Government Spending vs GDP: दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहां सरकार का खर्च उनकी कुल अर्थव्यवस्था यानी GDP के मुकाबले काफी ज्यादा है। कुछ देशों में सरकारी खर्च GDP के आधे से भी अधिक है। इस मामले में मध्य प्रशांत महासागर में स्थित छोटा सा देश किरिबाती सबसे ऊपर है, जहां सरकारी खर्च देश की GDP के लगभग बराबर पहुंच गया है।
किरिबाती में GDP का 98% से ज्यादा सरकारी खर्च
Countries With the Biggest Governments
Government Expenditure (% of GDP):
1. 🇰🇮 Kiribati: 98.08
2. 🇲🇭 Marshall Islands: 71.58
3. 🇺🇦 Ukraine: 71.27
4. 🇩🇲 Dominica: 58.8
5. 🇫🇮 Finland: 57.68
6. 🇫🇷 France: 57.17
7. 🇫🇲 Micronesia: 56.97
8. 🇦🇹 Austria: 56.03
9. 🇧🇪 Belgium: 54.49
10.…
— World of Statistics (@stats_feed) August 7, 2026 मध्य प्रशांत महासागर में स्थित किरिबाती इस सूची में सबसे ऊपर है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, यहां सरकार का कुल खर्च देश की GDP का 98.08 फीसदी है।
किरिबाती क्षेत्रफल के लिहाज से भी दुनिया के छोटे देशों में शामिल है। इसका कुल क्षेत्रफल करीब 811.2 वर्ग किलोमीटर है और आबादी लगभग 1.38 लाख है। देश की GDP करीब 349 मिलियन डॉलर है, जबकि प्रति व्यक्ति GDP लगभग 2,559 डॉलर बताई जाती है।
किरिबाती की अर्थव्यवस्था काफी हद तक समुद्री संसाधनों और विदेशों से मिलने वाली आय पर निर्भर करती है। मछली पकड़ने के अंतरराष्ट्रीय लाइसेंस शुल्क, विदेशी सहायता, नारियल आधारित उत्पाद और विदेशों में काम करने वाले लोगों से मिलने वाला रेमिटेंस इसकी अर्थव्यवस्था के प्रमुख स्रोत हैं।
हालांकि, छोटे द्वीपीय देश के सामने कई बड़ी चुनौतियां भी हैं। समुद्र के बढ़ते स्तर, जलवायु परिवर्तन और भौगोलिक परिस्थितियां इसके लिए लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं।
मार्शल आइलैंड्स दूसरे नंबर पर
GDP के मुकाबले सबसे ज्यादा सरकारी खर्च वाले देशों की सूची में मार्शल आइलैंड्स दूसरे स्थान पर है। यहां सरकारी खर्च देश की GDP का करीब 71.58 फीसदी है।
इस तरह किरिबाती और मार्शल आइलैंड्स जैसे छोटे द्वीपीय देशों में सरकार की आर्थिक भूमिका काफी बड़ी दिखाई देती है। सीमित घरेलू आर्थिक गतिविधियों और बाहरी सहायता पर निर्भरता की वजह से सरकारी खर्च का अनुपात भी काफी ऊंचा हो सकता है।
यूक्रेन में भी सरकारी खर्च काफी ज्यादा
इस सूची में यूक्रेन तीसरे स्थान पर है। रूस के साथ लंबे समय से जारी युद्ध के कारण यूक्रेन की अर्थव्यवस्था और सरकारी वित्त पर भारी दबाव पड़ा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, यहां सरकारी खर्च GDP का करीब 71.27 फीसदी है।
युद्ध के दौरान रक्षा, सुरक्षा, सामाजिक सहायता और अन्य सरकारी जरूरतों पर खर्च बढ़ने से सरकारी व्यय का अनुपात काफी ऊंचा हुआ है।
टॉप-10 देशों में कौन-कौन शामिल?
