Gift Nifty Indicator: भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार की शुरुआत सकारात्मक रहने के संकेत मिल रहे हैं। मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव कम होने, कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट और वैश्विक बाजारों में मजबूती के बीच गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) हरे निशान में कारोबार कर रहा है। इसके साथ ही निवेशकों की नजर इस सप्ताह होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक, प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक घटनाक्रम पर बनी हुई है। ऐसे में आज सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
गिफ्ट निफ्टी ने दिया मजबूत शुरुआत का संकेत
सोमवार सुबह गिफ्ट निफ्टी 23,947 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जो पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी फ्यूचर्स के क्लोजिंग लेवल से करीब 140.5 अंक ऊपर था। यह संकेत देता है कि भारतीय शेयर बाजार आज बढ़त के साथ खुल सकता है।
हालांकि, पिछले कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को घरेलू बाजार लगातार पांचवें सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ था। उस दिन:
- सेंसेक्स 331.62 अंक (0.43%) गिरकर 76,059.77 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 50 102.15 अंक (0.43%) टूटकर 23,767.45 पर बंद हुआ।
लगातार गिरावट के बाद अब वैश्विक संकेतों ने निवेशकों की उम्मीदें फिर बढ़ा दी हैं।
एशियाई बाजारों में दिखी मजबूती
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की खबरों के बाद एशियाई शेयर बाजारों में खरीदारी देखने को मिली। इससे निवेशकों को उम्मीद है कि क्षेत्र में हालात और नहीं बिगड़ेंगे तथा ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव कम रहेगा।
सोमवार सुबह प्रमुख एशियाई बाजारों का हाल:
- MSCI Asia Pacific (Japan छोड़कर) करीब 0.3% मजबूत
- जापान का Nikkei लगभग 0.4% ऊपर
- दक्षिण कोरिया का Kospi करीब 0.6% की बढ़त पर
इसके अलावा अमेरिकी फ्यूचर्स भी मजबूती के साथ कारोबार करते दिखे।
- S&P 500 Futures लगभग 0.8% ऊपर
- Nasdaq Futures करीब 1.3% की तेजी में
यूरोपीय बाजारों के फ्यूचर्स में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला।
क्रूड ऑयल में 5% से ज्यादा की बड़ी गिरावट
सोमवार के कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने से सप्लाई बाधित होने की आशंका घटी है, जिसका सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ा।
- ब्रेंट क्रूड 5.2% गिरकर 91.73 डॉलर प्रति बैरल
- WTI क्रूड 5.4% टूटकर 84.45 डॉलर प्रति बैरल
हाल ही में बढ़ते तनाव के दौरान ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया था। लेकिन अब कीमतों में आई नरमी से महंगाई संबंधी चिंताएं कम हो सकती हैं, जो शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही हैं।
अमेरिकी बाजारों का मिला-जुला प्रदर्शन
शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। निवेशकों का फोकस इस सप्ताह होने वाली फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक और बड़ी टेक कंपनियों के तिमाही नतीजों पर है।
- Dow Jones 0.46% की बढ़त के साथ बंद हुआ।
- S&P 500 में 0.05% की मामूली तेजी रही।
- Nasdaq Composite 0.64% गिर गया।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में भारी निवेश को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों पर दबाव बना रहा।
एक्सपर्ट की राय: निफ्टी के लिए कौन से स्तर अहम?
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट महंगाई का दबाव कम कर सकती है। इससे दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरें और बढ़ाने का दबाव भी कम होगा। हालांकि उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट से जुड़ी खबरें आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगी।
उनके अनुसार,
- 23,800–24,000 का दायरा निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस है।
- यदि इंडेक्स इसके ऊपर टिकता है तो 24,200 तक तेजी देखने को मिल सकती है।
- नीचे की ओर 23,700–23,600 का क्षेत्र मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।
- यदि निफ्टी 23,600 से नीचे फिसलता है तो 23,500–23,300 तक गिरावट संभव है।
HDFC सिक्योरिटीज का टेक्निकल आउटलुक
HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का कहना है कि निफ्टी ने पिछले सत्र में निचले स्तरों के पास एक मजबूत बुलिश कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया है, जो यह संकेत देता है कि निचले स्तरों पर खरीदारी बढ़ रही है।
उनके अनुसार,
- 23,600 का स्तर फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट है।
- यदि यह स्तर कायम रहता है तो आने वाले दिनों में 24,200 तक रिकवरी संभव है।
- शॉर्ट टर्म में कमजोरी बनी हुई है, लेकिन मीडियम और लॉन्ग टर्म ट्रेंड अभी भी सकारात्मक माना जा सकता है।
आज किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?
आज के कारोबार में निवेशकों का फोकस इन प्रमुख फैक्टर्स पर रहेगा:
- Gift Nifty की शुरुआती चाल
- मिडिल ईस्ट से आने वाले नए अपडेट
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से जुड़े संकेत
- कॉर्पोरेट तिमाही नतीजे
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और घरेलू निवेशकों (DII) की खरीद-बिक्री
निष्कर्ष
वैश्विक बाजारों से मिल रहे मजबूत संकेत, क्रूड ऑयल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट और गिफ्ट निफ्टी में मजबूती भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक माहौल बना रहे हैं। हालांकि निवेशकों को मिडिल ईस्ट की स्थिति, फेडरल रिजर्व के फैसले और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर लगातार नजर रखनी होगी, क्योंकि यही कारक आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


