Jharkhand Student Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हजारों छात्र कई दिनों से धरने पर बैठे हैं। इस आंदोलन का सबसे प्रमुख चेहरा छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो बनकर उभरे हैं। उन्होंने छात्रों की मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की, जिसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर ‘झारखंड का सोनम वांगचुक’ कहा जाने लगा। आइए जानते हैं कि आखिर देवेंद्र नाथ महतो कौन हैं और क्यों उनका आंदोलन पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।
रांची में क्यों हो रहा है छात्र आंदोलन?
देश के प्रख्यात इनोवेटर श्री सोनम वांगचुक सर से वीडियो कॉल से सीधे संवाद करने का अवसर।
उन्होंने हमारे आंदोलन के प्रति अपना बहुमूल्य मार्गदर्शन, प्रेरणादायी विचार एवं हौसला प्रदान किया। उनके आग्रह पर हमने जल ग्रहण किया। साथ ही, उनसे रांची आकर आंदोलनरत छात्रों का मनोबल बढ़ाने का… pic.twitter.com/qktmMyfTtQ
— Devendra Nath Mahto (@DevendraNathMa9) August 5, 2026 झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC-CGL) और अन्य सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, OMR शीट में गड़बड़ी और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर छात्र 29 जुलाई से राजधानी रांची में आंदोलन कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगें हैं—
- JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच
- कथित अनियमितताओं की ED से जांच
- पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करना
- दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
- भविष्य की परीक्षाओं में सुधार
कौन हैं देवेंद्र नाथ महतो?

देवेंद्र नाथ महतो रांची के पास एक छोटे से गांव के रहने वाले छात्र नेता हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई बुंडू से की और बाद में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची से उच्च शिक्षा प्राप्त की।
उनकी शैक्षणिक उपलब्धियां भी काफी उल्लेखनीय हैं।
- संस्कृत में पोस्ट ग्रेजुएशन
- कुर्माली, आदिवासी एवं क्षेत्रीय भाषाओं का अध्ययन
- हजारीबाग से B.Ed. की डिग्री
महतो वर्ष 2015 से छात्र आंदोलनों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने छात्रवृत्ति, पेपर लीक, भर्ती नियमों और आरक्षण नीति जैसे मुद्दों पर लगातार आवाज उठाई है।
क्यों कहा जा रहा है ‘झारखंड का सोनम वांगचुक’?
2 अगस्त की रात देवेंद्र महतो ने छात्रों की मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी।
उनकी शांतिपूर्ण सत्याग्रह शैली, लगातार संघर्ष और छात्रों के लिए नेतृत्व की वजह से सोशल मीडिया पर लोग उनकी तुलना सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से करने लगे। इसके बाद उन्हें ‘झारखंड का सोनम वांगचुक’ कहा जाने लगा।
सोनम वांगचुक की अपील पर पिया पानी

लगातार चार दिन तक भूख हड़ताल पर रहने के बाद देवेंद्र महतो की तबीयत बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत पानी पीने की सलाह दी।
इसी दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के जरिए उनसे बातचीत की और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की।
वांगचुक ने कहा कि संघर्ष लंबा हो सकता है, इसलिए आंदोलन जारी रखने के लिए शरीर का स्वस्थ रहना जरूरी है। उनकी अपील पर देवेंद्र महतो ने पानी पिया, लेकिन अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखने का फैसला किया।
देवेंद्र महतो ने क्या कहा?
देवेंद्र महतो ने कहा कि—
“हम 25 जुलाई से सत्याग्रह कर रहे हैं। मैं 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हूं। डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी कि यदि पानी नहीं पिया तो अस्पताल में भर्ती होना पड़ेगा। लेकिन हमारा संघर्ष झारखंड के लाखों छात्रों के भविष्य के लिए है।”
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कई वर्षों से भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताएं युवाओं का भविष्य खराब कर रही हैं।
सोशल मीडिया पर भी सक्रिय
देवेंद्र महतो ने अपने X (पूर्व ट्विटर) पोस्ट में बताया कि सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल पर बातचीत हुई।
उन्होंने लिखा कि वांगचुक ने आंदोलन को लेकर मार्गदर्शन दिया और उनके आग्रह पर उन्होंने जल ग्रहण किया। साथ ही उन्होंने वांगचुक से रांची आकर छात्रों का मनोबल बढ़ाने की भी अपील की।
राजनीति में भी आजमा चुके हैं किस्मत
देवेंद्र महतो केवल छात्र नेता ही नहीं हैं।
उन्होंने 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में तमार विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव भी लड़ा था। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन छात्र राजनीति में उनकी सक्रियता लगातार बढ़ती रही।
किन मुद्दों पर आंदोलन कर रहे हैं छात्र?
झारखंड के छात्र कई भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर नाराज हैं।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा
- JSSC-CGL भर्ती परीक्षा
- झारखंड आबकारी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा
- JAC बोर्ड परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले
- OMR शीट से छेड़छाड़ के आरोप
- भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी
छात्रों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
देशभर से मिल रहा समर्थन
रांची में चल रहे इस आंदोलन को देशभर के छात्रों और युवाओं का समर्थन मिल रहा है।
कई लोग ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के जरिए आंदोलन स्थल पर भोजन और जरूरी सामान भेज रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी आंदोलन के समर्थन में लगातार पोस्ट किए जा रहे हैं।
आंदोलन का आगे क्या होगा?
फिलहाल देवेंद्र नाथ महतो ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका सत्याग्रह और भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार छात्रों की मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाती।
यदि सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच जल्द बातचीत नहीं होती, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।


