First Sawan Somwar 2026 Shubh Yog: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। वर्ष 2026 में 3 अगस्त (सोमवार) को सावन का पहला सोमवार पड़ रहा है और इस दिन शिव भक्तों के लिए विशेष आध्यात्मिक संयोग बन रहा है। वैदिक पंचांग के अनुसार पहले सावन सोमवार पर हंसराज योग, सुकर्मा योग, धृति योग और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे चार अत्यंत शुभ योग बन रहे हैं। इन योगों में भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और व्रत-पूजन करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
मान्यता है कि सावन के सोमवार का व्रत रखने से भगवान भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य तथा अविवाहित युवक-युवतियों को मनचाहा जीवनसाथी मिलने का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
सावन 2026 में कितने सोमवार पड़ेंगे?
साल 2026 में सावन माह के दौरान कुल 4 सोमवार पड़ेंगे।
- पहला सोमवार: 3 अगस्त 2026
- दूसरा सोमवार: 10 अगस्त 2026
- तीसरा सोमवार: 17 अगस्त 2026
- चौथा और अंतिम सोमवार: 24 अगस्त 2026
सावन के सभी सोमवारों का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है और अंतिम सोमवार को कई श्रद्धालु अपने व्रत का उद्यापन भी करते हैं।
पहले सावन सोमवार पर बन रहे हैं 4 शुभ योग
इस वर्ष पहला सावन सोमवार कई शुभ ग्रह-नक्षत्रों के कारण अत्यंत फलदायी माना जा रहा है। आइए जानते हैं इन शुभ योगों के बारे में।
1. हंसराज योग
हंसराज योग पंच महापुरुष योगों में शामिल होता है। इस समय देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में स्थित हैं, जिसके कारण यह शुभ योग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह योग ज्ञान, सम्मान, धन और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करने वाला माना जाता है।
2. सर्वार्थ सिद्धि योग
पहले सावन सोमवार को सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा।
समय: रात्रि 12:01 बजे से सुबह 5:44 बजे तक।
इस योग में भगवान शिव की पूजा, जप, तप, दान, रुद्राभिषेक और धार्मिक कार्य करने से कई गुना शुभ फल प्राप्त होता है।
3. सुकर्मा योग
सुकर्मा योग प्रातःकाल से लेकर रात्रि 9:13 बजे तक रहेगा।
इस योग के स्वामी देव इंद्र और ग्रह मंगल माने जाते हैं। यह शुभ कार्यों की शुरुआत, धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ के लिए अत्यंत मंगलकारी समय माना जाता है।
4. धृति योग
रात्रि 9:13 बजे से पूरी रात धृति योग रहेगा।
धृति योग में भूमि पूजन, नया व्यवसाय शुरू करना, नई संपत्ति खरीदना, वाहन खरीदना तथा अन्य मांगलिक कार्य करना शुभ माना जाता है।
चोर पंचक में रहेगा पहला सावन सोमवार
वैदिक पंचांग के अनुसार पहले सावन सोमवार को पूरे दिन चोर पंचक रहेगा।
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र: प्रातःकाल से रात 10:00 बजे तक
- इसके बाद रेवती नक्षत्र प्रारंभ होगा।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार चोर पंचक में यात्रा और कुछ विशेष कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, जबकि भगवान शिव की आराधना, जप, तप और अभिषेक पर इसका नकारात्मक प्रभाव नहीं माना जाता।
First Sawan Somwar 2026: जलाभिषेक और शिव पूजन का शुभ मुहूर्त
भगवान शिव का अभिषेक और पूजा शुभ मुहूर्त में करने से विशेष फल प्राप्त होता है।
| मुहूर्त | समय |
|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 4:19 बजे से 5:01 बजे तक |
| अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त | सुबह 5:44 बजे से 7:24 बजे तक |
| शुभ-उत्तम मुहूर्त | सुबह 9:05 बजे से 10:46 बजे तक |
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक |
| चर-सामान्य मुहूर्त | दोपहर 2:08 बजे से 3:49 बजे तक |
| लाभ-उन्नति मुहूर्त | दोपहर 3:49 बजे से शाम 5:30 बजे तक |
| अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त | शाम 5:30 बजे से 7:11 बजे तक |
सावन सोमवार के दिन कैसे करें भगवान शिव की पूजा?
सावन सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान पर भगवान शिव का ध्यान करें और शिवलिंग पर गंगाजल, शुद्ध जल, दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से अभिषेक करें। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद पुष्प, अक्षत और चंदन अर्पित करें।
पूजा के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ तथा महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। अंत में भगवान शिव की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि एवं स्वास्थ्य की कामना करें।
सावन सोमवार व्रत का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन सोमवार का व्रत रखने से भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह व्रत वैवाहिक जीवन में सुख, संतान प्राप्ति, आर्थिक उन्नति, मानसिक शांति और रोगों से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है। अविवाहित युवक-युवतियां मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए भी यह व्रत रखते हैं।
निष्कर्ष
साल 2026 का पहला सावन सोमवार 3 अगस्त को चार दुर्लभ शुभ योगों के साथ आ रहा है। हंसराज, सर्वार्थ सिद्धि, सुकर्मा और धृति योग के संयोग में भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, मंत्र जाप और व्रत करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होने की मान्यता है। यदि आप सावन सोमवार का व्रत रखते हैं, तो शुभ मुहूर्त में शिव पूजन कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।


