IMD Rain Alert: बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन अब उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। यूपी, बिहार, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में भी अगले कई दिनों तक मौसम खराब रहने का अनुमान है।
India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल तथा उत्तरी ओडिशा के तटों पर बना वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया अब डिप्रेशन में बदल गया है। इस मौसमी सिस्टम के कारण पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और इसके बाद गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड तथा बिहार से होते हुए उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ समेत 10 से अधिक राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
ओडिशा, बंगाल, छत्तीसगढ़ और झारखंड में सबसे ज्यादा असर
बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन का सबसे ज्यादा असर पूर्वी और मध्य भारत के राज्यों में देखने को मिल सकता है। IMD ने गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड में अगले दो दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
17 अगस्त को गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। वहीं 18 अगस्त को झारखंड में भी मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है।
पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून सक्रिय रहेगा। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 17 से 23 अगस्त के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में 17 और 18 अगस्त के अलावा 20 से 22 अगस्त के दौरान भी तेज बारिश और बिजली गिरने की गतिविधियां हो सकती हैं।
यूपी, बिहार और उत्तराखंड में भी बारिश का अलर्ट
डिप्रेशन का असर उत्तर भारत तक पहुंचने की संभावना है। उत्तराखंड में 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 18 से 23 अगस्त के बीच राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17 अगस्त के अलावा 20 और 21 अगस्त को भी अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
बिहार में 17 अगस्त को भारी बारिश के साथ तेज बिजली और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। इसके बाद 18 अगस्त को कई इलाकों में बहुत भारी बारिश का अनुमान है। 19 और 20 अगस्त को भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है।
इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 17 और 18 अगस्त को बारिश के साथ तेज बौछारें और आंधी-तूफान जैसी स्थिति देखने को मिल सकती है।
मध्य प्रदेश और विदर्भ में भी सक्रिय रहेगा मानसून
मध्य भारत में भी बारिश का दौर तेज हो सकता है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 17 से 19 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 से 23 अगस्त के बीच भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
छत्तीसगढ़ में 18 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अनुमान है। विदर्भ में 17 और 18 अगस्त को व्यापक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
गुजरात, कोंकण-गोवा और दक्षिण भारत में भी बारिश
पश्चिमी भारत में भी मौसम पूरी तरह सामान्य नहीं रहेगा। कोंकण और गोवा में 17 से 23 अगस्त तक कई स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
गुजरात क्षेत्र में 17 अगस्त को भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है।
दक्षिण भारत में तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना में 17 से 21 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश देखने को मिल सकती है। कुछ क्षेत्रों में हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
पिछले 24 घंटे में कई राज्यों में भारी बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा में 21 सेंटीमीटर से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।
वहीं उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा असम, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, झारखंड, बिहार और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 7 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड हुई।
जलभराव और लैंडस्लाइड को लेकर सावधानी जरूरी
लगातार भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। वहीं पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के चलते भूस्खलन और सड़कें बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है।
IMD के अलर्ट को देखते हुए लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है। खासकर भारी बारिश वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचना और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना जरूरी है।


