HighLights
- जून में सकल GST कलेक्शन 13.9% बढ़कर ₹1,94,812 करोड़ पहुंचा।
- महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश रहे टॉप 5 राज्य।
- घरेलू खपत, आयात और विदेशी व्यापार की मजबूती से बढ़ा टैक्स कलेक्शन।
नई दिल्ली: देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू होने के नौ साल पूरे होने के साथ ही सरकार के लिए एक और बड़ी खुशखबरी आई है। जून 2026 में सकल GST कलेक्शन (Gross GST Collection) सालाना आधार पर 13.9% बढ़कर ₹1,94,812 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले साल जून में यह आंकड़ा ₹1,71,105 करोड़ था। मजबूत घरेलू मांग, आयात में तेजी और विदेशी व्यापार के बेहतर प्रदर्शन ने GST संग्रह को नई ऊंचाई पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
वित्त मंत्रालय के जारी आंकड़ों के अनुसार, इस बार CGST से ₹37,376 करोड़, SGST से ₹45,116 करोड़ और IGST से ₹1,12,320 करोड़ का संग्रह हुआ। IGST में आयात से प्राप्त ₹60,038 करोड़ भी शामिल हैं, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बढ़ती गतिविधियों का संकेत देते हैं।
GST रिफंड में भी 29% से ज्यादा की बढ़ोतरी
सिर्फ टैक्स संग्रह ही नहीं, बल्कि GST रिफंड में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली। जून 2026 में सरकार ने ₹32,436 करोड़ का रिफंड जारी किया, जबकि पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा ₹25,121 करोड़ था। यानी रिफंड में 29.1% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई।
रिफंड के बाद शुद्ध GST कलेक्शन (Net GST Collection) ₹1,62,377 करोड़ रहा, जो जून 2025 के ₹1,45,984 करोड़ की तुलना में 11.2% अधिक है। इससे साफ है कि रिफंड देने के बावजूद सरकार का वास्तविक टैक्स राजस्व मजबूत बना हुआ है।
पहली तिमाही में भी शानदार प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भी GST संग्रह मजबूत रहा। इस दौरान:
- सकल GST संग्रह: ₹6,31,699 करोड़
- पिछले वर्ष की समान अवधि: ₹5,82,542 करोड़
- वृद्धि: 8.4%
इसी अवधि में सरकार ने ₹91,482 करोड़ का GST रिफंड जारी किया, जिसके बाद शुद्ध GST संग्रह ₹5,40,218 करोड़ रहा।
यह लगातार बढ़ता टैक्स कलेक्शन भारतीय अर्थव्यवस्था में उपभोग और औद्योगिक गतिविधियों की मजबूती का संकेत माना जा रहा है।
जून में सबसे अधिक GST कलेक्शन वाले 5 राज्य
जून 2026 के दौरान सबसे अधिक GST जमा करने वाले राज्यों की सूची इस प्रकार रही:
| रैंक | राज्य | GST कलेक्शन |
|---|---|---|
| 1 | महाराष्ट्र | ₹9,924 करोड़ |
| 2 | गुजरात | ₹4,333 करोड़ |
| 3 | कर्नाटक | ₹4,118 करोड़ |
| 4 | तमिलनाडु | ₹3,639 करोड़ |
| 5 | उत्तर प्रदेश | ₹3,249 करोड़ |
इन राज्यों में मजबूत औद्योगिक गतिविधियां, बड़े विनिर्माण केंद्र, सेवा क्षेत्र और निर्यात कारोबार GST संग्रह को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
9 साल पहले लागू हुआ था GST
देश में 1 जुलाई 2017 को GST लागू किया गया था। इसका उद्देश्य पूरे देश में “एक देश, एक टैक्स” की व्यवस्था लागू करना था। GST आने के बाद VAT, सेल्स टैक्स, एंट्री टैक्स और कई अन्य अप्रत्यक्ष करों को समाप्त कर दिया गया।
इस सुधार से राज्यों के बीच कारोबार आसान हुआ, टैक्स प्रणाली अधिक पारदर्शी बनी और करदाताओं के लिए अनुपालन प्रक्रिया पहले की तुलना में सरल हुई।
घरेलू खपत और आयात दोनों से मिली मजबूती
टैक्स कनेक्ट एडवाइजरी सर्विसेज LLP के पार्टनर विवेक जालान के अनुसार, जून 2026 के GST आंकड़े यह दिखाते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था में घरेलू मांग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार दोनों मजबूत बने हुए हैं।
उनके मुताबिक:
- नेट GST कलेक्शन में 11.2% की वृद्धि हुई।
- GST 2.0 के तहत कुछ दरों में कटौती और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के प्रभाव के बावजूद घरेलू राजस्व में 2.6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- यह दर्शाता है कि संरचनात्मक बदलावों के बावजूद उपभोक्ता मांग मजबूत बनी हुई है।
आयात राजस्व में 34.6% की बड़ी छलांग
जून 2026 के आंकड़ों की सबसे बड़ी खासियत आयात से मिलने वाले टैक्स में तेज बढ़ोतरी रही।
- आयात आधारित GST राजस्व में 34.6% की वृद्धि हुई।
- सालाना आधार पर इसमें 26.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि कैपिटल गुड्स और कच्चे माल की मजबूत मांग का संकेत है, जिससे आने वाले महीनों में औद्योगिक उत्पादन और निवेश गतिविधियों को भी समर्थन मिल सकता है।
इसके अलावा GST अपीलीय ट्रिब्यूनल (GSTAT) से जुड़े मामलों में प्री-डिपॉजिट और वित्त वर्ष 2020-21 के लिए सेक्शन 74 के तहत नोटिस जारी करने जैसी प्रवर्तन कार्रवाइयों ने भी राजस्व संग्रह में योगदान दिया है।
क्या कहते हैं ये आंकड़े?
जून 2026 के GST आंकड़े यह संकेत देते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था उपभोग, विनिर्माण और आयात—तीनों मोर्चों पर मजबूती दिखा रही है। लगातार बढ़ता टैक्स संग्रह सरकार की राजस्व स्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ यह भी दर्शाता है कि आर्थिक गतिविधियां स्थिर गति से आगे बढ़ रही हैं। यदि आने वाले महीनों में यही रुझान बना रहता है, तो वित्त वर्ष 2026-27 में GST संग्रह नए रिकॉर्ड बना सकता है.


