Gift Nifty Indicator: वैश्विक बाजारों में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। मंगलवार सुबह Gift Nifty 165 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ 24,053 के आसपास कारोबार करता दिखा, जो संकेत देता है कि घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रह सकती है। वहीं विदेशी निवेशकों की बिकवाली और बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिम ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है।
Gift Nifty ने दिए कमजोर शुरुआत के संकेत
भारतीय शेयर बाजार के लिए शुरुआती संकेत देने वाला Gift Nifty मंगलवार को लाल निशान में कारोबार करता नजर आया। करीब 165 अंकों की गिरावट यह संकेत दे रही है कि आज सेंसेक्स और निफ्टी दबाव के साथ खुल सकते हैं।
हालांकि सोमवार को बाजार ने शुरुआती कमजोरी से उबरते हुए मामूली बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया था।
- सेंसेक्स 47.01 अंक चढ़कर 77,616.40 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 50 4.10 अंक की बढ़त के साथ 24,211 पर बंद हुआ।
आईटी शेयरों में खरीदारी ने एफएमसीजी, मेटल और रियल्टी सेक्टर की कमजोरी की भरपाई की थी।
कच्चे तेल की कीमतों में क्यों आया उबाल?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ा दी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी शिपिंग पर नेवल ब्लॉकेड दोबारा लागू करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले कार्गो पर 20% ट्रांजिट फीस लगाने की घोषणा की है। इससे वैश्विक सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ गई है।
इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर तुरंत देखने को मिला।
- ब्रेंट क्रूड लगभग 2.6% चढ़कर 85.50 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया।
- WTI क्रूड भी 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा।
ऊंचे क्रूड ऑयल की कीमतें भारत जैसे आयातक देशों के लिए महंगाई और चालू खाते के घाटे की चिंता बढ़ा सकती हैं।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख
मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में मिश्रित कारोबार देखने को मिला।
- MSCI Asia Pacific Index (जापान को छोड़कर) करीब 0.4% मजबूत रहा।
- दक्षिण कोरिया का बाजार 2.2% उछला।
- जापान का निक्केई 225 लगभग 0.2% बढ़ा।
- वहीं अमेरिकी फ्यूचर्स दबाव में रहे और S&P 500 Futures हल्की गिरावट में कारोबार करते दिखे।
निवेशक फिलहाल भू-राजनीतिक घटनाक्रम और तेल की कीमतों पर नजर बनाए हुए हैं।
अमेरिकी बाजारों में रही बड़ी गिरावट
सोमवार को वॉल स्ट्रीट में बिकवाली देखने को मिली।
- Nasdaq में 1.55% की गिरावट दर्ज हुई।
- S&P 500 करीब 0.79% फिसला।
- Dow Jones भी 0.26% कमजोर बंद हुआ।
टेक्नोलॉजी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव रहा, जबकि तेल कंपनियों के शेयरों में मजबूती देखने को मिली।
ब्याज दरों पर भी बढ़ी चिंता
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर ने संकेत दिया कि यदि महंगाई 2% के लक्ष्य से ऊपर बनी रहती है तो भविष्य में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है।
इस बयान से भी वैश्विक निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान कमजोर हुआ है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय बाजार में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध बिकवाली की।
हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को सहारा देते हुए 2,171 करोड़ रुपये की खरीदारी की और लगातार चौथे कारोबारी सत्र में खरीदारी जारी रखी।
आज निफ्टी के लिए कौन से लेवल अहम?
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के अनुसार मौजूदा वैश्विक माहौल में निफ्टी अभी भी तकनीकी रूप से पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है।
अहम रेजिस्टेंस
- 24,300 – 24,400
यदि निफ्टी इस दायरे के ऊपर टिकता है तो अगला लक्ष्य 24,500 से 24,600 हो सकता है।
अहम सपोर्ट
- 24,000
यदि यह स्तर टूटता है तो निफ्टी में 23,900 से 23,800 तक गिरावट देखने को मिल सकती है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
आज बाजार की दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों, ग्लोबल संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर रहेगी। ऐसे माहौल में विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक जल्दबाजी में बड़े दांव लगाने से बचें और महत्वपूर्ण सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तरों पर नजर बनाए रखें।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


