमोशनल सीन और पारिवारिक मूल्यों से जुड़ा अभिनय फिल्म की सबसे बड़ी ताकतों में से एक रहा। यह फिल्म आज भी हर पीढ़ी के दर्शकों की पसंदीदा फैमिली एंटरटेनर मानी जाती है।
फना (2006)
Fanaa के जरिए काजोल ने लंबे ब्रेक के बाद बड़े पर्दे पर वापसी की। उन्होंने एक दृष्टिबाधित महिला का किरदार निभाया, जिसकी जिंदगी प्यार, धोखे और संघर्ष से गुजरती है। उनके संवेदनशील अभिनय की खूब सराहना हुई और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी सफल रही।
माय नेम इज खान (2010)
My Name Is Khan में काजोल ने ‘मंदिरा’ का किरदार निभाया। शाहरुख खान के साथ उनकी जोड़ी एक बार फिर दर्शकों को पसंद आई। सामाजिक संदेश, भावनात्मक कहानी और काजोल के दमदार अभिनय ने इस फिल्म को खास बना दिया।
तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर (2020)
Tanhaji में काजोल ने ‘सावित्रीबाई मालुसरे’ का किरदार निभाया। Ajay Devgn के साथ उनकी स्क्रीन मौजूदगी ने फिल्म को भावनात्मक मजबूती दी। सीमित भूमिका होने के बावजूद उन्होंने अपने अभिनय से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। यह फिल्म उस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल रही।
तीन दशक से ज्यादा समय से कायम है काजोल का स्टारडम
काजोल ने अपने करियर में हर तरह के किरदार निभाकर यह साबित किया कि वह सिर्फ एक रोमांटिक अभिनेत्री नहीं, बल्कि एक बेहतरीन परफॉर्मर भी हैं। उन्होंने कई प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने नाम किए और भारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी फिल्मों की लोकप्रियता आज भी बरकरार है और नई पीढ़ी के दर्शक भी उन्हें उतना ही पसंद करते हैं।
52वें जन्मदिन के मौके पर यह कहना गलत नहीं होगा कि काजोल का फिल्मी सफर सिर्फ सफल नहीं, बल्कि प्रेरणादायक भी रहा है। आने वाले समय में भी उनके प्रशंसकों को उनसे कई शानदार फिल्मों की उम्मीद रहेगी।


