नई दिल्ली: देश के करोड़ों मोबाइल यूजर्स को आने वाले महीनों में बड़ा झटका लग सकता है। वोडाफोन आइडिया (Vi) के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा है कि नेटवर्क में निवेश बनाए रखने और अगली पीढ़ी की टेलीकॉम सेवाओं को मजबूत करने के लिए टैरिफ बढ़ाना जरूरी है। उनके इस बयान के बाद ऐसी अटकलें तेज हो गई हैं कि सिर्फ Vi ही नहीं, बल्कि रिलायंस जियो और भारती एयरटेल भी जल्द अपने मोबाइल रिचार्ज प्लान महंगे कर सकती हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश की तीनों प्रमुख निजी टेलीकॉम कंपनियां अगले 3 से 4 महीनों के भीतर मोबाइल टैरिफ में 12% से 15% तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं। अगर ऐसा होता है तो दिसंबर 2026 तक मोबाइल रिचार्ज प्लान पहले से काफी महंगे हो सकते हैं।
Highlights
- Vi चेयरमैन ने टैरिफ बढ़ोतरी को बताया जरूरी
- Jio और Airtel भी 12-15% तक दाम बढ़ा सकती हैं
- अगले 3-4 महीनों में महंगे हो सकते हैं मोबाइल रिचार्ज प्लान
- 5G नेटवर्क पर हुए भारी निवेश की भरपाई करना चाहती हैं कंपनियां
- ARPU बढ़ाना टेलीकॉम कंपनियों की सबसे बड़ी प्राथमिकता
क्यों बढ़ सकते हैं रिचार्ज प्लान के दाम?
वोडाफोन आइडिया इस समय अपने 45,000 करोड़ रुपये के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्लान के लिए फंड जुटाने में लगी हुई है। कंपनी नेटवर्क विस्तार और 5G सेवाओं को मजबूत करने के लिए बैंकों और अन्य कर्जदाताओं से बातचीत कर रही है।
ऐसे में कंपनी का मानना है कि मौजूदा टैरिफ पर लंबे समय तक निवेश जारी रखना मुश्किल होगा। यही वजह है कि कंपनी ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में मोबाइल सेवाओं की कीमतों में बदलाव जरूरी हो सकता है।
Jio और Airtel भी कर सकती हैं बढ़ोतरी
टेलीकॉम सेक्टर के जानकारों और विभिन्न मार्केट रिपोर्ट्स के अनुसार, रिलायंस जियो और भारती एयरटेल भी अगले कुछ महीनों में अपने प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान की कीमतों में 12% से 15% तक बढ़ोतरी कर सकती हैं।
भारत में पहले भी कई बार ऐसा देखा गया है कि जब एक निजी टेलीकॉम कंपनी टैरिफ बढ़ाती है, तो बाकी कंपनियां भी लगभग उसी समय अपने प्लान महंगे कर देती हैं। ऐसे में संभावना है कि इस बार भी तीनों प्रमुख ऑपरेटर एक साथ कीमतों में बदलाव करें।
कब से महंगे हो सकते हैं प्लान?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यदि कंपनियां अपने प्रस्तावित प्लान पर आगे बढ़ती हैं तो अगले 3 से 4 महीनों, यानी दिसंबर 2026 तक नए रिचार्ज प्लान लागू किए जा सकते हैं।
हालांकि, अभी तक किसी भी कंपनी ने नई कीमतों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
ARPU बढ़ाने पर है कंपनियों का पूरा फोकस
टेलीकॉम कंपनियों के लिए ARPU (Average Revenue Per User) यानी प्रति ग्राहक औसत मासिक कमाई सबसे महत्वपूर्ण प्रदर्शन संकेतकों में से एक है।
कुमार मंगलम बिड़ला का कहना है कि भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां प्रति यूजर औसत रेवेन्यू काफी कम है। यदि कंपनियों को नेटवर्क विस्तार, बेहतर सेवा और नई तकनीकों में निवेश जारी रखना है तो समय-समय पर टैरिफ बढ़ाना आवश्यक होगा।
विश्लेषकों का मानना है कि जियो और एयरटेल भी अपने ARPU को मौजूदा स्तर से बढ़ाकर करीब 300 रुपये प्रति ग्राहक प्रति माह तक ले जाना चाहती हैं।
5G निवेश की भरपाई करना चाहती हैं कंपनियां
पिछले कुछ वर्षों में भारत की टेलीकॉम कंपनियों ने 5G स्पेक्ट्रम खरीदने, नए टावर लगाने और पूरे देश में 5G नेटवर्क तैयार करने पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
फिलहाल कई प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान पर ग्राहकों को अनलिमिटेड 5G डेटा की सुविधा दी जा रही है। अब कंपनियां चाहती हैं कि इस भारी निवेश का बेहतर रिटर्न मिले, जिसके लिए टैरिफ बढ़ोतरी को एक अहम कदम माना जा रहा है।
ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
यदि मोबाइल टैरिफ में 12-15% तक की बढ़ोतरी होती है तो:
- प्रीपेड रिचार्ज प्लान महंगे हो जाएंगे।
- पोस्टपेड यूजर्स के मासिक बिल में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
- लंबी वैधता वाले प्लान की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।
- 5G सुविधाओं वाले प्लान पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है।
हालांकि, कंपनियां अभी भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कुछ प्लान्स में अतिरिक्त डेटा, OTT बेनिफिट्स और अन्य सुविधाएं जारी रख सकती हैं।
निष्कर्ष
फिलहाल Jio, Airtel और Vi की ओर से नई टैरिफ दरों का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है। लेकिन उद्योग से जुड़े संकेत बताते हैं कि अगले कुछ महीनों में मोबाइल रिचार्ज महंगे हो सकते हैं। ऐसे में जिन ग्राहकों का रिचार्ज जल्द समाप्त होने वाला है, वे मौजूदा कीमतों पर लंबी वैधता वाले प्लान लेने पर विचार कर सकते हैं।


