जामताड़ा के 25 वर्षीय युवक ने बॉम्बे हाईकोर्ट जज से ₹6 लाख की साइबर ठगी की। जानें कैसे हुआ फ्रॉड, पुलिस कार्रवाई और बचाव के उपाय।
देश में बढ़ते साइबर अपराध के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां झारखंड के जामताड़ा के एक 25 वर्षीय युवक ने बॉम्बे हाईकोर्ट के जज से करीब ₹6 लाख की ठगी कर ली। इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन घटना ने ऑनलाइन फ्रॉड की गंभीरता को फिर उजागर कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मुंबई पुलिस के अनुसार:
- आरोपी की पहचान मजहर आलम इसराइल मियां के रूप में हुई है
- वह झारखंड के जामताड़ा का रहने वाला है
- उसने एक हाईकोर्ट जज को ₹6.02 लाख का चूना लगाया
यह घटना फरवरी के अंत में शुरू हुई जब जज अपने क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट्स रिडीम करना चाहते थे।
कैसे हुआ साइबर फ्रॉड?
जांच में सामने आया कि यह पूरी ठगी एक सुनियोजित तरीके से की गई:
- जज ने इंटरनेट से कस्टमर केयर नंबर खोजा
- जो नंबर मिला, वह असली नहीं बल्कि फर्जी हेल्पलाइन था
- आरोपी ने खुद को बैंक का कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव बताया
- फिर एक लिंक भेजा और एक ऐप डाउनलोड करने को कहा
जब ऐप iPhone में नहीं चला, तो आरोपी ने:
- Android फोन इस्तेमाल करने की सलाह दी
- जज ने अपने घरेलू सहायक के फोन में SIM डालकर ऐप डाउनलोड किया
जैसे ही उन्होंने ऐप में अपने क्रेडिट कार्ड की डिटेल डाली, तुरंत उनके खाते से लगभग ₹6 लाख ट्रांसफर हो गए
पुलिस की कार्रवाई
- घटना के बाद जज ने तुरंत मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई
- कफ परेड पुलिस स्टेशन ने केस दर्ज किया
- करीब 10 दिनों की जांच के बाद आरोपी को जामताड़ा से गिरफ्तार किया गया
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी:
- 10 राज्यों में 36 से ज्यादा मामलों से जुड़ा हुआ है
- एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है
जामताड़ा फिर बना साइबर क्राइम का केंद्र
झारखंड का जामताड़ा पहले से ही साइबर ठगी का हॉटस्पॉट माना जाता है।
इस केस ने एक बार फिर दिखाया कि:
- फर्जी कस्टमर केयर नंबर
- फिशिंग ऐप
- और सोशल इंजीनियरिंग
इनके जरिए बड़े से बड़े लोगों को भी निशाना बनाया जा सकता है।
कैसे बचें ऐसे साइबर फ्रॉड से?
इस घटना से कुछ जरूरी सबक सामने आते हैं:
- इंटरनेट से मिले कस्टमर केयर नंबर पर भरोसा न करें
- किसी भी अनजान लिंक से ऐप डाउनलोड न करें
- OTP, कार्ड डिटेल या बैंक जानकारी कभी साझा न करें
- हमेशा ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप का ही उपयोग करें
बढ़ता खतरा: आम लोग भी हो सकते हैं शिकार
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे साइबर अपराध इसलिए सफल होते हैं क्योंकि:
- लोग जल्दी में निर्णय लेते हैं
- भरोसा कर लेते हैं
- और तकनीकी जानकारी की कमी होती है
यह मामला दिखाता है कि साइबर ठग अब बेहद स्मार्ट और संगठित हो चुके हैं, और कोई भी व्यक्ति उनका शिकार बन सकता है।
निष्कर्ष
जामताड़ा के इस साइबर फ्रॉड केस ने साफ कर दिया है कि डिजिटल दुनिया में सतर्कता बेहद जरूरी है।
एक हाईकोर्ट जज तक को निशाना बनाया जाना इस बात का संकेत है कि ऑनलाइन सुरक्षा को हल्के में लेना अब खतरनाक हो सकता है।
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Author: Namam Sharma
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Namam Sharma NewsJagran में बिज़नेस और फाइनेंस खबरों को कवर करते हैं।
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