IMD Weather Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 अगस्त 2026 को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। खासतौर पर छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा हिमालयी राज्यों, पूर्वोत्तर भारत और मध्य भारत के कई हिस्सों में भी तेज बारिश हो सकती है।
बारिश के साथ कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
छत्तीसगढ़, MP और यूपी में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, 20 अगस्त को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में कुछ जगहों पर कम समय में तेज बारिश होने से स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।
इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश की संभावना है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश होने की स्थिति में नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है।
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में बारिश का असर यातायात और सामान्य जनजीवन पर भी देखने को मिल सकता है। लोगों को जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भी बारिश
हिमालयी क्षेत्र के कई राज्यों में आज मौसम खराब रहने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के दौरान सड़क पर मलबा आने, फिसलन बढ़ने और छोटे नदी-नालों में अचानक पानी बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखना चाहिए।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी मूसलाधार बारिश
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। IMD ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान जताया है।
इसके साथ ही उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। लगातार बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में स्थानीय जलभराव और यातायात संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का अलर्ट
बारिश के अलावा कई राज्यों में आंधी और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
वहीं बिहार, झारखंड, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे, तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल, तेलंगाना तथा पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
तेज हवा और बिजली गिरने की स्थिति में खुले स्थानों पर रहना जोखिम भरा हो सकता है। लोगों को सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी जाती है।
इन राज्यों में बिजली गिरने का खतरा
मौसम विभाग ने कई राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा तथा उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बिजली गिर सकती है।
इसके अलावा मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली का खतरा बताया गया है।
बिजली चमकने के दौरान लोगों को खुले मैदान, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभों और अन्य ऊंची संरचनाओं से दूर रहना चाहिए। बारिश के दौरान पानी से भरे इलाकों में खड़े होने से भी बचना जरूरी है।
आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में तेज सतही हवाएं
आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है। तेज हवाओं के कारण खुले इलाकों में पेड़, बिजली के तार और कमजोर संरचनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
स्थानीय स्तर पर हवा की गति बढ़ने पर वाहन चालकों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर दोपहिया वाहन चलाने वाले लोगों को तेज हवा और बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर होगा।
समुद्र में भी खराब मौसम की चेतावनी
मौसम विभाग ने समुद्री इलाकों के लिए भी खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। अरब सागर के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलने की संभावना है।
सोमालिया और ओमान के तटों के आसपास तथा उनसे लगे समुद्री क्षेत्रों में हवा की गति 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। झोंकों के दौरान इसकी रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
इसके अलावा पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों और उससे लगे दक्षिण-पश्चिमी, उत्तर-पश्चिमी तथा कुछ उत्तर-पूर्वी और पूर्व-मध्य हिस्सों में भी तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।
बंगाल की खाड़ी में भी तेज हवाओं का असर
बंगाल की खाड़ी के कुछ समुद्री हिस्सों में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है। गल्फ ऑफ मन्नार से लगे कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण श्रीलंका के तट से लगे दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
हवा के झोंकों के दौरान इनकी गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे मौसम में समुद्र में जाने वाले मछुआरों और नाविकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
आज कहां-कहां बारिश का ज्यादा खतरा?
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक आज बारिश का असर मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है:
- छत्तीसगढ़: भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना।
- पूर्वी मध्य प्रदेश: कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश।
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश: भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश: कुछ स्थानों पर भारी बारिश।
- हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: भारी बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा।
- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: कुछ स्थानों पर भारी बारिश और गरज-चमक।
- अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय: भारी बारिश की संभावना।
- नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: कई जगह बारिश और गरज-चमक।
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: भारी बारिश का अनुमान।
- पश्चिमी मध्य प्रदेश: कुछ स्थानों पर भारी बारिश।
40-50 किमी प्रति घंटे की हवाओं का अलर्ट
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
30-40 किमी प्रति घंटे की हवाओं की चेतावनी
बिहार, झारखंड, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, केरल और माहे, तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल, तेलंगाना तथा कर्नाटक के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
बारिश के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की स्थिति में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। इसलिए लोगों को मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। बिजली चमकने के दौरान पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे खड़े नहीं होना चाहिए।
जिन इलाकों में जलभराव की समस्या रहती है, वहां वाहन लेकर निकलने से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी है। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले या यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की सलाह को प्राथमिकता देनी चाहिए।
मौसम विभाग की चेतावनी को हल्के में न लें
20 अगस्त को देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने का अनुमान है। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश आज की प्रमुख चेतावनियों में शामिल है। वहीं हिमालयी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है।
ऐसे में लोगों को अपने क्षेत्र की स्थानीय मौसम चेतावनी और प्रशासन के निर्देशों पर नजर रखनी चाहिए। खासकर तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले इलाकों में जाने से बचना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।