GDP के मुकाबले सबसे ज्यादा सरकारी खर्च वाले देशों की सूची में कई यूरोपीय और छोटे द्वीपीय देश शामिल हैं।
| रैंक | देश | GDP के मुकाबले सरकारी खर्च |
|---|---|---|
| 1 | किरिबाती | 98.08% |
| 2 | मार्शल आइलैंड्स | 71.58% |
| 3 | यूक्रेन | 71.27% |
| 4 | डोमिनिका | 58.80% |
| 5 | फिनलैंड | 57.68% |
| 6 | माइक्रोनेशिया | 56.97% |
| 7 | ऑस्ट्रिया | 56.03% |
| 8 | बेल्जियम | 54.49% |
| 9 | फ्रांस | 51.17% |
| 10 | लेसोथो | 53.48% |
इन आंकड़ों से पता चलता है कि सरकारी खर्च और GDP के बीच अनुपात अलग-अलग देशों में काफी अलग हो सकता है। किसी देश में यह अनुपात ज्यादा होने का मतलब यह जरूरी नहीं है कि वहां सरकार पूरी अर्थव्यवस्था पर नियंत्रण रखती है। आर्थिक ढांचा, सामाजिक सुरक्षा, रक्षा खर्च, सार्वजनिक सेवाएं और उस देश की कुल आर्थिक गतिविधियां भी इस अनुपात को प्रभावित करती हैं।
जर्मनी 13वें नंबर पर
यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल जर्मनी भी इस सूची में काफी ऊपर है। जर्मनी में सरकारी खर्च GDP का करीब 49.43 फीसदी है।
दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सरकारी खर्च का हिस्सा अलग-अलग है। ब्राजील में यह करीब 45.68 फीसदी, कनाडा में 44.72 फीसदी और यूके में 44.04 फीसदी है।
इसके अलावा न्यूजीलैंड में सरकारी खर्च GDP का करीब 41.86 फीसदी, जापान में 39.10 फीसदी और अमेरिका में 37.92 फीसदी बताया गया है।
भारत में कितना है सरकारी खर्च?
भारत की तस्वीर इन देशों से काफी अलग है। भारत में केंद्र सरकार का कुल खर्च GDP के करीब 14 फीसदी के आसपास है।
हालांकि, भारत के मामले में केवल केंद्र सरकार के खर्च को दूसरे देशों के कुल सरकारी खर्च से सीधे तुलना करना सही तस्वीर नहीं देता। अलग-अलग देशों में सरकारी खर्च की गणना में केंद्र, राज्य और स्थानीय सरकारों को शामिल करने का तरीका अलग हो सकता है।
भारत जैसे संघीय ढांचे वाले देश में केंद्र के अलावा राज्य सरकारें भी शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, सामाजिक योजनाओं और अन्य सार्वजनिक सेवाओं पर बड़ा खर्च करती हैं। इसलिए अंतरराष्ट्रीय तुलना करते समय General Government Expenditure जैसे समान आधार वाले आंकड़ों को देखना अधिक उपयुक्त होता है।
सरकारी खर्च ज्यादा होने का क्या मतलब है?
GDP के मुकाबले सरकारी खर्च का ऊंचा अनुपात कई कारणों से हो सकता है। विकसित देशों में सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक सुविधाओं पर सरकार का खर्च काफी अधिक हो सकता है।
वहीं छोटे द्वीपीय या विकासशील देशों में सीमित घरेलू अर्थव्यवस्था और विदेशी सहायता पर निर्भरता के कारण सरकारी खर्च का अनुपात बहुत ज्यादा दिखाई दे सकता है।
इसलिए केवल यह देखकर कि किसी देश का सरकारी खर्च GDP का 50, 70 या 90 फीसदी है, उसकी आर्थिक स्थिति को अच्छा या खराब नहीं कहा जा सकता। इसके लिए सरकारी राजस्व, बजट घाटा, सरकारी कर्ज, आर्थिक विकास और खर्च की गुणवत्ता को भी साथ में देखना जरूरी है।
किरिबाती का करीब 98 फीसदी का आंकड़ा इसी वजह से खास है। देश की अर्थव्यवस्था छोटी है और सरकारी गतिविधियों का आकार उसके मुकाबले बहुत बड़ा दिखाई देता है। दूसरी तरफ अमेरिका, जापान या जर्मनी जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सरकारी खर्च का अनुपात अलग आर्थिक और सामाजिक ढांचे को दर्शाता है।


