भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों (FIIs/FPIs) की वापसी के संकेत मिलने लगे हैं। लगातार बिकवाली के बाद अब विदेशी संस्थागत निवेशकों ने जुलाई में फिर से खरीदारी शुरू कर दी है, जिससे बाजार का माहौल सकारात्मक हुआ है। 10 जुलाई को एफआईआई और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) दोनों की मजबूत खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी शानदार बढ़त के साथ बंद हुए।
10 जुलाई को एफआईआई और डीआईआई दोनों ने की बड़ी खरीदारी
स्टॉक एक्सचेंजों के प्रोविजनल आंकड़ों के अनुसार, 10 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार में 2,603.73 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। इस दौरान उन्होंने 15,318.07 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 12,714.35 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी बाजार में भरोसा दिखाते हुए 2,019.68 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। डीआईआई ने कुल 17,171.75 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि 15,152.07 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
जुलाई में एफआईआई ने अब तक खरीदे ₹1,968 करोड़ के शेयर
जुलाई 2026 में अब तक विदेशी निवेशकों का रुख सकारात्मक बना हुआ है। महीने की शुरुआत से लेकर अब तक एफआईआई/एफपीआई भारतीय शेयर बाजार में 1,968.81 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी कर चुके हैं।
वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी बाजार को मजबूत समर्थन देते हुए 9,245.91 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की है। लगातार घरेलू निवेश और विदेशी निवेशकों की वापसी ने बाजार में निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है।
बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी ने लगाई छलांग
10 जुलाई को प्रमुख शेयर बाजार सूचकांकों में जोरदार तेजी देखने को मिली।
- सेंसेक्स 827 अंक यानी 1.08% की बढ़त के साथ 77,569 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 50 244.10 अंक यानी 1.02% चढ़कर 24,206 पर पहुंच गया।
- बैंक निफ्टी में 1.39% की तेजी दर्ज की गई।
- निफ्टी एफएमसीजी को छोड़कर लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए।
गौरतलब है कि 8 जुलाई को अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से बाजार में तेज गिरावट आई थी, लेकिन उसके बाद लगातार दो कारोबारी सत्रों में बाजार ने अच्छी रिकवरी दिखाई।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रही तो बाजार को मिलेगा सहारा
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी आने वाले दिनों में भी जारी रहती है, तो भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला मजबूत हो सकता है। लंबे समय बाद एफआईआई का सकारात्मक रुख निवेशकों के लिए राहत की खबर माना जा रहा है।
अब जून तिमाही के नतीजों पर रहेगी बाजार की नजर
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड (वेल्थ मैनेजमेंट) सिद्धार्थ खेमका के अनुसार, अब निवेशकों का पूरा ध्यान कंपनियों के जून तिमाही (Q1) के वित्तीय नतीजों पर रहेगा। इन्हीं नतीजों के आधार पर बाजार की अगली दिशा तय होगी।
उनका कहना है कि यदि डॉलर के मुकाबले रुपया स्थिर रहता है और कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी तेजी नहीं आती, तो भारतीय बाजार का माहौल सकारात्मक बना रह सकता है। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता अभी भी वैश्विक बाजारों के लिए जोखिम का बड़ा कारण बनी हुई है।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


